संग्राम ने जीता डेथ कॉन्‍ट्रैक्‍ट दो बार के विजेता लेजेंड को एक पंच में किया ढेर

2015-07-21T15:28:01+05:30

संग्राम सिंह इस समय बेहद खुश हैं। उनकी खुशी का कारण जानकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गए। दरअसल कुछ महीनों पहले संग्राम सिंह से जुड़ी एक खबर खासी चर्चा में थी। वह यह कि उन्‍होंने एक बेहद अहम फाइट को लेकर डेथ कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किया है। वहीं अब खबर ये है कि उसी डेथ कॉन्‍ट्रैक्‍ट को संग्राम ने जीत लिया है। इस खतरनाक कॉन्‍ट्रैक्‍ट को जीतने वाले संग्राम अब देश के पहले प्रोफेशनल रेसलर बन गए हैं। बता दें कि 30 साल के संग्राम सिंह कई टेलीविजन धारावाहिकों और रियालिटी शो का हिस्‍सा रह चुके हैं।

जानकारी है कुछ ऐसी
जानकारी के अनुसार उन्होंने कॉमनवेल्थ हैवीवेट रेसलिंग चैम्पियनशिप में कनाडा के जो लेजेंड को धूल चटाई है। लंबी लड़ाई लड़ते हुए संग्राम ने लेजेंड को पंच मारकर बेहोश कर दिया। इस जीत के लिए संग्राम सिंह को करीब 50 लाख रुपये का इनाम दिया गया है। यहां यह बताना बेहद जरूरी होगा कि जो लेजेंड पिछली दो बार से यह खिताब जीतते आ रहे हैं। इस बार भारत के संग्राम सिंह ने लेजेंड के इस रिकॉर्ड को चकनाचूर कर दिया।

ऐसी रही फाइट
गौरतलब है कि वर्ल्ड रेसलिंग प्रोफेशनल्स (डब्ल्यूडब्ल्यूपी) की यह खतरनाक फाइट साउथ अफ्रीका के पोर्ट एलिजाबेथ के नेल्सन मंडेला बे स्टेडियम में आयोजित की गई थी। यहां आयोजित की गई ये फाइट कुल 22 मिनट तक चली। फाइट शुरू होते ही सबसे पहले तो लेजेंड संग्राम पर हावी रहे। इस दौरान उनको काफी चोटें भी आईं। इसके बावजूद संग्राम सिंह ने इन चोटों को खुदपर हावी नहीं होने दिया। आखिरी दौर में पहुंचते-पहुंचते संग्राम ने लेजेंड को ऐसा पंच मारा कि उसकी नाक से खून की नदियां बहने लगीं। इसके बाद वह अचेत होकर रिंग में ही गिर पड़ा।
इससे पहले दो बार लड़ चुके ऐसी फाइट
वैसे बता दें कि इस तरह की ये संग्राम की दूसरी फाइट है। उनमें से एक फाइट 2011 में हुई थी। उस समय संग्राम के कंधे में फ्रैक्‍चर भी हो गया था और आखिर में व‍ह हार गए थे। इतने संघर्षों के बाद अब मिली जीत से वह बेहद खुश हैं। उल्‍लेखनीय है कि अपने इस डेथ कॉन्‍ट्रैक्‍ट के बारे में उन्‍होंने अपने परिवार में किसी को भी नहीं बताया था। वहीं अब इस कॉन्‍ट्रैक्‍ट को जीतने के बाद उन्‍होंने सबके सामने अपनी फतेह का झंडा फहरा दिया है।
देशवासियों को दिया श्रेय
जीत की खुशी में गोते लगाते रोहतक के मदीना गांव निवासी संग्राम कहते हैं कि यह उनकी जिंदगी की सबसे मुश्किल फाइट थी। उन्‍होंने बताया कि लेजेंड बहुत खतरनाक और हिंसक था। उसको देखते ही उनकी हिम्‍मत जवाब देने लगी थी। आगे के बारे में उन्‍होंने बताया कि डर के बाद उन्‍होंने अपनी मां को याद करते हुए लेजेंड को एक जबरदस्‍त पंच मारा। वही पंच उनकी जीत का कारण बना। इसके आगे संग्राम कहते हैं कि वह देशवासियों की दुआओं की वजह से ही वह चैम्पियनशिप जीत सके हैं। ऐसे में उन्‍होंने अपनी इस जीत को अपने प्रशंसकों के नाम कर दिया है।
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