पद्मश्री कृष्णा राम चौधरी का वाराणसी में होगा अंतिम संस्कार राष्ट्रपति की ओर से मिले थे ये पुरस्कार

2019-01-17T09:17:57+05:30

मशहूर शहनाई वादक पद्मश्री कृष्णा राम चौधरी का बुधवार को केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में निधन हो गया। वह एक हफ्ते से यहां भर्ती थे। बुधवार दोपहर एक बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार वाराणसी में होगा।

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LUCKNOW: वाराणसी निवासी पद्मश्री कृष्णा राम चौधरी (74) का प्रयागराज के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। वहां से उन्हें एसजीपीजीआई रेफर किया गया था। लेकिन उन्हें पीजीआई में भर्ती करने से मना कर दिया गया था। 6 जनवरी को परिजन उन्हें केजीएमयू लाए थे। जहां उनका ऑपरेशन किया गया और फिर वेंटीलेटर पर उन्हें रखा गया था।


लगानी पड़ी थी गुहार

 केजीएमयू में भी उन्हें वेंटीलेटर की जरूरत थी, जिसके लिए गृहमंत्री तक से गुहार लगानी पड़ी थी। मामला मीडिया में आने के बाद ही उन्हें यहां वेटीलेटर मिल सका था। कृष्णा राम चौधरी का जन्म 1936 में वाराणसी में हुआ था। उन्होंने शहनाई वादन की दीक्षा पिता बुद्ध लाल चौधरी ली थी। उन्हें 13 अप्रैल 2017 को पद्मश्री की उपाधि से सम्मानित किया गया था।

ये सम्मान भी मिले थे

- राष्ट्रपति का विशेष पुरस्कार
- सुरमणी उपाधि
- यूपी संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
- बिहार सरकार की ओर से गोल्ड मेडल
- दिल्ली आर्ट कल्चरल सोसाइटी की ओर से संगीत रत्न
 - राष्ट्रपति की ओर से केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार।



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