जान बचाने के लिए बना दिया जानलेवा ब्रेकर

2019-01-01T06:00:42+05:30

- यूनिवर्सिटी हॉस्टल के पास मानक के विपरीत बनाया गया ब्रेकर

GORAKHPUR: गोरखपुर यूनिवर्सिटी हॉस्टल के सामने दुर्घटनाएं रोकने के नाम पर मानकों से परे ब्रेकर बनाया गया है। सड़क के दोनों लेन पर छह इंच ऊंचाई वाले तीन- तीन स्पीड ब्रेकर बनावा दिए गए हैं। मानकों को ताक पर रख बनाए गए स्पीड ब्रेकर्स के कारण रोजाना यहां गुजरने वाले हजारों लोगों को परेशानी हो रही है। ब्रेकर के पास आते ही गाडि़यों को स्पीड काफी कम करनी पड़ती है। ब्रेकर की ऊंचाई अधिक होने के कारण कई लोग गिर भी चुके हैं। जबकि मानकों के अनुसार स्पीड ब्रेकर की अधिकतम ऊंचाई 10 सेंटीमीटर ही होनी चाहिए। जाहिर है ब्रेकर तैयार करते समय मानकों को ध्यान में नहीं रखा गया जो अब गोरखपुराइट्स के लिए समस्या बनता चला रहा है।

ऊंचा ब्रेकर बनाता है बीमार

स्पीड ब्रेकर्स की ऊंचाई अधिक होना दुर्घटनाओं का कारण तो बनता ही है, राहगीरों को बीमार भी बना देता है। ऊंचे स्पीड ब्रेकर्स पर गुजरने से रीढ़ की हड्डी में परेशानी की संभावना बढ़ जाती है। गोरखपुर यूनिवर्सिटी हॉस्टल के सामने बने स्पीड ब्रेकर इतने ऊंचे हैं कि इससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा ही। इसके कारण कई राहगीरों ने ब्रेकर्स की ऊंचाई और बनावट पर आपत्ति जताई है।

ऐसा होना चाहिए स्पीड ब्रेकर

- स्पीड ब्रेकर की ऊंचाई 10 सेंटीमीटर होनी चाहिए.

- स्पीड ब्रेकर की चौड़ाई 3.5 मीटर होनी चाहिए.

- वृत्ताकार क्षेत्र यानी कर्वेचर रेडियस 17 मीटर होना चाहिए.

- स्पीड ब्रेकर लगाने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में आवेदन करना चाहिए.

- स्पीड ब्रेकर पर थर्मोप्लास्टिक पेंट से पट्टियां बनाई जानी चाहिए ताकि रात के समय वे ड्राइवरों की नजरों में आ जाएं।

- ड्राइवर को सचेत करने के लिए स्पीड ब्रेकर आने से 40 मीटर पहले एक चेतावनी बोर्ड लगा होना चाहिए.

बॉक्स

अब बनेगा रिपिटेड बार

ऊंचे ब्रेकर्स की समस्या का समाधान निकालते हुए पीडब्ल्यूडी अब रिपिटेड बार बनाएगा। रिपिटेड बार के तहत थर्मोप्लास्टिक पेंट से तय जगह से 50 मीटर पहले ही 6- 6 के गुच्छे में चार पट्टियां बनाई जाएंगी। जिसके ऊपर से गुजरते हुए ड्राइवर को हल्के झटके महसूस होंगे और रुकने के प्वॉइंट को लेकर वह अलर्ट हो जाएगा। प्रांतीय खंड एक्सईएन प्रवीण कुमार ने बताया कि जिन प्वॉइंट्स पर रिपिटेड बार लगाया जाएगा उनके लिए जगहों को चिन्हित किया जा रहा है। रिपिटेड बार के लिए शासन स्तर पर सहमति प्राप्त हो चुकी है। जल्द ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

कोट्स

हॉस्टल के सामने बने ब्रेकर्स काफी ज्यादा ऊंचाई के बनाए गए हैं। जिसके कारण ब्रेकर्स के बीच गाड़ी फंस सी जाती है। रविवार को मैं गिरते- गिरते बचा.

- रवि अग्रवाल, स्टूडेंट

मेरे स्पाइन में प्रॉब्लम है। जब भी मुझे मोहद्दीपुर की तरफ जाना होता है तो पैडलेगंज या रेलवे स्टेशन के रास्ते का इस्तेमाल करता हूं।

- कृष्ण गोपाल गुप्ता, बिजनेसमैन

गोरखपुर यूनिवर्सिटी ही नहीं शहर के अंदर के वार्डो में भी ज्यादा ऊंचाई के ब्रेकर बना दिए गए हैं। ब्रेकर ऊंचाई से स्पष्ट है कि मानकों का ध्यान नहीं रखा गया.

- नितिन अग्रवाल, बिजनेसमैन

inextlive from Gorakhpur News Desk


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