डंप हो रहे दो हजार के नोट कहीं चुनाव में तो खपाने की नहीं है होड़

2019-04-16T09:25:03+05:30

चुनावी फिजा अपने पक्ष में मोड़ने के लिए प्रत्याशियों और उनके समर्थकों का खर्च भी बढ़ गया है इस बीच मार्केट से दो हजार के नोट गायब होने लगे हैं

- दो हजार के नोट मार्केट से हो रहे गायब, एक महीने में कम हो गए नोट

- व्यापारियों का कहना 20 से 40 परसेंट नोट मार्केट से हो गए हैं आउट

GORAKHPUR@inext.co.in
GORAKHPUR: लोकसभा चुनाव नजदीक आने के चलते नेताओं की दौड़-भाग तेज हो गई है। नेताओं के पीछे समर्थकों की भीड़ भी बढ़ती जा रही है और हर तरफ चुनाव को लेकर ही चर्चा हो रही है। चुनाव का इफेक्ट केवल राजनीतिक दायरे में ही नहीं, मार्केट पर भी नजर आने लगा है। चुनावी फिजा अपने पक्ष में मोड़ने के लिए प्रत्याशियों और उनके समर्थकों का खर्च भी बढ़ गया है। इस बीच मार्केट से दो हजार के नोट गायब होने लगे हैं, जिसके चलते चर्चा है कि कहीं चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए नोट डंप तो नहीं किए जा रहे। व्यापारियों का कहना है कि मार्केट से दो हजार के नोटों की संख्या में कुछ महीने से गिरावट हो रही है। बैंक अधिकारी भी मार्केट से नोट गायब होने के कारण को नहीं समझ पा रहे हैं तो दूसरी ओर व्यापारियों के पास दो हजार के नोट अब 30 से 50 परसेंट तक कम आ रहे हैं।

बंद है प्रिंटिंग
2016 में 500 व 1000 रुपए के नोट बंद होने के बाद आई कैश की कमी को दूर करने के लिए दो हजार के नोट बड़े पैमाने पर छापे गए थे। बड़ा नोट होने की वजह से करीब चार महीनों तक केवल दो हजार के नोट ही छापे गए थे। इस दौरान 500, 200, 100 और 50 रुपए के नोटों की छपाई नहीं होने से दो हजार के नोटों की मात्रा सर्कुलेशन में बढ़ गई थी। इसके बाद अर्थव्यवस्था में नोटों का अनुपात बराबर करने के लिए दो हजार के नोट की प्रिंटिंग बंद कर दी गई थी। पिछले साल से ही आरबीआई दो हजार के नोट नहीं छाप रहा है। इसके कारण मार्केट में उनकी संख्या कम हो रही थी जिसमें पिछले दो महीने से और तेजी आ गई है।

30 से 50 प्रतिशत तक आई कमी
दो हजार के नोट कम होने के कारण छोटी करेंसी के नोट और पेमेंट के दूसरे ऑप्शन की डिमांड बढ़ती जा रही है। शहर के व्यापारियों के अनुसार दो महीने पहले तक पूरे दिन के व्यापार के दौरान दो हजार के नोट 2 से 3 सौ की संख्या में आते थे। अब उनकी संख्या में गिरावट हुई है और रोजाना 100 से 150 नोट ही आ रहे हैं। यही नहीं, व्यापारियों का ये भी कहना है कि चेक, आरटीजीएस और डिमांड ड्राफ्ट से पेमेंट करने वालों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। सर्कुलेशन में छोटे नोट बढ़ने से उन्हें कैरी करने में परेशानी भी हो रही है।

वर्जन

आरबीआई दो हजार के नोट की प्रिंटिंग नहीं कर रहा है। सर्कुलेशन से दो हजार के नोट कम हुए हैं। लेकिन बैंकिंग लेवल से इसका रीजन समझ में नहीं आ रहा है।

महेश चन्द्र गुप्ता, एलडीएम

रोजाना के कारोबार में हमारे पास दो हजार के नोट अब लगातार कम आ रहे हैं। पहले जहां 100 नोट आ रहे थे अब उनकी संख्या 50 से 60 के बीच ही रह रही है।

अनूप किशोर अग्रवाल, व्यापारी

थोक मार्केट में व्यापारी पेमेंट के लिए दो हजार के नोट का अधिक इस्तेमाल करते हैं। यह कैरी करने में सुविधाजनक होता है। लेकिन अब दो हजार के नोटों की संख्या में कमी आ रही है।

अशोक जालान, व्यापारी

पिछले कुछ महीनों से पेमेंट के लिए चेक, डिमांड ड्राफ्ट और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन काफी अधिक हो गए हैं। दो हजार के नोट सर्कुलेशन में कम होने से ऐसा होना स्वाभाविक है।

कमलेश अग्रवाल, व्यापारी


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