राजबल्लभ दुष्कर्म के दोषी करार

2018-12-16T06:00:35+05:30

- दोषियों में चार महिलाएं भी, 21 दिसंबर को सुनाई जाएगी सजा

PATNA: नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में एमपी- एमएलए कोर्ट ने शनिवार को राजद से निलंबित नवादा विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजबल्लभ यादव सहित छह को दोषी पाया है। विशेष न्यायाधीश परशुराम सिंह यादव ने सजा पर सुनवाई के लिए 21 दिसंबर तारीख मुकर्रर की है।

चार महीने तक चली बहस

अदालत ने राजबल्लभ के अलावा नालन्दा जिले की सुलेखा देवी, सुलेखा की मां राधा देवी, बहन टुसी देवी, बेटी छोटी और दामाद संदीप सुमन उर्फ पुष्पंजय को दोषी पाया। सभी जेल से अदालत लाये गये थे। अदालत ने 3 दिसंबर को अपना निर्णय सुरक्षित रखा था। अभियोजन की ओर से मामले में 22 और बचाव पक्ष की ओर से 15 गवाहों ने गवाही दी है। विधायक की ओर से मामले में अधिवक्ता सुनील कुमार सहित अनेक वकीलों ने बहस में भाग लिया था। दोनों ओर की बहस करीब चार महीनों तक चली। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह मामला ट्रायल के लिए बिहारशरीफ सिविल कोर्ट से पटना की विशेष अदालत में 5 जून 2018 को आया। शनिवार को भी पटना सिविल कोर्ट में लोग निर्णय जानने को उत्सुक दिखे.

हो सकती है उम्रकैद की सजा

राजबल्लभ, सुलेखा और राधा को अधिकतम उम्रकैद और न्यूनतम 7 वर्ष तक की सजा हो सकती है। वहीं छोटी, टुसी और संदीप को अधिकतम 10 वर्ष की सजा हो सकती है। सुलेखा, राधा, छोटी, टुसी और संदीप पर पीडि़ता को राजबल्लभ के पास पहुंचाने का आरोप है।

इन धाराओं में पाए गए दोषी

- आइपीसी की धारा 376 और 4 तथा 8 पाक्सो एक्ट के तहत विधायक को दोषी पाया।

- आइपीसी की धारा 366ए तथा 120बी और पाक्सो एक्ट की धारा 4, 5 और 17 तथा अनैतिक तस्करी अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत अदालत ने सुलेखा और राधा को दोषी पाया.

- कोर्ट ने छोटी, टुसी व संदीप को आइपीसी की धारा 366ए व 120बी व अनैतिक तस्करी अधिनियम की धारा 4 व 5 के तहत दोषी पाया।

inextlive from Patna News Desk


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