यूपी अब एसएमएस से पहुंचेगा वारंट का पैगाम

2018-09-10T01:57:46+05:30

- सीसीटीएनएस सिस्टम के तहत की जाएगी ऑनलाइन व्यवस्था

- सभी सर्किल वाइज थानों की पुलिस की ट्रेनिंग के निर्देश

BAREILLY: वारंट तामील कराने में अब देरी नहीं होगी और जिसे वारंट जारी हुआ, वह भी देरी से वारंट मिलने की शिकायत नहीं कर सकेगा। ऐसा होगा सीसीटीएनएस योजना के तहत ऑनलाइन सिस्टम से। इस सिस्टम से मुकदमे के ट्रायल के दौरान सम्मन या वारंट का पैगाम एसएसएस के जरिए पहुंच जाएगा। इस सिस्टम को लागू करने के लिए सभी जिलों में सर्किल वाइज वर्कशॉप आयोजित करने और प्रोफार्मा की फीडिंग करने के निर्देश दिए हैं.

समय पर नहीं पहुंचता वारंट

किसी भी मामले में कोर्ट से वारंट या सम्मन जारी होता है। कोर्ट मोहर्रिर के जरिए वारंट संबंधित थाने को पहुंचता है। संबंधित थाना उस एरिया के चौकी इंचार्ज या हल्का प्रभारी को वारंट देता था, जिसके बाद पुलिस अपने एरिया में रहने वाले शख्स का वारंट पहुंचाता है। इस लंबी प्रोसेस में ही दिक्कत होती है और वारंट समय पर नहीं पहुंच पाता है और फिर प्रॉब्लम शुरू हो जाती हैं। वारंट समय पर न पहुंचे पर तारीख मिस हो जाती है और लोग कोर्ट पर समय पर नहीं पहुंचते हैं.

कोर्ट सेल का भी हुआ गठन

इसका असर केस पर भी पड़ता है और समय पर गवाही न होने की वजह से केस लंबा खिंचता है। कई बार गवाह के न पहुंचने केस पर भी प्रवाह पड़ता है। अक्सर लोग वारंट न मिलने की शिकायत भी करते हैं। कोर्ट समय- समय पर इसको लेकर निर्देश जारी कर चुका है, लेकिन स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं आया। बरेली में कुछ दिनों पहले पूर्व एसएसपी कलानिधि ने एक सेल का भी गठन किया था, जिससे समय पर वारंट पहुंच सकें.

एफआईआर के वक्त माेबाइल नंबर

सीसीटीएनएस में इसकी व्यवस्था है, जिसके चलते अब इसे प्रदेश के सभी थानों में लागू करने की तैयारी है। इसके लिए एफआईआर दर्ज करते वक्त वादी का नाम, पता और मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा। इसके अलावा केस में कोई गवाह है तो उसकी भी डिटेल ली जाएगी। मोबाइल नंबर से ही ऑनलाइन सिस्टम के जरिए वारंट का मैसेज भेज दिया जाएगा, जिससे लोग समय पर कोर्ट में हाजिर हो सकेंगे.

सीएएस लॉग- इन के जरिए काम

सीसीटीएनएस में पुलिसकर्मी सीएएस लॉग- इन के जरिए काम करेंगे। यहां पर वारंट की डिटेल फिल करनी होगी। इस सिस्टम के जरिए वारंट किसे भेजना है। वारंट को सर्च करना है और उसके प्रिंट निकालने की भी व्यवस्था है। किस तरह से सिस्टम वर्क करेगा, इसके लिए एडीजी टेक्निकल सर्विस ऑफिस से पूरा फॉर्मेट भी निर्देश के साथ भेजा गया। ताकि किसी प्रकार की कोई प्रॉब्लम न हो.

अभी यह हो रहा ऑनलाइन

मौजूदा समय में सीसीटीएनएस के जरिए एफआईआर, चार्जशीट, फाइनल रिपोर्ट और केस डायरी ऑनलाइन की जा रही है। अब बदमाशों का डोजियर भी ऑनलाइन तैयार किया जा रहा है। इन सब सुविधाओं से पुलिस की वर्किंग फास्ट हुई है, जिसका लाभ पब्लिक को भी मिल रहा है। आने वादे पब्लिक से जुड़ी कई सुविधाएं एप से भी जोड़ी जा रही हैं.

inextlive from Bareilly News Desk


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