चोरी की बुक्स तो बज उठेगा सायरन

2019-06-01T06:00:02+05:30

लाइब्रेरी से बुक्स चोरी होने के मामलों पर लगेगी लगाम

सीसीएसयू की लाइब्रेरी में बुक्स चोरी न हो इसके लिए लगी डिवाइस

MEERUT । सीसीएसयू में अब सेंट्रल लाइब्रेरी में बिना इजाजत के बुक्स ले जाना स्टूडेंट को भारी पड़ेगा। अगर किसी ने बुक्स चोरी करने की कोशिश की तो वो पकड़ में आ जाएगा। गेट पर पहुंचते ही यह किताब सायरन करेगी जिससे स्टूडेंट पकड़ा जाएगा। छात्रों की चोरी पकड़ने वाली यह डिवाइस हर किताब में छुपी रहेगी, लेकिन ढूंढने पर हाथ नहीं आएगी। इससे लाइब्रेरी में एक-एक किताब का हिसाब रहेगा।

डिवाइस करेगा निगरानी

यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी में यह सब हुआ है रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन 3 एम डिवाइस लगने से। किताबों की सही ढंग से निगरानी और चोरी से बचाने के लिए यूनिवर्सिटी में डिवाइस लग गई है। अगले हफ्ते यह डिवाइस काम करना शुरू कर देगी। यह डिवाइस लाइब्रेरी में मौजूद किताब में छिपी चिप से जुड़ी होगी। जैसे ही कोई छात्र बिना अनुमति कोई किताब छुपाकर बाहर जाने की कोशिश करेगा तो एंट्री प्वाइंट पर लगी इस डिवाइस में तेजी से अलार्म बजना शुरू हो जाएगा। अलार्म बजते ही बाहर बैठे कर्मचारी सतर्क हो जाएंगे और छात्र पकड़ा जाएगा। इस डिवाइस के बाद किसी भी स्तर पर लाइब्रेरी से किताब बाहर ले जाना नामुमकिन होगा। खास बात यह है कि सेंट्रल लाइब्रेरी में यूनिवर्सिटी ने अभी केवल यह डिवाइस लगाई, लेकिन पढ़ने वालों की भीड़ आधी हो गई है। इससे पहले सेंट्रल यूनिवर्सिटी का हाल खचाखच भरा रहता था।

आधार से जोड़ा लाइब्रेरी

यूनिवर्सिटी ने स्टडी रुम में भी बाहरी छात्रों को रोकने और वैध छात्रों को मौका देने के लिए नियम सख्त कर दिए हैं। यूनिवर्सिटी ने स्टडी रूम के लिए तीन सौ रुपए का येलो कार्ड अनिवार्य कर दिया है। इस कार्ड को यूनिवर्सिटी ने आधार से जोड़ा है। इससे केवल वैध छात्र ही स्टडी रूम में पढ़ने जा रहे हैं। बाहरी छात्रों की एंट्री रुक गई है।

किताबों से टीचर तक दूर

करीब पौने दो लाख किताबों वाली इस सेंट्रल लाइब्रेरी से किताब इश्यू कराने वालों में शिक्षकों की संख्या बेहद कम है। कैंपस में रेगुलर शिक्षकों की संख्या 35 और टीचिंग असिस्टेंट 80 से ज्यादा हैं। छात्रों में भी इतिहास, हिन्दी में 14-14, कॉमर्स में 13, समाज शास्त्र में दस, और शिक्षा शास्त्र में 13 छात्रों ने किताबें इश्यू कराई। साहित्य की किताबें ना के बराबर हैं।

एचडी कैमरों से लैस हुई लाइब्रेरी

सेंट्रल लाइब्रेरी पर अब एचडी सीसीटीवी कैमरों की नजर रहेगी। यूनिवर्सिटी ने इंटरनेट लैब सहित महत्वपूर्ण स्थलों को एचडी कैमरों से कवर कर दिया है। कैमरों से इंटरनेट लैब में नेट सर्फिंग करने वाले छात्रों को सीधे मॉनिटर किया जा सकेगा। हालांकि यहां भी कैमरे लगते ही कंप्यूटर पर काम करने वाले छात्रों की संख्या आधी हो गई है।

डिवाइस लगने से सिस्टम में पारदर्शिता आएगी। केवल पढ़ने वाले वैध छात्र ही सेंट्रल लाइब्रेरी में आएंगे। यूनिवर्सिटी का मकसद कैंपस के छात्रों को पढ़ने के लिए उचित माहौल प्रदान करना है। अभी तक बाहरी छात्र भी सेंट्रल लाइब्रेरी पहुंच रहे थे। लेकिन डिवाइस लगने के बाद काफी फर्क पड़ेगा।

प्रो। वाई विमला, प्रोवीसी, सीसीएसयू

inextlive from Meerut News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.