धड़ाधड़ प्रोजेक्ट लॉन्च कर आम लोगों से ठगी आर संस इंफ्रालैंड के खिलाफ SIT जांच की सिफारिश

2019-05-31T10:07:33+05:30

रेरा ने 117 शिकायतों की सुनवाई करने के बाद माना प्रमोटर ने आवंटियों से की संगठित लूट शासन से की जांच की संस्तुति। डेवलपर को तीन माह के भीतर रेरा में रजिस्ट्रेशन कराने का आदेश

lucknow@inext.co.in
LUCKNOW : राजधानी और बाराबंकी में बिना अनुमति व नक्शा पास कराए धड़ाधड़ प्रोजेक्ट लॉन्च कर आम लोगों को ठगने वाली आर संस इंफ्रालैंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड पर यूपी रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने नजर टेढ़ी कर ली है। आवंटियों की सैकड़ों शिकायतों को देखते हुए रेरा ने प्रमोटर को तीन महीने के भीतर एलडीए व बाराबंकी जिला पंचायत से तमाम अनुमतियां लेने के बाद रेरा में रजिस्ट्रेशन का आवेदन करने का निर्देश दिया है।

लगा शिकायतों का तांता
रेरा के अध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि आर संस इंफ्रालैंड प्राइवेट लिमिटेड ने बाराबंकी में जीवनदीप और प्रखर सिटी-1 जबकि, लखनऊ विकास क्षेत्र में प्रखर सिटी-2 प्रोजेक्ट लॉन्च किये थे। हालांकि, इन तीनों प्रोजेक्ट के लिये बाराबंकी जिला पंचायत और लखनऊ विकास प्राधिकरण से जरूरी मंजूरी व अनुज्ञाएं नहीं हासिल कीं। साथ ही प्रमोटर ने रेरा में इन प्रोजेक्ट्स का रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया। बीते दिनों रेरा को इन तीनों प्रोजेक्ट्स से संबंधित कुल 117 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें प्रमोटर द्वारा प्लॉट के एवज में रकम ऐंठ लेने और तय समय में प्लॉट का कब्जा न देने शिकायतें थीं।
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रजिस्ट्रेशन न होने की वजह से सुनवाई नहीं
चूंकि, रेरा में इन प्रोजेक्ट्स को रजिस्टर्ड नहीं कराया गया था, लिहाजा इन शिकायतों पर औपचारिक रूप से सुनवाई नहीं हो सकी। अध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि मामला बेहद गंभीर होने के चलते प्रमोटर आर संस इंफ्रालैंड डेवलपर लिमिटेड को नोटिस जारी कर तीनों प्रोजेक्ट्स को बाराबंकी जिला पंचायत व लखनऊ विकास प्राधिकरण से जरूरी मंजूरी व अनुज्ञाएं हासिल कर तीन महीने के भीतर रेरा में रजिस्ट्रेशन के लिये आवेदन करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर प्रमोटर को तीनों प्रोजेक्ट्स की लागत का 5 प्रतिशत 24.90 करोड़ रुपये का जुर्माना देना होगा। इसके साथ ही रेरा ने आवंटियों के साथ की गई इस धोखाधड़ी को संगठित लूट मानते हुए संपूर्ण विवरण शासन को भेजते हुए मामले की एसआईटी जांच की सिफारिश की गई है। बताया गया कि तीनो प्रोजेक्ट्स के रेरा में रजिस्ट्रेशन हो जाने पर इन तमाम शिकायतों की विधिवत सुनवाई की जाएगी।



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