रेलवे टू गो ऑन फुली डिजिटल ट्रैक

2018-09-25T06:00:24+05:30

- दो अक्टूबर से रेलवे में सभी तरह के डिजिटल टिकट पर फोकस

- मोबाइल के जरिए झटपट बना सकेंगे टिकट, दिखाकर कर सकेंगे सफर

GORAKHPUR: रेलवे का सफर करने वाले मुसाफिरों को रेल एडमिनिस्ट्रेशन तरह- तरह की सहूलियतें मुहैया करा रहा है। इसे बेहतर बनाने और लोगों को अच्छी सुविधा देने की कवायद रोजाना चल रही है। इस सीरीज में अब रेलवे ने एक कदम और आगे बढ़ाया है। रेलवे दो अक्टूबर से फुली डिजिटल ट्रैक पर दौड़ने की तैयारी पूरी कर चुका है। इसके तहत पैसेंजर्स को रिज‌र्व्ड या अनरिज‌र्व्ड किसी भी तरह का रेल सफर करने के लिए न तो रिजर्वेशन काउंटर पर लाइन लगाने की जरूरत है और न ही उन्हें यूटीएस काउंटर पर पसीना बहाने का कोई काम है। पैसेंजर्स को अपने मोबाइल के जरिए ही यह सुविधा मिल जाएगी और वह इस पर आने वाले टिकट को दिखाकर सफर कर सकेंगे.

अब तक बनवाना पड़ता था टिकट

रेलवे पैसेंजर्स को फरवरी 2018 से ही मोबाइल एप के जरिए जनरल टिकट बुक कराने की फैसिलिटी थी, लेकिन टिकट बुकिंग के बाद उन्हें इसे प्रिंट कराने के लिए या तो काउंटर पर लाइन लगानी पड़ती थी या फिर स्टेशन पर लगी पीओएस मशीन के जरिए उन्हें टिकट प्रिंट करना पड़ता था। यहां पर भी लंबी लाइन होने की कंडीशन में उन्हें भी इंतजार करना पड़ता था। मगर अब पैसेंजर्स के पास पहुंचा एसएमएस खुद ही प्रूफ होगा और उन्हें टिकट प्रिंट कराने की जरूरत भी नहीं होगी। हालांकि अभी रेलवे ने प्रिंटेड टिकट बुक करने का ऑप्शन भी दिया हुआ है। पैसेंजर्स अपनी सुविधा के मुताबिक फैसिलिटी अवेल कर सकते हैं। दो अक्टूबर से लोगों को इस फैसिलिटी का फायदा मिलने लगेगा.

अब एक स्टेप में ही रजिस्ट्रेशन

टिकट बनाने की प्रॉसेस को भी रेलवे ने काफी आसान कर दिया है। इसके तहत जहां लोग चार स्टेप में फॉर्म भरने के बाद रजिस्टर्ड होते थे, अब एक ही स्टेप में रजिस्ट्रेशन कर दिया जाएगा। इससे पहले पैसेंजर्स को पासवर्ड एसमएएस के जरिए मिलता था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब लोगों के पास खुद ही पासवर्ड जनरेट करने की फैसिलिटी मिल जाएगी। इतना ही नहीं यूटीएस एप को अब आईसीएमएस से जोड़ दिया गया है, जिससे संबंधित स्टेशन पर आने वाली गाडि़यों की जानकारी भी लोगों को एप के जरिए मिलती रहेगी और लोगों को पूछताछ काउंटर भी पसीना नहीं बहाना पड़ेगा।

ऐसे लें जनरल टिकट -

- प्ले स्टोर से क्रिस की यूटीएस मोबाइल एप डाउनलोड करें या वेबसाइट utsonmobile.indianrail.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करें.

- यात्री को यूटीएस ऐप्लीकेशन पर रजिस्टर होने के लिए सिर्फ एक बार साइन- अप करना होगा।

- इस दौरान उन्हें पासवर्ड भी जनरेट करने का मौका मिलेगा.

- एप में लॉगइन करने के बाद पैसेंजर्स को मोबाइल स्क्रीन पर दिए पेपरलेस टिकट का ऑप्शन चुनना होगा.

- स्क्रीन पर टिकट सेव हो जाएगा और आप ट्रेन में इसे दिखाकर सफर कर सकते हैं.

- रेलवे स्टेशन या रेलवे लाइन के 50 मीटर दायरे में आने पर नहीं बुक होगा टिकट

- जीपीएस लोकेशन ऑन करनी होगी जरूरी

दो अक्टूबर से ट्रेंस के जनरल टिकट बुक कराने की फैसिलिटी मोबाइल एप के जरिए भी मिलेगी। खास बात यह है कि लोगों को टिकट प्रिंट नहीं कराना होगा, बल्कि मोबाइल टिकट भी मान्य होगा.

- संजय यादव, सीपीआरओ, एनई रेलवे

inextlive from Gorakhpur News Desk


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