छोटी बचत योजनाआें पर मोदी सरकार का बड़ा तोहफा

2018-09-21T04:41:46+05:30

केंद्र सरकार ने छोटी बचत योजनाआें पर ब्याज दरें बढ़ाने की घोषणा की है। इससे पीपीएफ एनएससी केवीपी आैर सुकन्या समृद्धी योजना जैसी बचत योजनाआें पर ज्यादा रिटर्न मिलेगा।

नर्इ दिल्ली (आर्इएएनएस)। केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को छोटी बचत योजनाआें पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। इनमें नेशनल सेविंग स्कीम (एनएससी), पब्लिक प्राॅविडेंट फंड (पीपीएफ) आैर किसान विकास पत्र (केवीपी) भी शामिल हैं। बढ़ी हुर्इ दरें चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए होगी, जो 1 अक्टूबर, 2018 से लागू होगी। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन के अनुसार, 5 साल से कम की बचत योजनाआें के लिए ब्याज दरों में 0.3 प्रतिशत आैर 5 साल से ज्यादा अवधि की बचत योजनाआें पर 0.4 प्रतिशत बढ़ोतरी की गर्इ है।
पीपीएफ पर 8 प्रतिशत आैर सुकन्या समृद्धी योजना पर 8.5 प्रतिशत
पीपीएफ आैर एनएससी के लिए ब्याज दरें 8 प्रतिशत होगी जबकि केवीपी के लिए नर्इ ब्याज दरें 7.7 प्रतिशत होगी। इससे पहले पीपीएफ आैर एनएससी पर 7.6 प्रतिशत आैर केवीपी पर 7.3 प्रतिशत ब्याज दरें तय थीं। वहीं 5 साल तक के लिए सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम पर नर्इ ब्याज दर 8.7 प्रतिशत होगी। बच्चियों के लिए सुकन्या समृद्धी योजना पर ब्याज की नर्इ दर 8.5 प्रतिशत हो गर्इ है। सरकार ने बचत जमा पर ब्याज दर पहले की तरह ही 4 प्रतिशत ही रखी है।


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