खामियों भरा आवेदन कैसे मिलेगा राशन?

2015-03-30T07:02:42+05:30

- 26 हजार में से 10 हजार आवेदन में खामियां

- अब स्पेशल कैंप आयोजित करने की चल रही है तैयारी

- खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने की डेट बढ़ी

sharma.saurabh@inext.co.in

MEERUT : राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था अधिकारियों के लिए गले का फांस बन गया है। अभी तक जितने भी ऑनलाइन आवेदन आए हैं, उनमें से अधिकतर गलत हैं। लिहाजा एक अप्रैल से लागू होने वाली खाद्य सुरक्षा अधिनियम की डेट भी बढ़ गई है। साथ ही ऑनलाइन आवेदन की डेट भी आगे खिसका दी गई है। ताकि, आवेदन में जो भी खामियां हैं, उसे दूर किया जा सके। वहीं दूसरी ओर राशन कार्ड होल्डर्स आवेदन में करेक्शन कराने के लिए डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफिस का चक्कर काट रहे हैं। अब अधिकारी स्पेशल कैंप आर्गनाइज्ड करने की सोच रहे हैं, जिससे कैंप में लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जा सके।

10 हजार आवेदन में खामियां

खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू करने के लिए जोर-शोर से कवायद की जा रही है। राशन कार्ड पर जेंट्स की बजाय लेडीज मुखिया का नाम अंकित होगा। कम्यूटराइज्ड राशन कार्ड पब्लिक करने के उद्देश्य से लोगों से फरवरी में ऑनलाइन आवेदन मांगें गए थे। विभाग की वेबसाइट fcs.up.nic.in पर जाकर मेरठ डिस्ट्रिक्ट के ख्म् हजार लोगों ने ऑनलाइन आवेदन भी किए हैं, लेकिन, ऑनलाइन आवेदन करने की सच्चाई यह है कि ख्म् हजार में से क्0 हजार आवेदन में ऐसे हैं, जिनमें तमाम तरह की खामियां पाई गई हैं। अब विभाग के अधिकारी इन आवेदन का नए सिरे से करेक्शन करने की तैयारियों में जुट गए हैं।

यह हैं खामियां

फॉर्म में महिला मुखिया का नाम मेंशन करना कंपल्सरी है, लेकिन, कुछ लोगों को छोड़ दिया जाए तो, बाकी के लोगों ने पुरुष मुखिया का नाम मेंशन कर रखा है। यही नहीं आधार कार्ड नंबर या फिर वोटर कार्ड नंबर का भी कई आवेदनों में उल्लेख नहीं है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पहले आवेदन के दौरान जो आईडी क्रिएट हुई है। उसी आईडी से दोबारा फॉर्म का करेक्शन आवेदक कर सकते है। राशन कार्ड होल्डर्स के समस्याओं को दूर करने के लिए स्पेशल कैंप भी लगाया जाएगा। ताकि, कैंप में आकर लोग अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकें, जिन लोगों को ऑनलाइन आवेदन में किसी तरह की समस्या आ रही है। वे मैनुअली भी आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाइन आवेदन की डेट बढ़ी

आवेदन में गड़बडि़यों को देखते हुए ऑनलाइन आवेदन की डेट भी बढ़ा दी गई है। फ्क् मार्च से आवेदन की आखिरी डेट आगे खिसका कर क्भ् अप्रैल कर दिया गया है। ताकि, मैक्सिमम लोग अपना आवेदन कर सकें और आवेदन में जो भी खामियां है उसका करेक्शन करवा सकें। यही नहीं खाद्य सुरक्षा अधिनियम भी अब फ‌र्स्ट अप्रैल को लागू नहीं होगी। अब यह अधिनियम फ‌र्स्ट अक्टूबर को लागू किया जाएगा।

हजारों की संख्या में आए आवेदन में खामियां हैं, जिसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। जिनको ऑनलाइन आवेदन करने में दिक्कत आ रही है वे मैनुअली आवेदन कर सकते हैं। राशन कार्ड होल्डर्स के पास दोनों ही ऑप्शन हैं।

- डीएन श्रीवास्तव, डीएसओ

फैक्ट एंड फिगर

- जिले कुल राशन कार्ड धारकों की संख्या 7,7फ्,म्7ख्।

- जिले में बीपीएल कार्ड धारकों की संख्या क्भ्,ब्ब्फ्।

- जिले में एपीएल कार्ड धारकों की संख्या 7,ब्9,000.

- जिले में अंत्योदय कार्ड धारकों की संख्या 9,ख्ख्9.

- जिले में ऑनलाइन करने वालों की संख्या ख्म् हजार।

- जिले में ऑनलाइन फॉर्म गलत भरने वाले लोगों की संख्या क्0 हजार।

- ऑनलाइन फॉर्म भरने की लास्ट डेट थी फ्क् मार्च।

- अब ऑनलाइन फॉर्म भरने की लास्ट डेट हुई क्भ् अप्रैल।

- खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने की डेट थी क् अप्रैल।

- खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने की डेट हुई क् अक्टूबर।

inextlive from Meerut News Desk


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