शहर की सड़कों पर हो रहे अवैध वार निगम अंजान

2018-10-30T06:00:06+05:30

निगम से बिना अनुमति लिए सड़कों को किया जा रहा है क्षतिग्रस्त

- इंदिरानगर, गोमतीनगर समेत कई जगह मामले आ चुके सामने

abhishekmishra@inext.co.in

LUCKNOW

एक तरफ वित्तीय संकट से जूझ रहा नगर निगम शहर की बदहाल सड़कों की तस्वीर नहीं सुधार पा रहा है, वहीं दूसरी तरफ मोबाइल कंपनियां निगम से अनुमति लिए बगैर सड़कों पर अवैध वार कर रही हैं। हैरानी की बात तो यह है कि मोबाइल कंपनियां और प्राइवेट लोग सड़कों को नुकसान पहुंचाकर अपना काम पूरा कर लेते हैं। जब तक निगम प्रशासन के संज्ञान में जानकारी आती है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।

निगम के पास कोई सिस्टम नहीं

निगम के पास ऐसा कोई मॉनीटरिंग सिस्टम नहीं है, जिससे अवैध तरीके से सड़कों को नुकसान पहुंचा रहे लोगों पर नजर रखी जा सके। यही कारण है कि लगातार सड़कों को अवैध तरीके से नुकसान पहुंचाने के मामले सामने आ रहे हैं.

निगम से अनुमति नहीं

नियमानुसार, अगर किसी भी मोबाइल कंपनी या सरकारी महकमे या फिर व्यक्ति की ओर से सड़क की खोदाई की जाती है, तो निगम से पहले इसकी अनुमति लेनी पड़ती है। बिना अनुमति सड़क खोदने पर जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन समय से जानकारी न मिलने से निगम इस दिशा में भी कोई कदम नहीं उठा पाता है.

सदन में उठा मामला

हाल में ही सदन में भी पार्षदों ने रोड कटिंग का मामला उठाया था। पार्षदों ने मांग रखी थी कि बिना अनुमति के रोड कटिंग करने वालों के खिलाफ मौके पर एक्शन लिया जाए और सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से के बराबर राशि जमा कराई जाए। अभी तक इस दिशा में ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका है।

नया संशोधन तैयार

निगम प्रशासन की ओर से एक नया संशोधन तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत बिना अनुमति लिए अगर कोई भी सड़क की कटिंग करता है तो उससे सड़क निर्माण में आई राशि के हिसाब से बैंक गारंटी जमा कराई जाएगी। इस बार आयोजित होने वाले सदन में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा। अभी प्रति स्क्वॉयर मीटर के हिसाब से राशि जमा कराई जाती है।

केस एक

एक मोबाइल कंपनी की ओर से संडे को अरविंदो पुलिस चौकी के पास बिना परमीशन सड़क खोद कर अंडर ग्राउंड केबल डाली जा रही थी। सामाजिक कार्यकर्ता विजय गुप्ता ने जब ठेकेदार से परमीशन लेटर दिखाने को कहा तो वह कोई जवाब न दे सका। इसके बाद इसकी जानकारी निगम के मुख्य अभियंता को दी गई। निगम की टीम आने की जानकारी मिलते ही ठेकेदार गड्ढे पाटकर मशीन आदि लेकर भाग गया.

केस दो

गोमतीनगर इलाके में भी निगम की अनुमति के बिना सड़क की कटिंग का मामला सामने आया था। इस पर मेयर ने तत्काल एक्शन लेने के निर्देश दिए थे। इसके बाद संबंधित पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई।

केस तीन

जोन दो में भी एक मोबाइल कंपनी निगम से बिना अनुमति लिए रोड कटिंग कर रही थी। जानकारी मिलने पर निगम की टीम एक्शन में आई और संबंधित कंपनी के प्रबंधन को पत्र लिखकर जुर्माना राशि जमा कराई गई।

3000 लाख आय का अनुमान

भले ही निगम को रोड कटिंग की जानकारी न मिल पा रही हो लेकिन आलम यह है कि निगम की ओर से रोड कटिंग के मद में आय का प्राविधान तक किया गया है। निगम के आंकड़ों की माने तो वित्तीय वर्ष दिसंबर 2017 तक 1885.84 लाख की आय हुई है, जबकि मूल बजट 2018- 19 में 3000.00 लाख आय का प्रावधान प्रस्तावित है।

रोड कटिंग को लेकर समय से जानकारी नहीं मिलती। प्रयास किया जा रहा है कि फील्ड स्टॉफ की संख्या में इजाफा किया जाए। इसके साथ ही जनता से भी अपील है कि अगर अनाधिकृत रोड कटिंग के बारे में कोई जानकारी मिले तो निगम में सूचना दें।

एसपी सिंह, मुख्य अभियंता, नगर निगम

निगम से बिना अनुमति लिए रोड कटिंग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। मॉनीटरिंग सिस्टम को मजबूत बनाने की कवायद शुरू हो गई है।

डॉ। इंद्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त

inextlive from Lucknow News Desk


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