गंगा में बहा युवक वीरान टापू में फंसा खौफ में गुजारी पूरी रात

2019-06-09T06:00:13+05:30

- बहत्तर सीढ़ी के सामने गंगा में नहाते समय बह गया था युवक, टापू में फंसा

- सैटरडे सुबह राहत दल ने रेस्क्यू कर निकाला सकुशल बाहर

RISHIKESH: गंगा तट पर बहत्तर सीढ़ी के पास फ्राइडे शाम गंगा के तेज बहाव में एक नेपाली युवक बह गया। बहते हुए युवक एक वीरान टापू में जा फंसा। युवक ने पूरी रात जंगल के बीच टापू में ही गुजारी। सैटरडे सुबह रेस्क्यू कर युवक को टापू से निकाला गया। युवक ने बताया कि पूरी रात जंगली जानवरों का डर सताता रहा। उसे बचने की कोई उम्मीद नहीं थी। टापू में पूरी रात उसने पानी के आसापास ही गुजारी। टापू में मौजूद गाय उसका सहारा बनी।

रात को नहीं हो पाया रेस्क्यू

पुलिस को फ्राइडे रात करीब आठ बजे सूचना मिली कि पौने सात बजे के आसपास एक युवक गंगा में बहने के बाद जंगल के बीच टापू पर पहुंच गया है। लेकिन, विकट परिस्थितियों के चलते रात में पुलिस बचाव कार्य नहीं कर पाई। सैटरडे सुबह पीएसी की 40वीं बटालियन राहत दल के सदस्य ट्यूब के जरिये उफनती गंगा को पार कर नावघाट से गंगा पार पहुंचे। यहां जंगल में फंसे युवक को सकुशल गंगा पार कराकर पक्के घाट तक लाया गया। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने बताया कि युवक की पहचान 26-वर्षीय गणेश बहादुर उर्फ गगन पुत्र हंसा बहादुर गांव नानीकोट जिला कालीकोट (नेपाल) निवासी के रूप में हुई। युवक ने राहत दल के सदस्यों को बताया कि वह चमोली में मजदूरी करता है और यहां नहाने के लिए आया था। पैर फिसलने के कारण वह गंगा के तेज बहाव में बह गया और टापू में जा फंस गया।

टापू में गाय बनी युवक का सहारा

गंगा में बहकर वीरान टापू पर पहुंचे नेपाली युवक गणेश बहादुर ने पूरी रात जंगली जानवरों के खौफ में गुजारी। गणेश ने पुलिस को बताया कि उसे बचने की उम्मीद नहीं थी। क्योंकि उसे तैरना भी नहीं आता। यह टापू राजाजी टाइगर रिजर्व की गौहरी रेंज में आता है। बताया कि जंगल में वह पानी के आसपास ही रहा। उसके समीप कुछ गाय भी मौजूद थीं, जो उसका सहारा बनीं।

inextlive from Dehradun News Desk


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