रैपिड रेल प्रोजेक्ट को पब्लिक से जोड़ने की कवायद

2019-05-28T06:00:32+05:30

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना का प्रचार-प्रसार कर रहा कॉरपोरेशन

लोगों के साथ कम्युनिटी मीटिंग कर दे रहे प्रोजेक्ट की जानकारी

प्रोजेक्ट से पब्लिक को जोड़ने की दिशा में कवायद, स्थानीय विरोध रोकने का हो रहा प्रयास

MEERUT। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो रहा है। वहीं ऐसा पहली बार है जब किसी परियोजना का निर्माण कार्य शुरू होने से स्थानीय जनता के साथ बैठक कर रायशुमारी की गई हो। नोडल एजेंसी नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के साथ स्थानीय जनता को जोड़ने काम शुरू कर दिया है। आमतौर पर बडे़ प्रोजेक्ट्स के आड़े आने वाले पब्लिक के विरोध को शांत करने और योजना की विस्तृत जानकारी देने के उद्देश्य से कॉरपोरेशन ने सामुदायिक विचार-विमर्श कार्यक्रम की शुरूआत की है।

जरा समझ लें

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरीडोर देश का प्रथम हाईस्पीड रेलवे कॉरीडोर है। अत्याधुनिक तकनीकि से विकसित हो रहे इस कॉरीडोर के बाद मेरठ से दिल्ली तक की दूसरी को 60 मिनट में तय कर सकेंगे। एनएच-58 के सेंट्रल वर्ज पर 68.03 किमी एलीवेटेड ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है तो वहीं मेरठ शहर क्षेत्र में रैपिड रेल करीब 14 किमी अंडग्राउंड दौड़ेगी। एनसीआरटीसी प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी को स्थानीय निवासियों के बीच लेकर जा रहा है। जिसका उद्देश्य लोगों को महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की बारे में जानकारी देने के साथ-साथ होने वाले निर्माण कार्य का पूरा ब्योरा देना है।

सुझाव-शिकायत का होगा निस्तारण

कॉरीडोर का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो रहा है। एनएच-58 के सेंट्रल वर्ज पर पिलर और एलीवेटेड ट्रैक का निर्माण होगा, इस दौरान लोगों को आने-जाने में समस्या भी हो सकती है। हालांकि एनसीआरटीसी ने हाइवे का जितना हिस्सा निर्माण कार्य में एंगेज किया है। उससे ज्यादा हिस्से में सड़क की वाइडनिंग कर दी किंतु फिर भी यदि स्थानीय लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो तो वे कॉरपोरेशन के अधिकारियों को अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, वहीं सुझाव भी दे सकते हैं। जिससे ट्रैफिक जाम, आवागमन में आ रही समस्या का निस्तारण हो सकेगा। सीपीआरओ ने बताया कि दिल्ली से मेरठ के बीच जिन स्थानों पर निर्माण कार्य आरंभ हो रहा है, सर्वप्रथम यहां स्थानीय लोगों के साथ कम्युनिटी विचार-विमर्श कार्यक्रम आयोजित होंगे। खासकर आबादी क्षेत्रों में दुकानदार, रेस्टोरेंट के मालिक, शिक्षण संस्थानों, कारोबारियों आदि के साथ कॉरपोरेशन के अधिकारी बैठक करेंगे।

देश के पहले हाईस्पीड रेलवे कॉरीडोर का निर्माण दिल्ली और मेरठ के बीच शुरू हो चुका है। इस प्रोजेक्ट के तहत एलीवेटेड ट्रैक और स्टेशन का निर्माण होगा। क्षेत्रीय लोगों को प्रोजेक्ट को पूरी जानकारी हो, और वे अपने सुझाव और शिकायत को हम तक पहुंचा सके इसलिए सामुदायिक विचार-विमर्श कार्यक्रम आयोजित किए जाए रहे हैं।

सुधीर कुमार शर्मा, सीपीआरओ, एनसीआरटीसी

inextlive from Meerut News Desk


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