595 करोड़ का रिवाइज बजट पास

2019-02-28T06:00:20+05:30

बिना मेयर और बिना विपक्ष के कार्यकारिणी की बैठक

वसूली में पिछड़ा नगर निगम, बोर्ड फंड का खजाना हुआ खाली

मात्र 55 मिनट में हुआ सालभर के आय व्यय का ब्यौरा

MEERUT। नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक में बिना मेयर और बिना विपक्ष के 595 करोड़ 30 लाख 18 हजार का रिवाइज बजट पास कर दिया गया। निगम बैठक के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार हुआ, जब एक पार्षद को अस्थाई सभापति बनाकर बैठक को आगे बढ़ाया गया। मेयर सुनीता वर्मा ने नगरायुक्त मनोज चौहान को बैठक स्थगित करने के लिए पत्र भी भेजा लेकिन बावजूद इसके बैठक आयोजित की गई। इस कारण विपक्षी पार्षद बिना कहे ही बैठक से बायकट कर गए।

मेयर की अनुपस्थिति में

31 मार्च तक की निगम की आय और व्यय के ब्यौरे और आगे के बजट लिए बुधवार को टाउन हॉल में कार्यकारिणी बैठक का आयोजन किया गया था, लेकिन मेयर की अनुपस्थित के कारण नगरायुक्त ने नगर निगम अधिनियम की धारा 90-3 के तहत कार्यकारिणी सदस्यों की सहमति के बाद बैठक का आयोजन कराया। बैठक के संचालन के लिए अस्थाई सभासति के लिए पार्षद पंकज गोयल को चुना गय और बजट बैठक पर चर्चा होने के बाद बजट पास कर दिया गया। अब इस बजट को शासन में भेजा और वहां इसकी समीक्षा होगी।

शहीदों को किया नमन

कार्यकारिणी की बैठक की शुरुआत में वंदेमातरम के बाद पुलवामा की शहीदों को नमन करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद बैठक में पार्षदों ने भारत माता की जय का उदघोष कर सभा की शुरुआत की।

बाहर रहे बसपा पार्षद

मेयर की अनुपस्थित के कारण विपक्ष वॉकआउट कर गया। विपक्ष के पार्षद धर्मवीर और कासिम बीच बैठक में से उठकर बाहर चले गए। जिस वक्त कार्यकारिणी की बजट बैठक चल रही थी, उस वक्त बसपा पार्षद बाहर खड़े थे और हर स्थिति पर नजर बनाए थे।

कर्जदार हुआ निगम

कार्यकारिणी की बैठक में निगम द्वारा दी जानकारी के अनुसार निगम कर्जदार हो चुका है। बोर्ड फंड में नगर निगम का खजाना पूरी तरह खाली है। नगर निगम बोर्ड फंड में सिर्फ 70 लाख रुपये हैं और 80 लाख रुपये डीजल और पेट्रोल का भुगतान करना है। यानि नगर निगम 10 लाख का कर्जदार नजर आ रहा है।

सिल्वर जुबली का होगा जश्न

31 मई को नगर निगम गठन के 25 साल पूरे होने जा रहें हैं। इस अवसर पर निगम सिल्वर जुबली को लेकर नगर निगम कई कार्यक्रम करने जा रहा है। नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में पार्षद ललित नामदेव ने प्रस्ताव रखते हुए बताया 1994 में मेरठ को नगर निगम घोषित किया गया था। इसलिए 31 मई को 25 साल पूरे होने पर सिल्वर जुबली कार्यक्रम मनाया जाए, जिसमे निगम के पूर्व मेयर अच्छा काम करने वाले पार्षद आदि को सम्मानित किया जाएगा।

ये रहे मुख्य प्रस्ताव

सीएनजी कूडा गाडि़यों के प्रयोग का दिया गया प्रस्ताव

पार्किंग शुल्क को कम करने व समय सीमा लागू करने

हर माह की 5 तारीख को कार्यकारिणी की बैठक

inextlive from Meerut News Desk


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