जहरखुरानों के गैंग ने लूटी थी सिपाही की कार्बाइन

2019-04-19T06:00:28+05:30

- रेलवे स्टेशन से सवारी बैठाकर शिकार करते थे जहरखुरान

- एसटीएफ ने आजमगढ़ के शातिर को दबोचा, अन्य की तलाश

GORAKHPUR: पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी के गनर दुर्गेश यादव की कार्बाइन जहरखुरानों के गैंग ने लूटी थी। घर लौट रहे सिपाही को नौसढ़ में बिठाकर जहरखुरानों ने कोल्ड ड्रिंक में नशीली दवा पिलाई। उसके अचेत होने पर गगहा एरिया में हाइवे पर फेंककर फरार हो गए। जहरखुरान गैंग के सदस्य को अरेस्ट करके एसटीएफ गोरखपुर यूनिट ने लूट की कार्बाइन बरामद किया। एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया कि जहरखुरानों के गैंग ने कई वारदातों को अंजाम दिया है।

घर लौटते समय शिकार हुआ था सिपाही

बड़हलगंज एरिया के खड़ेसरी, बेदौली निवासी दुर्गेश यादव उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल है। उसकी तैनाती बलिया जिले में है। उसकी ड्यूटी पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी की सुरक्षा में लगी है। तीन अप्रैल को कांस्टेबल दुर्गेश यादव बस से नौसढ़ में पहुंचा। करीब ढाई बजे चौराहे पर उतरकर वह बड़हलगंज जाने वाली टैक्सी की तलाश में जुट गया। इस दौरान उससे कार सवार दो-तीन लोग मिले। रास्ते में नशीला पदार्थ पिलाकर सिपाही को अचेत कर दिया। उसके बेहोश होते ही भलुआन के पास कार से फेंककर फरार हो गए। सवारी मिलने के पहले सिपाही ने अपने भाई को फोन से बता दिया था। उसके भाई ने तलाश शुरू की तो अचेत हाल सिपाही मिला। पुलिस ने जब सिपाही का मेडिकल परीक्षण कराया तो डॉक्टरों ने बताया कि वह झूठ बोल रहा है। इस आधार पर गगहा पुलिस ने सिपाही के खिलाफ अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया।

जल्दबाजी में भेज दिया था जेल

सिपाही को जेल भेजने के बाद पुलिस शांत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि सिपाही ने कहीं पर अपना बैग खो दिया। इसके बाद झूठी कहानी बना रहा है। लेकिन जांच के दौरान इस मामले में ठोस सुराग मिले। यह पता लगा कि सिपाही को कार में बैठाकर कोल्ड ड्रिंक पिलाई गई थी। मामले की जांच में जुटी एसटीएफ ने आजमगढ़ जिले के बनकपुरा निवासी दिनेश निषाद को अरेस्ट किया। उसके पास से लूटी गई कार्बाइन, कारतूस, नशे की गोलियां और जूस बरामद हुआ। उसने एसटीएफ को बताया कि आजमगढ़ के अहरौला, लदौड़ा, डाही निवासी अंकित निषाद और अंकित के जीजा संग मिलकर वारदात को अंजाम दिया गया था। बाघागाड़ा में सिपाही को नशा पिलाया गया। नशा चढ़ने पर सिपाही ने खुद को पुलिस वाला बताते हुए कुछ पिलाने की आशंका जताई। तब जहरखुरानों ने उसे वाहन से फेंक दिया। उसके गले से सोने की चेन, नकदी, बैग लेकर अंकित का जीजा रोडवेज बस से आजमगढ़ पहुंच गया।

डॉक्टर देते सही रिपोर्ट तो जेल न जाता बेकसूर सिपाही

सिपाही की सूचना पर जांच के बजाय अफसरों ने काफी जल्दबाजी दिखाई। इस चक्कर में सिपाही जेल चला गया। पूछताछ में सामने आया है कि दिनेश निषाद अपने साथियों संग मिलकर काफी दिनों से वारदात कर रहा था। दो अप्रैल को वह अपने अन्य साथियों संग रेलवे स्टेशन पर आया। रात में स्टैंड में वाहन खड़ा करके सो गया। स्टेशन पर कोई सवारी नहीं मिली तो शिकार की तलाश में नौसढ़ पहुंचे। वहां सिपाही को टारगेट बना लिया। एसटीएफ की कार्रवाई के बाद से गगहा पुलिस भी संदेह के घेरे में आ गई है। कहा जा रहा है कि पुलिस अधिकारियों के दबाव में डॉक्टरों ने बताया कि सिपाही को कोई नशा नहीं दिया गया है।

कार्बाइन बेचने के लिए ग्राहक खोजते रहे बदमाश

सिपाही की वर्दी बदमाशों ने रास्ते में फेंक दी। उसकी कार्बाइन लेकर चले गए। इसके बाद वह कार्बाइन बेचने के लिए ग्राहक खोजने लगे। अच्छी कीमत के अभाव में कार्बाइन का सौदा नहीं पट सका। पूर्वाचल में सक्रिय अपराधी गिरोहों के सदस्यों ने जहरखुरानों से संपर्क साध लिया था। कार्बाइन की सौदा पट पाता इसके पहले पुलिस ने दबोच लिया। गैंग का सरगना अंकित का पिता हनुमान प्रसाद निषाद है। गैंग के सदस्य गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, अंबेडकर नगर, बलिया, सुल्तानपुर, फैजाबाद सहित कई जगहों पर वारदात करते रहे हैं।

वर्जन

सिपाही की कार्बाइन लूटने वाले जहरखुरान गैंग के सरगना को अरेस्ट कर लिया गया है। उसके अन्य साथियों की तलाश चल रही है। बाघागाड़ा में जहरखुरानों ने नौसढ़ में सिपाही को कोल्ड ड्रिंक पिलाई थी।

- सत्य प्रकाश सिंह, इंस्पेक्टर, एसटीएफ यूनिट गोरखपुर

inextlive from Gorakhpur News Desk


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