कमाई का हथियार बना बच्चों का यूनिफार्म

2019-04-09T09:20:53+05:30

दुकानों से है स्कूलों की सेटिंग यहीं से मिलता है शर्टपैंट जूतामोजा स्वेटरजैकेट व ब्लेजर सब कुछ

- कॉमन ड्रेस रखने वालों के यहां जाने की मनाही, मनमाने तरीके से तय की गयी है ड्रेस की कीमत

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PRAYAGRAJ: सरकार के फैसले ने इतना असर तो दिखाया है कि ज्यादातर बड़े स्कूलों ने ड्रेस, स्टेशनरी व किताबें अपने प्रिमाइस से बेचने से दूरी बना ली है। लेकिन, सेटिंग ऐसी कि जूता-मोजा और ड्रेस उसी दुकान पर मिलेगा जिसे स्कूल सजेस्ट करेगा। स्कूल किसी दुकान को यूं ही तो प्रमोट करने से रहा। जाहिर है सेटिंग से खेल चल रहा है। इसका खामियाजा भुगत रहे हैं पैरेंट्स जिन्हें फिक्स दुकान के चलते ड्रेस के लिए मनमानी कीमत पे करनी पड़ रही है। यहां न तो कोई डिस्काउंट मिलता है और न ही ऊपर-नीचे का ड्रेस खरीदने का आप्शन।

दुकान तक जाकर की पड़ताल
दैनिक जागरण आई नेक्स्ट रिपोर्टर सोमवार को सिटी के विभिन्न स्कूलों के यूनिफार्म बेचने वाली दुकानों तक पहुंचा। स्कूल ड्रेस खरीद रहे पैरेंट्स से लेकर चेक करने पर पता चला कि स्कूल के निर्देश पर पैंट और शर्ट पर एक स्टिप डाल दी गयी है। इसकी जानकारी सिर्फ स्कूल और ड्रेस बेचने का ठेका लेने वाले दुकानदार को थी। नतीजा, यहां से ड्रेस खरीदने के अलावा कोई आप्शन पैरेंट्स के पास नहीं था।

फोटो खींचना मना है
स्कूल यूनिफार्म की हकीकत जानने के लिए रिपोर्टर चौक स्थित एक दुकान में पहुंचा। यहां पर पैरेंट्स की लाइन लगी थी। रिपोर्टर ने कस्टमर बन कर एमपीवीएम की ड्रेस मांगी तो पता चला कि एमपीवीएम ग्रुप के सभी स्कूलों की यूनिफार्म स्टैनली रोड पर स्थित दुकान पर ही मिलते हैं। थोड़ी देर तक चुपचाप सब कुछ देखने के बाद रिपोर्टर ने दुकानदार से सेंट जोसफ कालेज की यूनिफार्म नर्सरी के बच्चे के लिए मांगी। दुकानदार ने रिपोर्टर को थर्ड फ्लोर पर यूनिफार्म के सेक्शन में भेज दिया। यहां बड़े-बड़े शब्दों में लिखा था फोटो खींचना मना है। रिपोर्टर की डिमांड पर काउंटर अटेंडेंट ने सेंट जोसफ कालेज की यूनिफार्म दिखायी। नर्सरी क्लास के बच्चे हॉफ पैंट 180 रुपये और शर्ट 210 रुपए की थी। अच्छे कपड़े में दिखाने की डिमांड पर दुकानदार ने टका सा जवाब दे दिया, यही है लेना है तो लीजिए नहीं तो अपना और हमारा टाइम वेस्ट न कीजिए।

क्वालिटी से समझौता, वसूली तेज
दुकान में सिटी के सभी प्रमुख स्कूलों की ड्रेस मौजूद थी। यूनिफार्म के कपड़ों की क्वालिटी सामान्य से भी कम थी। रेट अलग-अलग थे। क्वालिटी कपड़ों का रेट जानने के लिए रिपोर्टर कपड़े की होल सेल दुकान पर पहुंचा। यहां कपड़े का रेट देखने पर पूरा खेल समझ आ गया। जिस कपड़े में यूनिफार्म तैयार कराए जा रहे थे उनका रेट होलसेल मार्केट में पचास रुपए मीटर तक ही था।

- सभी तरह के प्लेन हॉफ पैंट का साइज 150 रुपए से लेकर 230 रुपए तक

- चेक में तैयार हॉफ पैंट का रेट 160 रुपए से लेकर 240 रुपए तक

- प्लेन फुल पैंट का रेट 260 रुपए से लेकर 380 रुपए तक

- चेक में तैयार फुल पैंट का रेट 250 रुपए से लेकर 370 रुपए तक

- फु ल प्लेन शर्ट का रेट 150 रुपए से लेकर 320 रुपए तक

- कॉलर पर पैच के साथ शर्ट का रेट 210 रुपए से 370 रुपए तक

- हॉफ शर्ट प्लेन का रेट 120 रुपए से 280 रुपए तक

- कॉलर पर पैच के साथ 170 रुपए से 330 रुपए तक


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