मनमानी फीस की फांस के साथ शुरू होगा नया सेशन

2019-03-20T06:00:19+05:30

डीएम के चुनाव में बिजी होने के चलते 23 अप्रैल से पहले नहीं हो पाएगी बैठक

क्रॉसर - डीएम और डीआईओएस की बैठक के बिना निजी स्कूलों पर नहीं हो सकती कार्रवाई

- एक अप्रैल से लागू हो जाएगा नया सेशन, ऐसे में अभिभावकों को जमा करनी होगी बढ़ी हुई फीस

बरेली - -

निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली रोकने के लिए बनाए गए कानून को लागू करे लगभग एक साल हो गया है। इसके बावजूद निजी स्कूल अभी भी मनमानी फीस वसूल रहे हैं। डीएम और डीआईओएस की बैठक न होने से निजी स्कूलों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। शासन ने जेडी से सभी स्कूलों की रिपोर्ट तलब की है। इसके लिए जेडी को केवल आठ दिन का समय दिया था, लेकिन यह समय तो त्योहार की छुट्टियों में ही बीत जाएगा। ऐसे में निजी स्कूलों पर कार्रवाई का पेच फंसा हुआ है। वहीं ट्यूजडे को अभिभावक संघ ने एक और बैठक करके प्रशासन का विरोध किया है। साथ ही कहा है कि आचार संहिता के बाद आंदोलन की भी बात कहीं है।

बैठक की उम्मीद नहीं

डीएम वीरेंद्र सिंह निजी स्कूलों की फाइल को एक बार डीआईओएस से बात करने की बात कहकर लौटा चुके है। अब डीएम इस समय पूरी तरह से लोकसभा चुनाव में विजी है। जिसकी वजह से अब आगे भी दूसरी बैठक होने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। इसलिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना दूसरी बैठक के जेडी शासन को स्कूलों की जांच रिपोर्ट कैसे सौंपेंगे।

पेरेंट्स कर चुके थे विरोध

जब डीएम ने स्कूलों की फाइल सिर्फ डीआईओएस से बात करने को लेकर लौटाई थी। पेरेंट्स ने इसका विरोध किया था। उन्हकंने कहा कि प्रशासन सिर्फ स्कूलों से पैसा बटोरने में लगा है। वो निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली को रोकना ही नहीं चाहते हैं.

शिक्षा विभाग ने मचाई लूट

ट्यूजडे को हुई बैठक के दौरान अभिभावक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने मिलकर स्कूलों में लूट मचा रखी है। कानून बनने के बाद भी न फीस कम हुई और ना ही कोई कानून संबंधित कार्रवाई हुई। अभिभावक संघ के अध्यक्ष अंकुर सक्सेना ने कहा कि आचार संहिंता खत्म होते ही वो एक बार फिर से आंदोलन छेडेंगे और तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक स्कूलों पर कार्रवाई नही हो जाती है।

महंगाई का लगाएंगे पता

अभिभावक संघ ने अपने नए सदस्यों के साथ एक टीम बनाई है, जो शहर के लगभग सभी बुक स्टालों पर जाकर महंगाई का पता लगाएगी। यह पिछले साल और इस साल किताबों के दामों में अंतर देखें।

शासन की ओर से आठ दिनों के अंदर निजी स्कूलों की रिपोर्ट तलब की गई है। मैंने सभी डीआईओएस को बोल दिया है। जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

प्रदीप कुमार, जेडी

inextlive from Bareilly News Desk


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