अब 60 साल में ही रिटायर होंगे राज्य कर्मचारी

2018-12-12T06:00:09+05:30

60 साल में ही रिटायर होंगे राज्य कर्मचारी

- मुख्य सचिव ने कहा, सेवानिवृत्ति आयु के लिए कार्यवाही करेगी सरकार

- निजी संस्थानों में इलाज पर जल्द प्रतिपूर्ति का भी मिला आश्वासन

LUCKNOW

सेवानिवृत्ति आयु घटाकर 58 वर्ष किए जाने से परेशान राज्य कर्मचारियों को मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने 60 वर्ष में ही रिटायरमेंट होने का आश्वासन दिया है। मुख्य सचिव ने कहा कि 60 वर्ष में सेवानिवृत्ति के 13 वर्ष पूर्व जारी आदेश का न्याय व कार्मिक विभाग से परीक्षण कराया जाएगा और शासन व सरकार के स्तर से उचित कार्यवाही कराते हुए सेवानिवृत्ति 60 वर्ष में ही कराइर्1 जाएगी।

अहम मांगों पर की चर्चा

मंगलवार को मुख्य सचिव के साथ राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक में सेवानिवृत्ति आयु सहित कई अहम मांगों पर चर्चा की गई। बैठक में कर्मचारियों को इलाज का बकाया भुगतान देने और एक स्तर ऊपर के वेतनमान के लिए अति उत्तम की बाध्यता समाप्त करने सहित कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। साथ ही आउटसोर्सिग, संविदा, अंशकालिक, दैनिक वेतन भोगी, तदर्थ व नियत वेतन भोगी कार्मिकों के उत्पीड़न और उन्हें अकारण हटाने पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही वेतन समिति की रिपोर्ट जल्द लागू करने का निर्णय लिया गया। इसी तरह कर्मचारियों के लिए एक महीने में कैशलेस सुविधा लागू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए.

बैठक में शामिल परिषद अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी व महामंत्री शिवबरन सिंह यादव ने बताया कि हाईकोर्ट द्वारा निजी अस्पतालों में इलाज पर प्रतिबंध के आदेश से पहले के चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए आदेश जारी करने और कोर्ट में इस बाबत पैरवी करने का निर्णय लिया गया। आउटसोर्सिग व इस श्रेणी के कर्मचारियों के लिए स्थाई नीति बनाने पर बैठक में सहमति बनी, जबकि एक महीने में कैशलेस इलाज की सुविधा लागू कराने के लिए साचीज के अधिकारियों को निर्देश दिए गए। कैशलेस इलाज के लिए हेल्थ कार्ड बनाने में तेजी लाने के लिए इसे सभी अधिकारियों की चेकलिस्ट में शामिल करने का भी निर्णय लिया गया।

परिषद के प्रवक्ता मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बैठक में अपने दोपहिया वाहन से फील्ड का काम करने वाले कर्मचारियों को मोटरसाइकिल भत्ता देने पर पुनर्विचार करने की मांग की गई। बैठक में वर्ष 2016 से लागू वेतन आयोग की संस्तुतियां लागू कर तत्काल वेतन समिति बनाने का भी निर्णय लिया गया। इसी तरह एक अप्रैल, 2005 से पहले भर्ती होकर बाद में योगदान करने वाले कार्मिकों को पुरानी पेंशन का लाभ दिए जाने के मामले के परीक्षण के लिए मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चंद को अधिकृत किया।

inextlive from Lucknow News Desk


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