पेट्रोल पंपों में घटतौली पर सर्जिकल स्ट्राइक करेगी एसटीएफ

2019-05-21T09:16:16+05:30

हाल ही में पेन ड्राइव के जरिए ऑयल डिस्पेंसर मशीन के सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ का खुलासा हुआ था। ऐसे में पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाने की रणनीति तैयार हो रही है।

lucknow@inext.co.in
LUCKNOW : दो साल पहले ऑयल डिस्पेंसर मशीन में चिप लगाकर धोखाधड़ी करने के मामले का खुलासा करके प्रदेश भर में तहलका मचा चुकी यूपी एसटीएफ एक बार फिर पेट्रोल पंपों में घटतौली के खिलाफ 'सर्जिकल स्ट्राइक' की तैयारी में है। पेट्रोल पंपों में पेन ड्राइव के जरिये मशीनों के सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ के खुलासे के बाद एसटीएफ पूरे प्रदेश में एक बार फिर अभियान चलाने की रणनीति तैयार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, इसे लेकर एसटीएफ ने शासन को एक पत्र भी लिखा है, जिसमें छापेमारी की परमीशन मांगी गई है।


क्या है मामला

वर्ष 2017 में पेट्रोल पंपों की डिस्पेंसर यूनिट में चिप लगाकर घटतौली का खेल सामने आया था। जिसके बाद एसटीएफ ने सैकड़ों पेट्रोल पंपों में छापा मारकर जांच की थी। 50 के करीब पेट्रोल पंप सीज और उनके मालिकों व कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। हालांकि, उस दौरान पेट्रोल पंपों के मालिकों के दबाव में एसटीएफ ने कार्रवाई से हाथ खींच लिये थे। कुछ दिनों तक शांत रहने के बाद पेट्रोल पंपों में घटतौली का खेल फिर से शुरू कर दिया गया है। हाल ही में बाट-माप विभाग की एक टीम हापुड़ गई थी। वहां एक पंप मालिक की मदद से टीम पंप की मशीनों के सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ करने वाले दो इंजीनियरों से पंप मालिक बनकर मिली थी। इंजीनियरों ने उन्हें दिखाया कि किस तरह सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ करके प्रति लीटर 50 से 100 मिलीलीटर तेल की घटतौली कर सकते हैं। यह चोरी कोई भी आसानी से पकड़ भी नहीं सकता है। हालांकि, इन दोनों ही इंजीनियरों को हापुड़ पुलिस ने अरेस्ट कर लिया था।
शासन के आदेश का इंतजार
इतने बड़े पैमाने पर की जा रही चोरी को लेकर एसटीएफ के भी कान खड़े हो गए हैं। बताया गया कि एसटीएफ एक बार फिर से पूरे प्रदेश में ऐसे पेट्रोल पंपों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है। इसे लेकर रणनीति भी बनाई जा रही है। साथ ही शासन को पत्र लिखकर परमीशन मांगी गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस बार की कार्रवाई पिछली बार से ज्यादा तेज व व्यापक होगी, इसमें तमाम जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों, बांट-माप विभाग के अधिकारियों को भी साथ लिया जायेगा। हालांकि, पिछले बार के अनुभव को देखते हुए एसटीएफ का कोई भी अधिकारी इस पर कुछ भी बोलने से कतरा रहा है।

दो लाख में मिल रहा सॉफ्टवेयर

पुलिस गिरफ्त में आए दोनों आरोपी इंजीनियरों ने बताया कि यह सॉफ्टवेयर दो-दो लाख रुपये में पेट्रोल पंप मालिकों को बेचा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि दोनों ही आरोपी ऑयल कंपनियों को डिस्पेंसर यूनिट सप्लाई करने वाली कंपनी के इंजीनियर हैं। पूछताछ में उन दोनों ने बताया था कि सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ कर पेट्रोल चोरी का यह खेल यूपी समेत देश के तमाम इलाकों में किया जा रहा है।  बांट-माप विभाग ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
सॉफ्टवेयर टेंपरिंग कर पेट्रोल चोरी से हड़कंप, 51 पंप सील
'पेट्रोल पंपों की जांच व कार्रवाई को लेकर अभी कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।'
- अभिषेक सिंह, एसएसपी, एसटीएफ



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