व्यापारी पुत्र का अपहरण पुलिस ने किया बरामद

2019-04-06T11:18:30+05:30

-लक्सा के सिद्धगिरी बाग में घर से बदमाशों ने किया था व्यापारी के बेटे को अगवा

-सिगरा के एक होटल के हुक्काबार से बरामद हुआ, तीन आरोपी भी चढ़े पुलिस के हत्थे

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VARANASI : पुलिसिया इकबाल को चुनौती देते हुए बदमाशों ने गुरुवार की रात लक्सा थाना इलाके से व्यापारी पुत्र कार्तिक को घर से अगवा कर लिया। साथ ही घर से छह लाख के जेवर भी लूट लिये। वारदात के समय कार्तिक घर में अकेला था। इसके बाद बदमाशों ने उसे सिगरा स्थित अशोक होटल के हुक्काबार में छुपा रखा था। बदमाशों की भनक लगते ही होटल पहुंचे परिजनों सहित लक्सा-सिगरा पुलिस ने बेटे को बरामद करते हुए तीन आरोपियों को दबोच लिया है। गिरोह का सरगना अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है।

 

 

कालबेल बजाकर घर में मारी इंट्री

सिद्धगिरी बाग कॉलोनी निवासी अनिल बजाज का पुत्र कार्तिक 12 वर्ष गुरुवार की रात घर में अकेला था। मां सत्संग में गई थी। तभी कॉलबेल बजाते हुए इलाके के चार युवक घर में घुसे और कार्तिक को धमकाते व मारते हुए आलमारी के तिजोरी की चाभी ले ली। आलमारी में रखे करीब छह लाख मूल्य के जेवर समेटते हुए कार्तिक को भी उठा ले गये। घटना की जानकारी मां के घर पहुंचने पर मिली तो पड़ोसियों सहित अन्य रिश्तेदारों में हड़कंप मच गया। खोजबीन शुरू हुई तो अनिल बजाज के एक रिश्तेदार अशोक नगर निवासी ने सूचना दी कि इलाके के कुछ युवक अशोक होटल के पास देखे गए हैं। परिजन करीब रात दो बजे अशोक होटल पहुंचे तो यहां बेसमेंट में छुपाकर रखे गए कार्तिक को पुलिस की मदद से बरामद किया। अगवा करने में शामिल इलाके के तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए औरंगाबाद निवासी विकास यादव, सिद्धगिरी बाग निवासी राहुल व राजू से पुलिस पूछताछ कर रही है। जबकि मुख्य सरगना कस्तूरबा नगर कालोनी निवासी ऋषि सिंह फरार है। छह लाख के जेवर भी बरामद नहीं है।

 

 

हुक्का-बार में रखा गया था कार्तिक

पुलिस की जांच में सामने आया कि होटल के बेसमेंट में चल रहे हुक्का-बार में कार्तिक को छुपाकर रखा गया था। घटना में होटल प्रबंधन की लापरवाही भी जांच के घेरे में है। यह भी पता चला है कि हुक्काबार में गलत तरह के कई काम होते है। सीओ दशाश्वमेध प्रीति त्रिपाठी ने बताया कि घटना में शामिल सभी पर कार्रवाई की जाएगी। मौके से एक बाइक भी बरामद हुई है। यह भी पता चला है कि होटल प्रबंधन की लापरवाही से मुख्य सरगना फरार हुआ है।

 

 

हो चुकी है बेटे की हत्या

व्यापारी अनिल बजाज के एक बेटे चिराग बजाज की हत्या 2006 में अगवा करने के बाद कर दी गई थी। उस दौरान के चर्चित हत्याकांड में चिराग का शव गंगा पार रेती में मिला था। इस तरह की दूसरी घटना होने से खौफजदा परिवार ने पुलिस से सिक्योरिटी की डिमांड की है। लक्सा थाना पर व्यापारी नेताओं ने पुलिस के प्रति आक्रोश भी व्यक्त किया है।

 

होटल के पास से भागी कार

परिजनों ने पुलिस को बताया कि जब होटल पहुंचे तो बाहर सड़क पर खड़ी स्विफ्ट कार काफी तेजी से भाग निकली। आशंका है कि उसमें कुछ और बदमाश शामिल रहे होंगे।

 

 

 

पहले से जानते थे इलाकाई बदमाश

पुलिस की पूछताछ में कार्तिक ने बताया कि इलाके के चारों आरोपी जानते थे। हर सप्ताह पैसे के लिए धमकाते भी थे। इन लोगों को मालूम चला कि घर में कोई नहीं है तो घुस गए और मारते पीटते हुए तिजोरी की चाभी मांगी। कैश तो नहीं मिले लेकिन मां के जेवर समेटते हुए साथ में मुझे उठा ले गए। कार्तिक के पिता अनिल बजाज ने भी ऋषि सिंह पर आरोप लगाया है कि इलाके में यह मनबढ़ व शातिर किस्म का है, सीधे साधे छात्रों को डरा धमका कर उनसे पैसे ऐंठता है।

inextlive from Varanasi News Desk


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