Patna Getting Litted Up By Stolen Electricity

2013-12-27T19:10:16+05:30

Patna अगर आप पैसे देकर 24 घंटे बिजली के लिए तरस रहे हैं तो आपको बता दें कि आपके हिस्से की बिजली शहर के अंदर के ही कुछ लोग चुरा रहे हैं पेसू के ऑफिसर्स को भी इस बात की जानकारी है

आप यूं कह सकते हैं कि साउथ बिहार पॉवर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड की बिजली चोरी रोकने की तमाम कोशिशें नाकाम हो रही हैं। बिजली चोरी का यह खेल दिन के उजाले में भी आपको आसानी से दिख जाएगा। आर ब्लाक  गवर्नमेंट क्वार्टर, बुद्धा कॉलोनी, हनुमान नगर, इनकम टैक्स कॉलोनी, कंकड़बाग, मीठापुर, पंचमुखी एरिया, खगौल सहित कई जगहों पर बिजली की चोरी हो रही है। इंटरेस्टिंग बात तो यह है कि बिजली चोरी रोकने के लिए कुछ दिन पहले सेक्रेटरी लेवल पर बैठक हुई थी। इसमें एबीसी के जरिए बिजली चोरी रोकने का डिसीजन लिया गया था। इसके बावजूद शहर में खुलेआम बिजली चोरी की जा रही है। इतना ही नहीं चोरी रोकने के लिए अलग से विजिलेंस टीम भी बनाई गई है। लेकिन यह टीम भी इन एरिया में जाने से कतराती है।

 इन्हें बिजली चोरी करने में शर्म नहीं आती

 सीआईडी के लोग जमकर बिजली चोरी कर रहे हैं। पुलिस डिपार्टमेंट के सीआईडी स्टाफ्स के लिए यहां कुल 29 क्वॉटर एलाट किए गए हैं। कुछ को छोड़कर यहां के अधिकतर क्वॉटर्स में बिजली चोरी की जा रही है। पोल से सीधे नोक फंसाकर बिजली ली जा रही है।

हनुमान नगर का एंट्री प्वाइंट

कंकड़बाग के हनुमान नगर कॉलोनी के एंट्री गेट पर लगाए गए खंभे पर चोरी के कनेक्शन जुड़े हुए हैं। यहां की पब्लिक की मानें तो यह कनेक्शन पिछले दो साल से जुड़ा हुआ है। वहीं जब पेसू की रेड पड़ती है तो कुछ दिन के लिए खंभे पर से तार हटा लिए जाते हैं। वहीं बुद्धा कॉलोनी के बीडी पब्लिक स्कूल के पास लगे खंभे पर चोरी का तार खींचकर लोग बिजली जलाते हैं। कॉलोनी में देखा जाए तो अधिकतर खंभों पर टोका फंसाए गए हैं।

 खुद मुसीबत खड़ी करते हैं स्टाफ

कैपिटल के अधिकतर बिजली के खंभों पर टोका फंसाकर बिजली की चोरी की जा रही है। इससे जहां गवर्नमेंट को लाखों रुपए का चूना लग रहा है वहीं दूसरी ओर इससे लोकल फाल्ट भी होती रहती है।

इस तरह से पकड़ी जा सकती है चोरी

- ट्रांसफर्मरों पर मीटर और मोडम लगाकर।

- मोडम बिजली डिमार्टमेंट के कंम्प्यूटर से जुड़ा हो।

- टोटल पॉवर खर्च का हिसाब हो।

सेंट्रल गवर्नमेंट का सिस्टम फॉलो करें

 सेंट्रल गवर्नमेंट द्वारा एक्सप्लरेटेड डेवलमेंट रीफार्म प्रोजेक्ट यानी आरपीडीआरपी के तहत शहरी व ग्रामीण एरिया के सभी ट्रांस्फार्मरों पर इलेक्ट्रिक मीटर लगाया जा रहा है।

बिजली चोरी के लिए जब हुई थी बैठक

बिजली चोरी रोकने के लिए 18 दिसंबर को सेक्रेटरी अशोक कुमार सिन्हा द्वारा एक वीडियो कांफ्रेंसिंग की गई। उसमें बताया गया कि चोरी रोकने के लिए ट्रांसफार्मर से लोगों के घरों तक जाने वाली बिजली के तार कवर यानी एबीसी (एरियल बंच कंडक्टर) लगेगा। बिजली खंभे के अंतिम सिरे के समीप बिजली कंपनी के ऑफिसर्स कनेक्शन लेने वालों का तार जोड़ेंगे।

 

क्या कहते हैं ऑफिसर

टाइम टू टाइम पेसू बिजली चोरी के खिलाफ रेड मारती रहती है। कुछ माह पहले ही सिटी एरिया में छापा मारा गया, जिसमें चोरी पकड़े जाने पर लाखों रुपए का जुर्माना भी लगया गया। जहां की आप बात कर रहे वहां दिखवा लेते हैं। ऐसा पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।

- एसएसपी श्रीवास्तव, जीएम पेसू।


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