पॉवर कंज्यूमर के साथ अब बनिए पॉवर जेनरेटर

2019-06-04T06:00:45+05:30

-सोलर लाइट से घर जगमगाएं और बिजली भी बचाएं

-बैटरी बैकअप का झंझट खत्म, पॉवर ग्रिड से डायरेक्ट कनेक्टिविटी का आया सिस्टम

balaji.kesharwani@inext.co.in

PRAYAGRAJ: सर्दी हो या गर्मी बिजली एक जरूरत बन चुकी है। लेकिन विडंबना यह है कि प्रॉपर वे में कनेक्शन लेने और टाइम टु टाइम बिल पेमेंट के बाद भी 24 घंटे बिजली नहीं मिल पाती। कभी ट्रांसफार्मर फूंकने, कभी केबिल टूटने तो कभी जंफर उड़ने से बिजली गायब होने की टेंशन। लेकिन अब इस टेंशन को दूर करने का ऑप्शन आ गया है। बिजली कटौती से परेशान कंज्यूमर के पास पॉवर जेनरेटर बनने की च्वॉइस भी आ चुकी है।

सोलर लाइट से दूर होगी समस्या

बिजली उत्पादन की समस्या खत्म करने के लिए सेंट्रल और स्टेट गवर्नमेंट सोलर लाइट प्लांट को प्रोत्साहित कर रही है। कुछ महीने पहले तक सोलर पैनल लगाकर बैटरी बैकअप के जरिये इलेक्ट्रिक सप्लाई का सिस्टम लागू था। लेकिन अब राज्य सरकार की रिन्युएबल एनर्जी डेवलपमेंट अथॉरिटी ने सोलर प्लांट के डायरेक्ट ग्रिड से कनेक्ट करने और बैटरी के जरिए बैकअप का झंझट ही खत्म कर दिया है।

ऐसे काम करेगा सोलर प्लांट

-छत पर ग्रिड कनेक्टेड सोलर प्लांट लगने के बाद धूप में प्लांट से बिजली जेनरेट होती रहेगी।

-यह कहीं स्टोर नहीं होगी, बल्कि ग्रिड में सप्लाई होगी।

-ग्रिड में सोलर की बिजली इलेक्ट्रिकली रिप्लेस होगी।

-अगर किसी ने दस किलोवाट का कनेक्शन लिया है। पांच किलोवाट दिन में यूज हुआ, पांच किलोवॉट बच गया है तो बची हुई बिजली ग्रिड में चली जाएगी।

-थ्रू मैग्नेट मीटर, मीटर चेंज हो जाता है। रात में जब बिजली यूज करेंगे तो बची हुई बिजली से यूज बिजली रिप्लेस होगी। वही रीडिंग बाद में मीटर में एडजस्ट होगी।

-सोलर प्लांट से जेनरेट जितनी बिजली यूज होती है और जितनी बिजली बचती है। बची हुई बिजली बिल में माइनस होती रहती है।

सोलर प्लांट लगाने का खर्च

-55 रुपए प्रति वाट करीब आता है, सोलर प्लांट लगाने का खर्च।

-02 लाख 75 हजार रुपए आएगा पांच किलोवाट का प्लांट घर में लगाने का खर्च।

-10 किलोवाटर पर 30 परसेंट सब्सिडी और 30 हजार रुपए स्टेट गवर्नमेंट से सब्सिडी दी जाएगी।

-नेडा द्वारा अप्रूव्ड फर्म से ही प्लांट लगाने पर ही सब्सिडी मिलेगी।

इतनी जगह चाहिए

-10 स्क्वायर मीटर पर किलोवाट सोलर प्लांट लगाने के लिए जगह चाहिए।

दस किलोवाट तक डोमेस्टिक

-दस किलोवाट तक डोमेस्टिक कनेक्शन माना जाता है, उसके ऊपर कॉमर्शियल हो जाता है।

पॉल्यूशन और मेंटेनेंस फ्री

सोलर लाइट पूरी तरह से पॉल्यूशन फ्री है। 25 साल तक सोलर पैनल का कोई मेंटेनेंस नहीं है। पांच साल तक मेंटेनेंस वारंटी होती है।

25 जून है सब्सिडी पाने की लास्ट डेट

सब्सिडी के साथ सोलर प्लांट लगाने के लिए 25 जून लास्ट डेट डिसाइड की गई है। 25 जून से पहले जिन सिस्टम्स का ऑनलाइन डाटा विद कम्प्लीशन फिल हो जाएगा उन्हीं को सब्सिडी मिलेगी। 25 जून के बाद पॉलिसी चेंज हो जाएगी।

वर्जन

सोलर लाइट प्लांट की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही है। स्कूल, कॉलेजेस, हॉस्पिटल, बड़े-बड़े संस्थानों में सोलर प्लांट लगाकर बड़े पैमाने पर बिजली की बचत हो रही है। वहीं बिजली बिल में भी काफी कमी आई है। 25 जून तक लोग सब्सिडी के साथ सोलर प्लांट लगवा सकते हैं।

-मो। शाहिद सिद्दीकी

अवर अभियंता

नेडा

inextlive from Allahabad News Desk


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