इंसान होना एक असीम संभावना है खत्म न होने वाली खोज है सद्गुरु जग्गी वासुदेव

2019-05-06T12:36:23+05:30

एक तय महत्वाकांक्षा से खुद को सीमित मत बनाइए क्योंकि इंसान होना एक असीम संभावना है

feature@inext.co.in
KANPUR: हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जो युवा लोगों को जबरदस्त महत्वाकांक्षी होने को प्रेरित करती है। उपलब्धि और सफलता के लिए महत्वाकांक्षा को सबसे महत्वपूर्ण जरूरी चीज के रूप में बताया जाता है। क्या जीवन जीने के लिए महत्वाकांक्षा जरूरी है?

वैसे भी महत्वाकांक्षा क्या है? यह बस एक विचार है जिसे आपने एक खास महत्व देना तय किया है। धीरे-धीरे यह आपके जीवन का लक्ष्य बन जाता है। आप इस विचार में इतनी ज्यादा जीवन उसका विस्तार है। अपनी महत्वाकांक्षा को निर्धारित करने का मतलब है कि आप छोटी जीत से संतुष्ट हो जाएंगे। ऐसा ज्यादातर लोगों के साथ होता है: वे किसी दूसरे से थोड़ा बेहतर कर रहे हैं और वे सोचते हैं कि वे शानदार कर रहे हैं। आपने खुद को सीमित कर लिया है क्योंकि जब आप एक लक्ष्य तय करते हैं तो आप अपनी कल्पना के आधार पर काम कर रहे होते हैं, जो आपकी याद्दाश्त का बस एक विस्तार है। अगर सिर्फ वहीं हुआ जो आपने कल्पना की है, तो यह कितना दरिद्र जीवन होगा। अगर आपके जीवन में नई संभावनाओं को होना है, और सबसे बढ़कर, अगर इंसानी प्रतिभा को अभिव्यक्त होना है, तो यह महत्वपूर्ण है कि हम एक महत्वाकांक्षी दुनिया न बनाएं, बल्कि एक उल्लासपूर्ण और भागीदारी वाली दुनिया बनाएं। आप जो भी कर रहे हैं, अगर उसे आप अपनी पूरी क्षमता के अनुसार खुशी-खुशी और संपूर्ण भागीदारी से करते हैं, तो आप उससे भी आगे जाएंगे जिसकी आप संभवत: कल्पना कर सकते हैं। अगर आप खुद को पूरे जोश से हर समय लगाए रहते हैं, बिना किसी तय लक्ष्य के, तो कौन जानता है - हो सकता है कि आप ऐसे मुकाम पर पहुंच जाएं जिसके संभव होने की आपने कभी कल्पना भी नहीं की थी! तो, एक तय महत्वाकांक्षा से खुद को सीमित मत बनाइए, क्योंकि इंसान होना एक असीम संभावना है, एक खत्म न होने वाली खोज है। आपका जीवन उस असीमितता को खोजने के बारे में है।
असल में, आप यह पूछ रहे हैं कि आपको अपने जीवन को किसमें लगाना चाहिए। आप इस संदर्भ में मत सोचिए कि कौन सी नौकरी करनी चाहिए या क्या पढ़ाई करनी चाहिए?
यह जीवन ही महत्वपूर्ण चीज है। हर किसी के लिए, उसका जीवन कीमती होता है। इस कीमती जीवन को आपको किसमें लगाना चाहिए? अगर आप इसे ऐसे देखते हैं, तो आपको जरूर कुछ मिलेगा, जो करना सचमुच मायने रखता है। अगर आप इस संदर्भ में सोचते हैं कि जीविका कैसे अर्जित करें, कैसे कुछ हासिल करें, तब आप कोई बेवकूफी की चीज करेंगे, जिसका आपको जीवनभर पछतावा होगा। ज्यादातर लोग एक पछतावा बन गए हैं, इसीलिए वे उदास घूमते हैं - वे वह नहीं कर रहे जो वे करना चाहते हैं। जो उनके लिए वाकई मायने रखता है, उसे बनाने के बजाय वे जीविकोपार्जन के लिए कुछ काम कर रहे हैं। जब एक केंचुआ अपना भोजन जुटा सकता है, तब इतना बड़ा दिमाग लेकर क्या इंसान के लिए अपनी जीविका कमाना कोई मुद्दा है? जिसे आप अपना जीवन कहते हैं, वह बस एक खास मात्रा में समय और ऊर्जा है। आप इसे कैसे खर्च करना चाहते हैं? अगर आप कोई चीज कर रहे हैं जो सचमुच मायने रखती है, तो इससे पहले कि आप जानें कि क्या हो रहा है, यह पूरी हो जाती है। अगर आप कोई निरर्थक चीज कर रहे हैं, सिर्फ तभी यह एक लंबे जीवन जैसा महसूस होती है। क्या आपने इस पर गौर किया है? किसी एक दिन जब आप बहत खुश थे, तो चौबीस घंटे एक पल की तरह चले गए। अगर आप दुखी हैं, तब चौबीस घंटे दस साल जैसे लगते हैं। एक चीज जो हर युवा व्यक्ति को करनी चाहिए, वो यह कि आपको कम से कम दो या तीन दिन बस अपने आप में रहना चाहिए, अपने साथियों, अपने प्रोफेसर या माता-पिता से प्रभावित हुए बिना। फिर आपको यह देखना चाहिए कि इस कीमती जीवन को किस चीज में लगाएं। वह चाहे कितनी ही बड़ी या छोटी क्यों न हो, वह मायने नहीं रखता। अगर आप पाते हैं कि कोई चीज वाकई मायने रखती है और आप अपना जीवन उसमें लगा देते हैं, तो यह एक तृप्ति देने वाला जीवन होगा।
सद्गुरु



This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.