बस्ते में जूते लेकर पढ़ने जाते हैं जगनपुरा के बच्चे

2018-09-10T12:06:58+05:30

- सड़क के नाम पर गड्ढेनुमा कच्ची पगडंडी ही एक सहारा

श्चड्डह्लठ्ठड्ड@द्बठ्ठद्ग3ह्ल.ष्श्र.द्बठ्ठ

क्कन्ञ्जहृन्: करोड़ों की लागत से तैयार कई शिक्षण संस्थान और आवागमन के लिए कच्ची मिट्टी एवं घुटने भर पानी में उबड़- खाबड़ पगडंडी होकर जाना। पढ़कर अजीब लगता है, लेकिन यह सच है कि शहर से सटे जगनपुरा और ब्रह्मपुरा क्षेत्र आज भी आदिम युग में जी रहा है। एरिया में सड़कें नहीं बनने और जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से यहां के बच्चे प्रतिदिन अपने जूते और मोजे बस्ते में लेकर पढ़ने के लिए स्कूल जाते हैं। कारण कि इस एरिया में जलजमाव की वजह से बच्चों को घर से स्कूल नंगे पांव सफर करना पड़ता है।

मानवाधिकार आयोग में कंप्लेन

प्रभावित लोग ब्रह्मपुरा सरपंच कुमेश कुमार के नेतृत्व में मानवाधिकार आयोग पहुंच चुके हैं। उन्होंने केस नंबर 3034 वर्ष 2017 के तहत जिला कलेक्टर, कमिश्नर, बिजली विभाग और यातायात विभाग समेत दूसरे 12 पदाधिकारियों को पार्टी बनाया है। कहा गया है कि उन्हें भी स्वच्छ हवा, शिक्षा, बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और सड़क पाने का अधिकार है। लेकिन दशकों से जिम्मेदारों की लापरवाही की वजह से करीब एक लाख की आबादी प्रभावित है। लोगों को अपने घरों से निकलना मुश्किल है और असमय तबियत खराब होने पर लोग दम तोड़ देते हैं। कारण कि इस स्थान तक एंबुलेंस की पहुंच सुनिश्चित नहीं हो पाती.

शहर- गांव की पेच में फंसा जगनपुरा

जगनपुरा का कुछ हिस्सा ग्राम पंचायत में आता है तो बाकी हिस्सा शहरी वार्ड में शामिल है। लेकिन इसके विकास पर कभी कार्ययोजना नहीं बनी। एक तरफ ग्राम पंचायत के विकास पर ठोस कार्य योजना नहीं बनी वहीं शहरी क्षेत्र के हिस्से में शायद ही बुनियादी सुविधाओं की नींव रखी गई हो। खास बात यह है कि इन क्षेत्र में नामचीन और बड़ी संख्या में शिक्षण संस्थाएं हैं। जहां 50 हजार से अधिक बच्चे रोजाना शिक्षा के लिए आवागमन करते हैं। उन्हें प्रतिदिन अकेले या अपने परिजनों के साथ जोखिमपूर्ण तरीके से स्कूल से घर तक की दूरी तय करनी पड़ रही है।

जान हथेली पर लेकर चलते हैं लोग

रामबाग सोसायटी न्यू ब्रह्मपुर पटना 27 रोड नंबर चार लेन थ्री से प्रतिदिन 10 हजार से अधिक लोगों का आवागमन होता है। इस मार्ग पर कई शिक्षण संस्थाएं हैं। जहां बच्चों को पैदल या फिर अपने परिजनों के साथ बाइक पर बैठकर स्कूल आवागमन करना पड़ता है। इस मार्ग पर सड़क जगह- जगह घुटने भर से अधिक गड्ढे में त?दील है। यह मार्ग कई स्थानों पर तालाब में बदल चुकी है। मार्ग पर ईट के टुकड़े डाल दिए गए हैं। जिसपर गिरकर स्कूली छात्र और बाइक सवार उनके परिजन चोटहिल हो रहे हैं.

inextlive from Patna News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.