परीक्षा विभाग से एसआईटी ने मांगा 2011 से दस्तावेज

2019-04-23T06:00:49+05:30

- एसआईटी ने एग्जाम डिपार्टमेंट से मांगा कर्मचारियों का डाटा

LUCKNOW :

फर्जी मार्कशीट मामले को लेकर एलयू कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जिससे एग्जाम डिपार्टमेंट के करीब 50 फीसद कर्मचारी जांच के राडार पर आ गए हैं। आने वाले दिनों में इनकी गिरफ्तारी तय माना जा रहा है।

कर्मचारियों की मांगी डिटेल

एसआईटी ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को पत्र लिख कर वर्ष 2011 से लेकर अब तक की जानकारी मांगी है। इसमें वर्ष 2011 से जिन-जिन कर्मचारियों और अधिकारियों के कार्य पटल में परिवर्तन हुए और इस दौरान सेवानिवृत्त या ट्रांसफर हुए उनका भी विवरण शामिल करने को कहा है। एसआईटी के इस सवाल से परेशानी उन अधिकारियों को होगी, जिन्होंने डिप्टी रजिस्ट्रार के रूप में कार्य किया है। एसआईटी ने परीक्षा विभाग के अंतर्गत तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों की नियुक्ति, नियुक्त पदवार संख्या, उनके नाम,पता एवं मोबाइल नंबर के साथ किये जा रहे कार्यो के बारे में जानकारी मांगी है। वहीं वर्ष 2011 से अब तक परीक्षा विभाग के महत्वपूर्ण दस्तावेज में शामिल रेड चार्ट व ब्लू चार्ट के रख-रखाव के साथ ही उनकी देखरेख करने वाले कर्मचारियों के नाम एवं पदनाम के बारे में भी ब्यौरा तलब किया है।

लगातार हो रही छापेमारी

एसआईटी ने सभी कोर्सो के मार्कशीट व डिग्री के सत्यापन की जिम्मेदारी लेने वाले कर्मचारियों की भी जानकारी मांगी है। बता दें कि फर्जी मार्कशीट प्रकरण में पुलिस आरोपियों तक पहुंचाने के लिए संदिग्धों से पूछताछ और धरपकड़ के लिए छापेमारी कर रही है लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा है। परीक्षा विभाग में तैनात व पकड़े गये चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नायाब हुसैन ने तीन कर्मचारियों के नाम लिये गये है। जिसमें गया बक्श सिंह, संजय सिंह चौहान फरार हैं, जबकि राजीव पाण्डेय से पूछताछ हो चुकी है।

inextlive from Lucknow News Desk


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