अक्षय तृतीया पर क्यों करते हैं आभूषणों की खरीदारी जानें खरीदारी का शुभ मुहूर्त

2019-05-06T01:19:31+05:30

अक्षय तृतीया के दिन अबूझ मुहूर्त स्वयं सिद्ध मुहूर्त होने के कारण गृह प्रवेश वाहन आदि खरीदना धन निवेश करना अधिक लाभप्रद रहता है।

अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya 2019) का महत्व मां लक्ष्मी के पूजन के दृष्टिकोण से श्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन स्वर्ण एवं चांदी के आभूषणों की खरीदारी श्रेष्ठ मानी जाती है। धातु के रूप में लक्ष्मी जी घर पर आती हैं। इस दिन क्रय किए गए आभूषणों का पूजन किया जाता है। उसमें मां लक्ष्मी की स्थिति मानकर पूजा की जाती है, जिससे सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस दिन अबूझ मुहूर्त, स्वयं सिद्ध मुहूर्त होने के कारण गृह प्रवेश, वाहन आदि खरीदना, धन निवेश करना अधिक लाभप्रद रहता है।

ज्योतिषाचार्य पं. राजीव शर्मा बता रहे हैं कि आभूषण या अन्य वस्तुएं खरीदने के लिए शुभ समय क्या है। इसके अलावा हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।  

खरीदारी का समय

श्रेष्ठ चैघड़िया मुहूर्त चर, लाभ, अमृत का चैघड़िया:- प्रातः काल 08ः52 से अपरान्हः 01ः52 बजे तक।

शुभ का चैघड़िया:- अपरान्ह 03ः12 से सांय 04ः51 बजे तक।

उपरोक्त श्रेष्ठ चैघड़िया मुहूर्त के साथ श्रेष्ठ लग्न कर्क और सिंह प्रातः 10ः14 बजे से अपराह्न 02ः50 बजे तक सब कार्यों में पूजा करने तथा कराने वालों के लिए एवं खरीदारी के लिए अभिष्ट सिद्धि मानी जाएगी।

दिन में भी कर्क लग्न में अभिजीत मुहूर्त लगेगा, जोकि कई दोषों को दूर करने में सहायक होगा। स्वंय सिद्धि मुहूर्त अथवा अबूझ मुहूर्त एवं अवतार तिथि के समागम में पूजन शुभ होता है, कार्य निष्फल नहीं होता।

विशेष: इस दिन किसी से कोई भी कर्ज न लें और खाता पूजन अवश्य कराएं।

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