सिवान मतलब शहाबुद्दीन नहीं विद्या बालन की जहां सोच वहां शौचालय वाली लड़की पूजा है

2016-09-13T10:11:01+05:30

बिहार का सिवान जिला। यूं तो आज राष्‍ट्रीय जनता दल के पूर्व सांसद और सिवान के बाहूबली नेता मोहम्‍मद शहाबुद्दीन के 11 साल बाद जेल से रिहा होने को लेकर जबरदस्‍त तरीके से चर्चा में है बिहार का ये जिला लेकिन सिर्फ शहाबुद्दीन ही अकेले नहीं जो इस जगह की पहचान बने हों। इनके अलावा और भी बहुत कुछ अच्‍छा है यहां जिसको लेकर आज सिवान एक जानामाना नाम बन चुका है। आइए जानें ऐसा क्‍याक्‍या है सिवान में जिसने कर रखा है पूरे देश में अपने नाम को रोशन।


1 - देश के पहले राष्‍ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद

सिवान के विख्‍यात होने की चर्चा हमारे देश के पहले राष्‍ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नाम से शुरू होती है। बताया जाता है कि हमारे देश्‍ा के पहले राष्‍ट्रपति यहीं के रहने वाले थे। उनके नाम पर आज भी ये जिला गर्व से सिर उठाता है।

2 - 'जहां सोच वहां शौचालय' वाली लड़की पूजा
पिछले साल हसनपुर के बनियापट्टी गांव के शंभू महतो की बेटी पूजा महतो का नाम खूब चर्चा में रहा। बेहद साहस का काम किया उन्होंने। बॉलीवुड एक्‍ट्रेस विद्या बालन रोज टीवी पर इसको लेकर प्रचार करती नजर आती हैं। वह बताती हैं कि 'जहां सोच, वहां शौचालय’ और शौचालय नहीं तो शादी नहीं। उनके इस प्रचार को पूजा ने हकीकत में साबित किया है। पूजा की कहानी कुछ यूं है कि शादी के बाद जब उनकी विदाई होने वाली थी, उन्हें मालूम चला कि जिस घर में वह ब्याह करने जा रही हैं, वहां शौचालय ही नहीं है। ऐसे में पूजा ने मना कर दिया कि वह ससुराल नहीं जाएगी। उसके इस फैसले के बाद वहां पंचायत बैठती है कि पूजा गलत कर रही हैं। इसके बावजूद वह अपनी बात पर अड़ी रहती हैं। मजबूर होकर लड़के के पिता को कहना पड़ता है कि वह पहले जाकर जल्द शौचालय बनवाते हैं, तब बहू आएगी।

3 - मजहरूल हक
इनके अलावा मजहरूल हक भी यहीं के थे। आपमें से कई लोग सोच रहे होंगे कि कौन हैं ये मजहरूल हक। बता दें ये वह थे जिन्‍होंने आजादी की लड़ाई के दौरान अपनी सारी संपत्ति कांग्रेस को दान कर दी थी। उन्‍हीं की जमीन पर पटना में सदाकत आश्रम बना है। बता दें कि ये कांग्रेस का राज्‍य मुख्‍यालय है।
 
4 - खुदाबख्‍श के नाम पर पटना की चर्चित लाइब्रेरी का नाम
खुदाबख्‍श। इनके नाम पर देश में चर्चित पटना की खुदाबख्‍श लाइब्रेरी है। वह खुदाबख्‍श भी यहीं के रहने वाले थे।

5 - जयप्रकाश नारायण की पत्‍नी जयप्रभा
कुछ इसी तरह अतीत के पन्‍नों पर नजर डालेंगे तो और भी बहुत कुछ है इस जिले से जुड़ा हुआ। अब जयप्रकाश नारायण की पत्‍नी जयप्रभा को ही ले लीजिए। वह भी यहीं की रहने वाली थीं। जयप्रभा के बाबूजी ब्रजकिशोर बाबू भी इसी जगह के रहने वाले थे।
 
6 . महान संगीतकार चित्रगुप्‍त व उनके बेटे संगीतकार आनंद-मिलिंद
महान संगीतकार चित्रगुप्‍त का नाम भला कौन नहीं जानता। वह भी यहीं के हैं। बता दें कि इन्‍हीं के बेटे हैं आज के मशहूर संगीतकार आनंद-मिलिंद।

7 . 'सिया के राम' सीरियल के हनुमान किरदार में दानिश
इस समय टीवी पर आने वाले मशहूर धारावाहिक 'सिया के राम' की भी चर्चा यहीं से होती है। धारावाहिक में हनुमान जी का किरदार निभाने वाले कलाकार का नाम है दानिश। वह दानिश भी इसी जिले से ताल्‍लुक रखते हैं।
8 . अर्थव्‍यवस्‍था में रेमिटेंस मनी का महत्‍वपूर्ण स्‍थान
बिहार की अर्थव्‍यवस्‍था को मजबूत करने में ये जिला बेहद अहम भूमिका निभाता है। बताया जाता है कि बिहार की अर्थव्‍यवस्‍था में रेमिटेंस मनी (विदेश में काम कर रहे कामगार की ओर से अपने देश में भेजी जाने वाली रकम) का बेहद महत्‍वपूर्ण स्‍थान है। 2015-16 में सीवान और पड़ोसी जिला गोपालगंज रेमिटेंस मनी में पहले पायदान पर रहा था। बता दें कि भारत इस पूरी दुनिया में रेमिटेंस मनी की अर्थव्‍यवस्‍था में पहला स्‍थान रखता है और बिहार इस क्रम में देश में दूसरे नंबर पर आता है।
 
9 . बनी लड़कियों की हैंडबॉल टीम
सीवान से कुछ ही दूरी पर मैरवा नाम का कस्बा है। यहां के रहने वाले एक शिक्षक संतोष पाठक। इन्‍होंने बीते कुछ सालों की मेहनत के बाद एक खामोश क्रांति की। बिहार की हैंडबॉल टीम में अधिकांश लड़कियां मैरवा की ही होती हैं। एक बार तो और भी बड़ी बात हुई कि बिहार की टीम में नौ लड़कियां सिर्फ वहीं की थीं।
 
10 . गुरु द्रोणाचार्य का क्षेत्र है ये
यहीं पड़ता है इलाका दोन। दोन गुरु द्रोणाचार्य का ही क्षेत्र है। उन्हीं के नाम पर इसका नाम दोन पड़ा था।
Interesting Newsinextlive fromInteresting News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.