श्री रामायण मंदिर में कथा के दौरान सुनाया आसन का महत्व

2018-10-05T06:00:34+05:30

-राम नाम के हीरे मोती संत बिखेरे गली गली लेलो रे कोई राम का प्यारा शोर मचाए गली गली

बरेली: अपने हाथों से संसार की सेवाएं भगवान की सेवाएं राष्ट्र की सेवा होती रहे यही शास्त्रों का उपदेश है। ऐसा कुछ भी न हो सके तो कम से कम अपनी सेवा अपने हाथ हो। यह बात कथा वाचक जगमोहन ने श्री रामायण मंदिर माधव बाड़ी में चल रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन कही।

सूती आसन से आती है दरिद्रता

उन्होंने कहा कि भगवान शिव कैलाश शिखर के वटवृक्ष के नीचे अपने हाथ अपना आसन व्याघ्रासन बिछाकर आसीन हो गए। पूजा पाठ और साधन नियम में आसन का बड़ा महत्व है। कुशासन पर आयु की वृद्धि व्याघ्रासन पर मोक्ष की प्राप्ति काले हिरण के चर्म के आसन पर और काले कंबल के आसन पर सभी सिद्धियां प्राप्त होती हैं। सूती आसन से दरिद्रता बिना आसन के धरती पर शोक पाषाण पर रोग और काष्ठ पर बैठकर किया हुआ साधन व्यर्थ हो जाता है।

माला और आसन

अपना ही हो अपने साथ हो इसे अकारण बदलना नहीं चाहिए। कुछ लोग तो गुरु ही बदल देते हैं। सेवा से दान से हाथ की शुद्धि होती है हृदय से कामना समाप्त हो तो हृदय की शुद्धि होती है। कथा वक्ताओं के सारे गुणों से भरपूर हैं। कार्यक्रम में कथा के दौरान भजन भी सुनाए जिसमें, राम नाम के हीरे मोती संत बिखेरे गली गलीश्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जगदीश भाटिया ने सुनाया, दीवानी दीवानी दीवानी पर कुर्बान जाइए तू राम का नाम लिए जा तू अपना काम किए जामेरा गिरधर गोपाल जग से निराला है न गोरा है न काला है जग से निराला है आदि भजन सुनाए। उन्होंने बताया कि कथा 8 सितंबर तक प्रतिदिन रात्रि 6:30 बजे से 9:30 बजे तक चलेगी। कार्यक्रम में अनिल अरोड़ा, नवीन अरोड़ा और पवन अरोड़ा आदि मौजूद रहे।

inextlive from Bareilly News Desk


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