यहां भी कोचिंग के हालात अच्छे नहीं

2019-05-26T06:00:22+05:30

i reality check

वाटर पाइप तो दूर किसी भी हॉल में फायर इंस्टिग्यूशर तक नहीं लगे

PRAYAGRAJ: प्रयागराज भी कोचिंग की मंडी बनने की ओर अग्रसर है। शुक्रवार को सूरत के कोचिंग सेंटर में हुई घटना को नोटिस लेते हुए दैनिक जागरण आई नेक्स्ट शनिवार को कोचिंग में आग से बचने के उपायों की पड़ताल शुरू की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आये। अधिकांश स्थानों पर फायर फाइटिंग को सीरियसली लिया ही नहीं गया मिला।

संधान में फायर का समाधान नहीं

रिपोर्टर सबसे पहले सरदार पटेल मार्ग स्थित संधान आईएएस कोचिंग पहुंचा। सेकंड फ्लोर पर कोचिंग तक जाने के लिए सिर्फ एक रास्ता मिला। सीढि़यों से होकर ही यहां पहुंचा जा सकता है। रिपोर्टर सीधे कोचिंग के उस हॉल में पहुंचा जहां बच्चे बैठते हैं। हॉल में करीब सौ बेंच लगी थी। एक भी फायर इंस्टिग्यूशर नहीं मिला। हॉल में प्रवेश और निकास का भी एक ही दरवाजा था। जिस सीढ़ी को चढ़कर जाना है उसी से उतरना भी है। काफी बड़े इस हॉल में कहीं भी टंकी से जुड़ी हुई पाइप नहीं दिखी। यह पाइप भी फायर ब्रिगेड के मानकों का एक अहम हिस्सा है।

रिपोर्टर पर भड़कीं काउंसलर

केबिन में बैठी पल्लवी सिंह ने खुद को काउंसलर बताया। संस्थान में फायर सीज के इंतजाम पर सवाल करते ही उनका मिजाज कड़क हो गया। कहना था आप से क्या मतलब है। इस तरह से कोई भी जानकारी आप को नहीं दी जा सकती। एक मोबाइल नंबर देते हुए उन्होंने कहा कि यह नंबर डॉ। सुधांशु त्रिपाठी का है। शाम छह बजे के बाद उनसे आप बात करिएगा। वह कहेंगे तो आइएगा। उनकी परमीशन के बगैर न कुछ बता सकते हैं और न ही दिखा सकते हैं। दिए गए नंबर पर कॉल किया गया तो पल्लवी सिंह ने ही रिसीव किया।

कॅरियर व‌र्ल्ड में फायर व्यवस्था कंडम

पत्रिका चौराहे के पास स्थित कॅरियर व‌र्ल्ड कोचिंग के हालात और भी बदतर मिले। यह कोचिंग ग्राउंड फ्लोर पर ही स्थित है। इंट्रेंस को हाई फाई बनाया गया है ताकि कोई भी इसे देखकर प्रभावित हो जाय। दरवाजे से इंट्री करते ही एक कर्मचारी ने रोक कर पूछा क्या काम है। मकसद बताने पर उसने बैठ जाने के लिए कहा। करीब 20 मिनट इंतजार के बाद रिपोर्टर खुद छात्रों के हॉल में जा पहुंचा। हॉल से सटा अंदर ही एक कमरा दिखा। मेन हॉल खाली था। किसी भी हॉल में यहां फायर इंस्टिग्यूशर नहीं दिखा न पानी की टंकी से जुड़ी पाइप दिखी। एक कर्मचारी ने बाताया कि एक साथ हाल में 500 के बैठने की व्यवस्था है। ईश्वर न करे लेकिन यहां आग से भगदड़ मची तो हालात सूरत से बदतर होंगे, इसके संकेत मिले। करीब आधा घंटे तक रिपोर्टर प्रबंधक या डायरेक्टर से मिलने की आस में मौजूद रहा।

डीआईओएस से शहर में चल रहे कोचिंग संस्थानों की सूची मांगी गई है। सूची मिलने के बाद अभियान चलाकर सभी की चेकिंग की जाएगी। जहां पर भी फायर सुरक्षा के इंतजाम नहीं होंगे उन कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

-आरएस मिश्र,

सीएफओ प्रयागराज

inextlive from Allahabad News Desk


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