बेटे की मौत ने पहुंचाया रैम्बो को हिंदू धर्म की शरण में

2015-10-15T07:40:42+05:30

फ्लैग--हॉलीवुड स्टार सिल्वेस्टर स्टेलेन ने भाई को भेजकर 10 अक्टूबर को हरिद्वार में किया बेटे का तर्पण

- सिल्वेस्टर अपने पुत्र सेंग के लिए करीब तीन वर्ष पहले यहीं पर गाय भी दान करा चुके हैं

- 2007 में हॉलीवुड एक्ट्रेस निकोल किडमैन के जरिए आए थे हिंदू पंडितों के संपर्क में

द्धड्डह्मद्बस्त्र2ड्डह्म@द्बठ्ठद्ग3ह्ल.ष्श्र.द्बठ्ठ

॥न्क्त्रढ्ढष्ठङ्खन्क्त्र (14 ह्रष्ह्ल):

हिंदू धर्म के सबसे प्राचीन और वास्तविक होने की बात भले ही हम लोग खुद नहीं मान रहे हों और इसकी परंपराओं को ढकोसला कहकर आलोचना करते हों, लेकिन इन परंपराओं के दीवाने विदेशी भी हो रहे हैं। ये दीवाने हॉलीवुड की उस सुनहरी दुनिया में भी हैं, जिनके फैंस की भरमार पूरे व‌र्ल्ड में है। हिंदू धर्म की शरण लेने वाले ऐसे ही एक दीवाने हॉलीवुड के सबसे फेमस एक्टर्स में से एक सिल्वेस्टर स्टेलेन भी हैं। अपने फैंस के बीच रॉकी और रैम्बो के नाम से मशहूर सिल्वेस्टर सैटरडे को हिंदू धर्म की शरण ली है। वह खुद तो यहां नहीं आ पाए, लेकिन उन्होंने अपने छोटे भाई को धर्मनगरी हरिद्वार भेजकर मां गंगा की शरण में अपने दिवंगत बेटे सेंग की आत्मा की शांति के लिए तर्पण की परंपरा को पूरा कराया।

सती घाट पर कराया तर्पण

पितृपक्ष के दौरान सिल्वेस्टर खुद तो धर्मनगरी नहीं पहुंचे, लेकिन उन्होंने अपने छोटे भाई माइकल स्टेलेन के जरिए यहां कनखल के सतीघाट पर ¨पडदान के निमित कर्मकांड पूरा कराया। कर्मकांड की प्रक्रिया को अंजाम देने वाले भारतीय च््राच्य विद्या सोसाइटी के अध्यक्ष डा। प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि माइकल के साथ उनकी पत्नी मिशेल, रशियन फिल्म एक्टर एलेक्सी व उनकी पत्नी ओलंगा भी थी। कनखल के सतीघाट पर ¨पडदान, तर्पण और शैय्या दान के कर्म संपन्न कराए गए। कर्मों के संपादन में पंडित पंकज ने भी योगदान दिया। उन्होंने बताया कि सिल्वेस्टर स्टेलेन अपने पुत्र सेंग के लिए करीब तीन वर्ष पहले यहीं पर गौ दान भी कर चुके हैं।

निकोल किडमैन के जरिए आए संपर्क में

सिल्वेस्टर के हिंदू धर्म से जुड़ाव की शुरुआत 2007 के लगभग हुई। डा। प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि 2007 में जब वह योग सिखाने यूरोप गए थे तो उनकी मुलाकात हॉलीवुड एक्ट्रेस निकोल किडमैन से हुई थी, जिन्होंने बाद में उन्हें सिल्वेस्टर स्टेलेन से मिलवाया। प्रतीक ने उस समय सिल्वेस्टर को हिंदू धर्म के बारे में अनेक जानकारियां दी थी, जिनमें ये भी बताया था कि किस तरह ¨हदू च्योतिषाचार्य आने वाले संकट के प्रति कुंडली के जरिए पहले ही आगाह कर देते हैं। तब स्टेलेन को विश्वास नही हुआ, लेकिन निकोल के कहने पर मिश्रपुरी ने सिल्वेस्टर स्टेलेन की और उनके बेटे सेंग की कुंडली बनाकर देखी थी।

बता दिया था बेटे का मृत्यु योग

मिश्रपुरी के अनुसार, उन्होंने उनके बेटे के कुंडली में आकस्मिक मौत का योग देखकर सिल्वेस्टर को इसका उपाय कराने के लिए आगाह किया था, लेकिन सिल्वेस्टर ने इस बात को ठीक नहीं माना। 2011 में कार दुर्घटना के दौरान उनके बेटे सेंग की मृत्यु होने पर स्टेलेन को मिश्रपुरी की भविष्यवाणी याद आई। हालांकि तब भी उन्हें विश्वास नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने फिर भी हरिद्वार में अपने बेटे के नाम पर गाय दान कराई थी। इसके कुछ दिनों बाद से सिल्वेस्टर के सपनों में उनका बेटा सेंग आने लगा और उन्हें वही दुर्घटना दिखने लगी। लगातार ऐसा होने पर उन्होंने निकोल के जरिए मिश्रपुरी से फिर संपर्क किया।

तर्पण कराने की सलाह पर पहुंचे हरिद्वार

इसके बाद नवंबर, 2014 में जब मिश्रपुरी जब अमेरिका के लॉज एंजेलिस सिटी पहुंचे तो वह सिल्वेस्टर स्टेलेन से मिले। तब ही सिल्वेस्टर ने उनसे अपने पुत्र की आत्मा की शांति के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि गंगा के किनारे हरिद्वार में तर्पण कर्मकांड, दान पुण्य करने से उसके पुत्र की आत्मा को शांति मिलेगी। उसके बाद ही 10 अक्टूबर को सिल्वेस्टर ने अपने भाई को श्राद्ध पक्ष में यहां तर्पण कराने के लिए भेजा और अपने पुत्र की आत्मशांति के लिए कर्मकांड किया। मिश्रपुरी ने सिल्वेस्टर स्टेलेन के हवाले से बताया कि अब वह पहले से अच्छा महसूस कर रहे हैं और अब उन्हें दिखाई देने वाले दुर्घटना के सपने आने बंद हो गए हैं।

¨हदू धर्म को मानने वाला कोई भी व्यक्ति तर्पण कर सकता है।

- डा। प्रतीक मिश्रपुरी

inextlive from Dehradun News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.