पॉश इलाके में चलें बचके यहां जगहजगह हैं हचके

2019-06-13T06:01:03+05:30

- बेतियाहाता एरिया की टूटी सड़क पब्लिक को दे रही दर्द

- सिटी की पॉश कॉलोनियों की टूटी सड़कों पर नहीं जाता जिम्मेदारों का ध्यान

GORAKHPUR: शहर हाईटेक हो रहा है, यहां की सड़कें चौड़ी होने से लगाए गढ्डा मुक्त हो गई हैं। ये ऑफिस में बैठे जिम्मेदारों का कहना है। जबकि जमीनी हकीकत ये कि यहां पॉश कालोनियों की सड़कें ही टूटी हुई हैं। ये हाल तब है जब इन एरियाज में बड़े-बड़े अधिकारियों के घर मौजूद हैं। यहां की सड़कों को देखने के बाद जिम्मेदारों की पोल तो खुलती ही है साथ ही टूटी सड़कें पब्लिक को बेवजह का दर्द दे रही हैं। अगर केवल बेतियाहाता इलाके की ही बात करें तो यहां पांच सौ मीटर की सड़क पर ही करीब सौ से भी अधिक गड्ढे मिल जाएंगे। अन्य पॉश एरियाज में भी गढ्डों की गिनती करना मुश्किल ही है।

सड़क से गुजरे तो लगेंगे झटके

शहर के मेन एरिया बेतियाहाता के रास्ते से हर दिन लाखों लोग गुजरते हैं। जिनको हर दिन हचकों के चलते कूदते हुए जाना पड़ता है। इस एरिया में डॉक्टर्स, हॉस्पिटल्स और कचहरी होने के कारण छोटे और बड़े वाहन दिन भर इन्हीं रास्तों से होकर गुजरते हैं। कई बार तो इन गड्ढ़ों में फंसकर ऑटो तक खराब हो जाते हैं।

मरीज को ले जाते दूसरे रास्ते

इन सड़कों को बखूबी जानने वाले कभी भी इस रास्ते से मरीज नहीं लेकर गुजरते हैं। खास तौर से ऑपरेशन के बाद तो कतई इस रास्ते से नहीं आते-जाते। यहां के गड््ढों से मरीज को भी खतरा हो सकता है इसलिए टैक्सी या फिर घरवाले अपने पेशेंट को लेकर इधर से जाने में परहेज करते हैं।

ब्रेकर का भी पता नहीं

कॉलोनीवासियों से बात करने पर पता चला कि इस सड़क पर ब्रेकर का भी पता नहीं है। खराब सड़क पर भी ऑटो वाले तेज स्पीड में गाड़ी चलाते हैं। इसके कारण जिनके भी घर सड़क के पास हैं उन्हें अपने बच्चों की परवाह लगी रहती है। उनका कहना है कि कभी कभार तो गडढ़ों की वजह से गाडि़यां डिसबैलेंस होकर भिड़ जाती हैं।

बरसात में हो सकता हादसा

सबसे अधिक खतरा लोग बरसात को मान रहे हैं। कॉलोनीवासियों का कहना है कि इस सड़क पर इतने गढ्डे हैं जो थोड़ी भी बरसात में भर जाते हैं। इसके बाद ये जान पाना बहुत मुश्किल होता है कि कहां गढ्डा है और कहां नहीं है। इसके चक्कर में कभी भी हादसा हो सकता है।

जाएं तो जाएं कहां

कॉलोनीवासियों का कहना है कि यहीं पर घर है तो अब इस रास्ते से होकर गुजरना मजबूरी है। वहीं डॉक्टर्स, हॉस्पिटल और कचहरी के लिए भी इसी रास्ते से ही जाना है।

शहर में ऐसी कई हैं कॉलोनियां

इस समय शहर के कई एरियाज में लोग टूटी सड़कों से परेशान हैं। सुर्यकुंड कॉलोनी, राजेन्द्र नगर कॉलोनी, गोरखनाथ एरिया समेत कई इलाके हैं जहां टूटी सड़कें पब्लिक को दर्द दे रही हैं।

कोट्स

कई बार सड़क को दुरुस्त कराने की शिकायत की जा चुकी है। सड़क पर स्पीड बे्रकर भी नहीं है। जिससे कभी भी तेज वाहन की चपेट में कोई भी आ सकता है।

सुशांत सिंह

काफी दिनों से सड़कें टूटी हुई हैं। इसकी वजह से लोग इस रास्ते से हचके खाते निकलते हैं। इसे बरसात से पहले दुरुस्त करा लेना चाहिए।

विश्वजीत त्रिपाठी, पार्षद

वर्जन

जहां भी सड़कों पर गढ्डे हैं वहां पर बरसात के पहले पैचिंग का काम शुरू करा दिया जाएगा।

सुरेश चंद्र, चीफ इंजीनियर

inextlive from Gorakhpur News Desk


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