सोना है सोणा पर चांदी भी नहीं है कम

2019-05-03T06:00:02+05:30

-कुंडली के ग्रहों को प्रभावित करता है चांदी

-धार्मिक अनुष्ठान में भी होता है इस्तेमाल

prayagraj@inext.co.in

PRAYAGRAJ: सोने की तरह चांदी भी अनमोल है, क्योंकि चांदी केवल श्रृंगार और निवेश के काम में आने वाला धातु नहीं है। धार्मिक दृष्टि से चांदी को अत्यंत पवित्र और सात्विक धातु माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार चांदी का उद्भव भगवान शिव के नेत्रों से हुआ था। इसीलिए चांदी ग्रह-दोषों के निवारण, पूजा-अनुष्ठान व विघ्न-बाधाओं से मुक्ति के लिए चांदी की खरीदारी आज भी सबसे ज्यादा होती है।

़चंद्रमा और शुक्र से है संबंध

इस अक्षय तृतीया पर सराफा बाजार में चांदी से बनी ज्वेलरी का स्टॉक रख लिया गया है। आमतौर पर चांदी का इस्तेमाल गहनों के रूप में ज्यादा होता है। लेकिन चांदी से केवल सुंदरता ही नहीं बढ़ती बल्कि यह आपकी कुंडली के ग्रहों को भी प्रभावित करती है। इसका सीधा असर आपके जीवन पर पड़ता है। चांदी ज्योतिष में चंद्रमा और शुक्र से संबंध रखती है। चांदी शरीर के जल तत्व तथा कफ धातु को नियंत्रित करती है। सोने के मुकाबले चांदी कम मूल्यवान होने के कारण ज्यादा प्रयोग की जाती है। इसलिए आम आदमी की जिंदगी में चांदी का बहुत महत्व है।

39 हजार के भाव पर टिकी है चांदी

कुछ दिनों पहले जहां चांदी का भाव 42 से 43 हजार रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया था। वहीं इस समय चांदी 39 से 40 हजार रुपए प्रति किलोग्राम के भाव में अटकी हुई है। 2018 में भी अक्षय तृतीया के दौरान चांदी का करीब-करीब यही भाव था। इस बार चढ़ाव के बाद उतार होने से चांदी की बढ़त रफ्तार कम है।

चांदी का महत्व-

-चांदी हमारे जीवन में प्रयोग होने वाली मुख्य धातुओं में एक है।

-चांदी को बहुत पवित्र और सात्विक धातु माना जाता है।

-ऐसा माना जाता है कि चांदी भगवान शंकर के नेत्रों से उत्पन्न हुई थी।

-ज्योतिष में चांदी का संबंध चंद्रमा और शुक्र से है।

-चांदी शरीर के जल तत्व और कफ को नियंत्रित करती है।

-यह मध्यम मूल्यवान होने के कारण ज्यादा प्रयोग की जाती है।

चांदी का शरीर और ग्रहों पर असर

-चांदी के प्रयोग से मन मजबूत और दिमाग तेज होता है।

-चांदी के प्रयोग से चंद्रमा की समस्याओं को शांत किया जा सकता है।

-शुक्र को मजबूत करके मन को प्रसन्न रखती है चांदी

-चांदी शरीर में जमा विष निकालकर त्वचा को कांतिवान बनाती है।

अक्षय तृतीया पर चांदी का रेट- प्रति किलोग्राम

01 मई 2019 को चांदी का रेट 40,500 रुपया

2018 39,299 रुपया

2017 40,010 रुपया

2016 41,200 रुपया

2015 42,259 रुपया

2014 41,650 रुपया

वर्जन

चांदी ज्योतिष में चंद्रमा और शुक्र से संबंध रखती है। हिंदू धर्म में चांदी को बहुत शुद्ध और प्रभावशाली धातु माना गया है। चांदी के गहने, सिक्के, मूर्तियां और बर्तन जिस घर में ये सारी चीजें मौजूद होती हैं वहां सुख, वैभव और संपन्नता आती रहती है।

-पं। दिवाकर त्रिपाठी पूर्वाचली

ज्योतिषाचार्य

फेस्टिवल हो या फिर शादी का सीजन सोने की डिमांड सबसे ज्यादा रहती है, लेकिन चांदी की चमक कम नहीं होती है। चांदी का उपयोग लोग ग्रह-नक्षत्रों के दोष से मुक्ति के लिए करते हैं। वहीं जिसकी हैसियत सोना खरीदने की नहीं है, वह चांदी से ही काम चला लेता है।

-विजय सिंह

राजपूत ज्वैलर्स

सिविल लाइंस

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