तस्वीरें झूठ बोल रही हैं या पोस्टमार्टम रिपोर्ट

2015-07-15T07:01:01+05:30

-सारा के परिवारीजनों ने पोस्टमार्टवम रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए आई नेक्स्ट से साझा कीं फोटोग्राफ

-फोटोग्राफ में दिख रही चोटों का पीएम रिपोर्ट में जिक्र तक नहीं

-सीएम से मिलने की तैयारी में परिवारीजन

pankaj.awashti@inext.co.in

LUCKNOW: कहावत है तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं लेकिन, फिरोजाबाद में सारा का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर्स ने ऐसी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की जो तस्वीरों को ही झूठा साबित करने पर तुली है। सारा के परिवारीजनों ने हादसे के बाद के फोटोग्राफ आई नेक्स्ट से साझा करते हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। इन तस्वीरों को देख साफ पता चल रहा है कि इस पोस्टमार्टम रिपोर्ट को तैयार करने में या तो हद दर्जे की लापरवाही बरती गई या फिर यह सोची-समझी साजिश का नतीजा है।

तस्वीर में दिख रहे जख्म रिपोर्ट में नदारद

सारा सिंह के भाई हर्ष ने बताया कि हादसे के बाद वे लोग फिरोजाबाद पहुंचे थे। जहां उनके परिवारीजनों ने अपने मोबाइल फोंस से कई फोटोग्राफ्स खींची थी। दो दिन पूर्व उन्हें सारा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली। जब उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उनके परिवारीजनों द्वारा खींची गई फोटोग्राफ का मिलान किया तो वह हैरान रह गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जिसमें सारा की मौत की वजह रोड एक्सीडेंट ही बताया गया था, में कुछ ऐसी चोटों का जिक्र तक नहीं था जो कि, फोटोग्राफ में बेहद साफ दिखाई दे रही हैं। उन्होंने बताया कि सारा के दाहिने कान के नीचे चोट का निशान था। उस चोट में खून जम जाने की वजह से वह आंखों से साफ दिखाई दे रहा था। लेकिन, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर को यह चोट दिखाई ही नहीं दी। इसी तरह सारा के गले में कसने जैसे निशान थे लेकिन, इसका भी रिपोर्ट में जिक्र नहीं है। हर्ष ने कहा कि यही वे वजह हैं, जो उन्हें सारा की मौत को महज हादसा न मानने को मजबूर कर रही हैं।

सोशल मीडिया पर भी इंसाफ की मांग वायरल

ऐसा नहीं कि सारा सिंह की रहस्यमय मौत का सच जानने के लिये उनका परिवार ही परेशान है। आम लोग भी अपने स्तर से सोशल मीडिया पर सारा के लिये इंसाफ मांग रहे हैं। सारा की मौत का सच जानने के लिये इन दिनों व्हॉट्स एॅप और फेसबुक पर भी कैंपेन चलाया जा रहा है। इस कैंपेन के तहत भेजे जा रहे मैसेज में कथित हादसे के दौरान सारा की मौत और इस दौरान कार में मौजूद उसके पति अमनमणि को एक भी खरोंच न आने पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, इन मैसेजेस में लोगों को पूरे मामले में संदेह के घेरे में आए पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उसके बेटे अमनमणि के खिलाफ एकजुट होने की अपील भी की गई है।

inextlive from Lucknow News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.