सारा और सस्पेंस

2015-07-11T07:00:16+05:30

-सारा की बहन ने मौत की सीबीआई जांच कराने की मांग

-मेडिकल जांच में फिट मिलने पर अमनमणि समर्थकों का हंगामा, मीडिया से भी भिड़े

-दोपहर बाद जेल पहुंचा अमनमणि, कैदियों ने जमकर धुना

LUCKNOW: कवियत्री मधुमिता शुक्ला मर्डर केस में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि की पत्‍‌नी सारा की मौत पर फ्राइडे को भी सस्पेंस कायम रहा। पल-पल बदलते बयानों के बीच भले ही सारा का अंतिम संस्कार कर दिया गया लेकिन उसकी मौत को लेकर कई सवाल अब तक पूरी तरह से उलझे हुए हैं। फ्राइडे सुबह सारा की डेडबाडी लखनऊ पहुंचने पर उसके परिवार वाले दोबारा पोस्टमार्टम कराने और सीबीआई से जांच की मांग करते रहे, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही उनके सुर भी धीमे पड़ने लगे। हालांकि मुखाग्नि के पहले सारा की बहन ने फिर से हादसे पर सवाल खड़े कर दिए। इससे पहले सुबह अमनमणि और उसके समर्थक सिविल हास्पिटल में मीडिया से भिड़ गए वहीं दोपहर बाद जेल पहुंचने पर कैदियों ने भी उसकी धुनाई कर दी।

मार्निग में पहुंचा सारा का शव

फ्राईडे मार्निग सारा की डेडबॉडी फिरोजाबाद से लखनऊ के गोमतीनगर में विरामखंड-5 स्थित आवास पर लाई गई। मार्निग 9 बजे सारा के घर में रिश्तेदार, फैमिली फ्रेंड्स का तांता लगा रहा। सपा के कई नेता भी पहुंचे। गोरखपुर के सपा नेता दुखी परिवार से मिलने पहुंचे। इसके बाद परिवार के लोगों के मंथन के बाद सारा का अंतिम संस्कार भैंसा कुंड शमशान घाट पर किया गया। भाई सिद्धार्थ के मुखाग्नि देने के दौरान परिवार की महिलाएं भी शमशान घाट पर मौजूद रहीं।

सीबीआई जांच की मांग कर रहे परिजन

अमनमणि त्रिपाठी की पत्नी सारा की मां सीमा सिंह ने सबसे पहले हादसे पर संदेह जाहिर करते हुए सीबीआई जांच की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने दोबारा पोस्टमार्टम की भी मांग की थी। उनका आरोप था कि जिस तरह से कार एक्सीडेंट दिखाया जा रहा है वह संदेह के घेरे में है। बता दें कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सारा की मौत की वजह सिर और छाती में चोट लगना बताया गया है। सारा सिंह की मां सीमा सिंह भी एक राजनैतिक पार्टी से जुड़ी हैं। उनके पति एके सिंह की मृत्यु हो चुकी हैं। सारा के परिवार में बड़ी उसकी बहन नीति, भाई सिद्धार्थ और मनु हैं। बहन नीति भी हादसे पर आशंका जाहिर की और अमनमणि के बिना चोट लगे बच जाने पर सवाल उठाए।

हर घंटे बदलता रहा रुख

मार्निग में डेडबॉडी आने के साथ परिवार का तेवर सख्त था। पहले उन्होंने दोबारा पोस्टमार्टम और घटना की सीबीआई जांच की मांग की। हालांकि इस बीच सारा के मामा, जो प्रदेश के गृह सचिव हैं, के साथ बंद कमरे में गहन मंथन के बाद परिवार के लोग दोबारा पोस्टमार्टम की मांग से पलट गए। परिवार के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सारा की तो मौत हो चुकी है, उसके पिता भी नहीं है और उसके पीछे दो-दो भाई हैं, उनका भी ख्याल रखना है। हालांकि, दोपहर के बाद शमशान घाट पर एकबार फिर बहन रीति ने सीबीआई जांच की मांग कर डाली।

डॉक्टरों ने बताया फिट तो बवाल

गिरफ्तारी के बाद अमनमणि ने सीने में दर्द की शिकायत की थी। फ्राइडे मार्निग गौतमपल्ली थाने की पुलिस अमनमणि को लेकर सुबह 7.45 बजे सिविल हॉस्पिटल पहुंची। इमरजेंसी मेडिकल अफसर ने चेकअप किया और उसे फिट बताया। फिट घोषित होने पर अमनमणि ने सीने में दर्द की बात कही। इसके बाद डॉक्टर्स आईसीसीयू लेकर गए जहां ईसीजी और बीपी चेक किया। वहां भी उसे फिट घोषित किया गया। इस बीच, अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड को अमनमणि के समर्थकों ने घेर लिया। जिसके चलते अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। डॉक्टरों के फिट घोषित करने पर समर्थकों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करना शुरू कर दिया। कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों से समर्थकों ने बदसलूकी की, कैमरे तक तोड़ दिए। बवाल की सूचना पर कई थानों की पुलिस पहुंच गई। मामले की जानकारी पाकर एएसपी पूर्वी रोहित सिंह पहुंच गए।

अमनमणि के खिलाफ एक और केस

पूर्व मंत्री के बेटे अमनमणि की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। पहले किडनैपिंग और फिरौती के मामले में गौतमपल्ली थाने से वांछित चल रहे अमनमणि फिर विवादों में आ गया। पत्नी की रहस्यमय मौत के सवालों से घिरा अमनमणि उनके जवाब देने की जगह मीडिया कर्मियों से भीड़ गया। फ्राइडे मीडिया कर्मी पीयूष त्रिपाठी ने हजरतगंज थाने में अमनमणि और उसके साथियों के खिलाफ मारपीट, गाली गलौज और धमकी देने का मामला दर्ज कराया है। सिविल हॉस्पिटल में बवाल के बाद पुलिस ने हंगामा कर रहे अमनमणि के दो साथियों को गिरफ्तार भी कर लिया है।

जेल में बंदियों ने की पिटाई

अमनमणि को लखनऊ जेल में दबंगई दिखाना भी भारी पड़ गया। फ्राइडे को उसने जेल पहुंचते ही अपनी हनक दिखानी शुरू कर दी, इसके बाद जेल में न सिर्फ अमनमणि की भरपूर पिटाई हुई बल्कि पूरी जामा तलाशी के बाद उसे तंहाई बैरक में डाल दिया गया है।

अपने मायके में रहती थी सारा

अमनमणि के साथ आर्य समाज मंदिर में शादी करने के बाद से सारा मायके में ही रहती थी। पूर्व मंत्री अमरमणि का परिवार इस शादी से खुश नहीं था। जिसके चलते वह कभी अपने ससुराल नहीं गई थी। सारा का परिवार पहले हजरतगंज में रहता था। करीबी तीन साल पहले से ही गोमती नगर के एरिया में मकान में रही थी। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार अमनमणि अक्सर सारा से मिलने गोमती नगर स्थित घर पर आता था।

अचानक बना था दिल्ली का प्रोग्राम

परिवार के लोगों के अनुसार अमनमणि के साथ सारा का दिल्ली जाने का प्रोग्राम अचानक बना था। पहले से सारा को भी कोई जानकारी नहीं थी। थर्सडे मार्निग अमनमणि गाड़ी लेकर सारा के घर पहुंचा और अपने साथ दिल्ली ले गया। परिवार के लोगों का यह भी कहना है कि विगत 6 महीने से अमनमणि और सारा के बीच कुछ अनबन भी चल रही थी। शादी और ससुराल ले जाने की बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा भी होता था।

महंगी कार और काफिला लेकर चलता था

असल में सारा के साथ अकेले और स्विफ्ट कार से जाने की घटना भी बहुत से सवाल खड़े कर रही है। सूत्रों के मुताबिक अमनमणि हमेशा लग्जरी गाड़ी से चलता था। वह एसयूवीज से चलता था। उसके साथ हमेशा दो से तीन गाडि़यों का काफिला भी होता था। घटना के दिन वह अकेला था।

फरार चल रहा था अमनमणि

पिछले साल एक युवक का अपहरण कर फिरौती मांगने और जानमाल की धमकी देने के मामले में सपा सरकार के पूर्व मंत्री के अमरमणि त्रिपाठी के बेटे और सपा नेता अमनमणि त्रिपाठी को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर रखा था। आरोप है कि पिछले साल सात अगस्त को अमनमणि ने गोरखपुर के रहने वाले ठेकेदार ऋषि पांडेय को अगवाकर पीटा और एक लाख रुपए की रंगदारी मांगी। पुलिस ने ऋषि की शिकायत पर अमनमणि रवि और अन्य के खिलाफ अपहरण जान से मारने की धमकी देने मारपीट वसूली की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। 6 अगस्त 2014 को अमनमणि व उसके साथियों के खिलाफ गौतमपल्ली थाने में ठेकेदार ऋषि पांडेय के अपहरण व मारपीट की रिपोर्ट दर्ज है और अमनमणि फरार चल रहा था। इसी मामले में उसे हादसे के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।

inextlive from Lucknow News Desk


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