खत्म होगा खेल रिजर्वेशन के दलाल जाएंगे जेल

2016-07-30T12:18:03+05:30

GORAKHPUR रेल प्रशासन से लेकर पैसेंजर्स तक टिकट के दलालों से परेशान होते हैं इसलिए रेल प्रशासन इनपर रोक लगाने के लिए तरहतरह के उपाय कर रहा है इसी कड़ी में रेलवे बोर्ड एक नई पहल करने जा रहा है इसके तहत सभी टिकट काउंटर्स पर फेस डिटेक्टर मशीन लगाई जाएगी जब एक ही दलाल बारबार टिकट निकालने की कोशिश करेगा तो यह मशीन उसका चेहरा टे्रस कर लेगी पुष्टि होने पर दलाल जेल की हवा खाएंगे

महीने में सिर्फ छह बार टिकट
रेलवे बोर्ड ने जो मानक तय किया है, उसके तहत अब एक व्यक्ति महीने में सिर्फ छह बार ही टिकट निकाल सकेगा. ऐसे में अगर किसी भी रिजर्वेशन काउंटर पर महीने में छह बार से अधिक टिकट निकालता कोई मिला तो पहले तो उससे पूछताछ की जाएगी. अगर मामला संदिग्ध लगा तो उसपर रेलवे की ओर से कार्रवाई की जाएगी. सूत्रों के मुताबिक इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है. जल्द ही रेलवे स्टेशन सहित अन्य सभी टिकट काउंटर्स पर फेस डिटेक्टर मशीन लगनी शुरू हो जाएगी.
बुकिंग क्लर्क के पास होगी हिस्ट्री
सूत्र बताते हैं कि फेस डिटेक्टर मशीन सभी काउंटर्स पर लगाई जाएगी. इसमें कोई व्यक्ति जब दूसरी बार उस काउंटर पर टिकट लेने जाएगा तो बुकिंग क्लर्क के पास लगी मशीन में उसकी हिस्ट्री खुल जाएगी. इसमें पता चल जाएगा कि पहले उस व्यक्ति ने कब और कहां के लिए टिकट लिया था. ऐसे में अगर महीने में छह बार से अधिक या फिर बार-बार टिकट लेता पाया गया तो उससे पूछताछ होगी, भले ही वह किसी भी काउंटर से टिकट लिया हो. दलाली स्पष्ट होने पर रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी.
रेलवे बोर्ड ने मांगा डेटा
अधिकारियों के मुताबिक इसके लिए रेलवे बोर्ड ने सभी रेलवे जोन्स से उनके रिजर्वेशन काउंटर्स की संख्या का डेटा भी मांगा है. साथ ही यह डेटा भी मांगा है कि किन काउंटर्स पर ज्यादा टिकट दलाली की शिकायतें आती हैं. ज्यादातर डेटा देखते हुए रेलवे बोर्ड ने इस बात का फैसला लिया है कि इसके पहले क्रम में तत्काल टिकट काउंटर्स पर यह मशीन लगाई जाएगी. इसके बाद इसे सभी काउंटर्स पर शुरू कर दिया जाएगा.
यहां होती सबसे ज्यादा दलाली
अगर सिर्फ गोरखपुर की बात करें तो यहां के धर्मशाला बाजार के टिकट काउंटर्स से लेकर गोरखनाथ, डोमिनगढ़ व गोरखपुर कैंट में इन दिनों टिकट दलालों का खूब बोलबाला है. सूत्र बताते हैं कि यह टिकट दलाल हर रोज देर रात में ही आकर यहां लाइन लगा लेते हैं. इसके एवज में उनका सरगना उन्हें प्रति व्यक्ति 300-500 रुपए भी देता है. ऐसे में अगर इन जगहों पर फेस डिटेक्टर मशीन लगाई गई तो इन टिकट दलालों पर काफी हद तक अंकुश लग सकेगा.


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