एसएसपी का पारा हाई

2014-07-01T07:01:03+05:30

- एसएसपी ऑफिस पर फरियाद लेकर पहुंचे फरियादियों पर गर्माए कप्तान

- ठगी की शिकायत लेकर आए फरियादियों से कहा पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर लो, कार्रवाई नहीं होगी

- भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नेताओं को धमकाया, कहा जाओ जाम लगाकर ही देख लो

एसएसपी ऑफिस पर फरियाद लेकर पहुंचे फरियादियों पर गर्माए कप्तान

- ठगी की शिकायत लेकर आए फरियादियों से कहा पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर लो, कार्रवाई नहीं होगी

- भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नेताओं को धमकाया, कहा जाओ जाम लगाकर ही देख लो

MEERUT: meerut@inext.co.in

MEERUT: रोजाना शालीनता से समस्याओं का निस्तारण करने वाले एसएसपी ओंकार सिंह सोमवार को जून माह के आखिरी दिन काफी गर्म दिखाई दिए। जो भी फरियादी अपनी समस्या लेकर उनके दरबार में पहुंचा तो उनके साथ बड़े कड़क मिजाज के साथ पेश आए। कुछ लोगों को गिरफ्तार कराने के लिए महिला थाने और सिविल लाइन थाने की पुलिस भी बुला ली, पुलिस से फरियादियों की काफी धक्का- मुक्की भी हुई। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.

भाजपाइयों पर नाराज हो गए कप्तान भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष बासित अली के नेतृत्व में काफी कार्यकर्ता एसएसपी ऑफिस पहुंचे, यहां पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। नारेबाजी की आवास सुनने के बाद एसएसपी के पेशकार बाहर आ गए और नारेबाजी बंद कर चार लोगों को एसएसपी से अपनी समस्या बताने के लिए ऑफिस के अन्दर जाने को कहा। इस पर बासित अली ने कहा कि वे चार लोगों के साथ एसएसपी से नहीं मिलेंगे, वे सबके साथ अंदर जाएंगे, जिस पर पेशकार से हॉट- टॉक हो गई। आरोप है कि पेशकार ने भाजपाइयों से गाली- गलौज कर दी। भाजपाइयों ने सड़क पर जाम लगाने की चेतावनी दे दी। काफी कहासुनी के बाद बासित अली एसएसपी से मिलने अंदर गए, और कहा कि शहर में गोकशी काफी संख्या में हो रही है, गोकशी की सूचना पुलिस को देने वाले दिलशाद भारती को गोली मार दी गई, पुलिस चार दिन बीत जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं कर सकी। बासित ने कहा कि यदि गोकशी करने वाले और दिलशाद पर हमला करने वालों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे शहर में आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, सड़क पर जाम भी लगा देंगे, जिस पर एसएसपी नाराज हो गए और कहा तुम जाम लगा लो, हम देखेंगे तुम जाम कैसे लगाओगे। इस पर बासित अली अपनी टीम के साथ वापस आ गए। इस मौके पर जाकिर खान, सलीम पहलवान, आलम, अंसार खान, डॉ। मैराज राणा, जमीन, इमरान, पुष्पेंद्र आदि मौजूद रहे.

नारेबाजी करना पड़ा भारी

ठगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस ऑफिस पहुंचे जेल चुंगी के आशा नगर के रहने वाले लोगों को पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करना भारी पड़ गया। पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद की नारेबाजी शुरू होते ही कप्तान का पारा एक बार फिर हाई हो गया। उन्होंने पेशकार से कहकर चार लोगों को बात करने के लिए बुलाया और साफ कहा कि पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने से कार्रवाई नहीं होगी। जिसके बाद लोग वापस बाहर आ गए और फिर से पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

महिला पुलिस कर्मियों से हाथापाई

एसएसपी ने सिविल लाइन इंस्पेक्टर आलोक सिंह और महिला थाना प्रभारी अलका पंवार को ऑफिस में बुलाकर थाने ले जाने के निर्देश दिए। जिस पर काफी संख्या में आई महिलाएं भड़क गई और महिला पुलिस ने जैसे ही कार में डालने की कोशिश की तो पुलिस कर्मियों से हाथापाई कर दी। इस दौरान बेंच भी टूट गया। महिलाओं ने महिला थाने की पुलिस को जमकर खरी खोटी सुनाई। महेश कश्यप ने बताया कि रेलवे में संविदा पर प्राइवेट नौकरी करते थे। क्ख्.क्ख्.ख्0क्फ् को विनोद पुत्र संतमा जय के जरिए ब्ब् वीं बटालियन पीएसी में नौकरी करने वाले अमर सिंह पुत्र निरंकारी देवी और विपिन गिरी पुत्र चंद्रभान गिरि ने अपने को रेलवे का टीटी बताकर दस लाख रुपये ठग लिए। पीडि़त अपने पैसे वापस दिलाने की मांग को लेकर कप्तान के ऑफिस आए थे.

inextlive from Meerut News Desk


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