कोरिया में रिसर्च करेंगे स्टूडेंट्स

2019-02-26T06:01:06+05:30

सीसीएसयू के फिजिक्स डिपार्टमेंट ने किया कोरिया की पांच यूनिवर्सिटीज के साथ टाईअप

गुड़गांव में आयोजित संगोष्ठी के दौरान पांच यूनिवर्सिटीज के साथ किया गया करार

MEERUT। सीसीएसयू में फिजिक्स डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स को कोरिया में रिसर्च करने का मौका मिलेगा। गुड़गांव में हुए भारत-कोरिया व्यापार सहयोग सम्मेलन में शामिल सीसीएसयू के डॉ। संजीव शर्मा के प्रयास से यह संभव हो सका। इसके तहत इंडिया के हर्बल्स पर विदेशों में बन रही कॉस्टमेटिक और वहां की तकनीकी अपनाकर यहां के व्यापार को बेहतर बनाने के संबंध में स्टूडेंट्स को सीखने का मौका मिलेगा।

हो चुका है टाईअप

गुड़गांव की कंपनी कोइंदो ग्लोबल की ओर से गुड़गांव के होटल रमाडा में इंडो-कोरिया अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था। सम्मेलन में मेरठ की सीसीएसयू के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ। संजीव शर्मा ने कोरिया की यूनिवर्सिटीज से आपसी चर्चा कर एक्सचेंज प्रोग्राम का टाईअप किया। सम्मेलन में लगभग 15 कंपनियां शामिल रहीं, जिससे यह पता लगा कि कई कंपनियां नेचुरल बायोटेक्नोलॉजी का प्रयोग कर हमें महंगे प्रोडेक्ट्स बनाकर बेच रही हैं। ये प्रोडक्ट्स हम काफी कम कीमत पर उपलब्ध करा सकते हैं। इस दौरान कोरिया के संसद सदस्य डॉ। उदित राज ने डॉ। संजीव को बताया कि यह सम्मेलन भारत और कोरिया संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। सम्मेलन में दोनों देशों की सांस्कृतिक आदान-प्रदान और व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।

दो को ले जाने की तैयारी

डॉ। संजीव शर्मा ने बताया कि हाल फिलहाल में उनकी कई रिसर्च को लेकर टाईअप हो चुके हैं, इनमें इंडियन हर्बल बेस्ड कॉस्मेटिक, सेमी कंडक्टर डिवाइस, एनर्जी स्टोरेज डिवाइस, एडवांस इलेक्ट्रिसिटी, वूमेन एमपावरमेंट जैसे विषयों पर रिसर्च करने के लिए मेरठ के दो स्टूडेंट्स को ले जाने की तैयारी चल रही है। दोनों स्टूडेंट्स डॉ। संजीव शर्मा के साथ मिलकर कोरिया की पांच यूनिवर्सिटी में रिसर्च करेंगे। यह रिसर्च प्रोग्राम जून 2019 में शुरू होगा।

आदान-प्रदान से बढ़ेगा व्यापार

डॉ। शर्मा ने बताया कि केवल उनके स्टूडेंट्स ही नहीं कोरिया जाएंगे, बल्कि वहां के स्टूडेंटस यहां रिसर्च के लिए आएंगे। साल में कम से कम दो रिसर्च प्रोग्राम होंगे। इसके अलावा कई सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें स्टूडेंट्स को दोनों देशों की संस्कृति के प्रयोग से भारतीय व कोरिया के व्यापार को बेहतर बनाने तथा दोनों देशों की इकोनॉमी को आगे ले जाने संबंधी प्रयोग किए जाएंगे।

पांच यूनिवर्सिटी से टाईअप

1. सीवोन यूनिवर्सिटी में इंडिया हर्बल बेस्ड कॉस्मेटिक रिसर्च पर काम होगा

2. डांगगुक यूनिवर्सिटी में सेमी कंडक्टर डिवाइस पर काम होगा

3. सोगेंग यूनिवर्सिटी में एनर्जी स्टोरेज पर काम होगा

4. एजाऊ यूनिवर्सिटी में एडवांस इलेक्ट्रॉनिक पर काम होगा

5. साऊवॉन यूनिवर्सिटी वूमेन एमपावरमेंट पर काम होगा

इसमें एमएससी एवं पीएचडी के रिसर्च ही जा सकेंगे। इसके तहत यहां की यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स वहां जाकर एक से लेकर छह माह तक रहेंगे और रिसर्च करेंगे। इसी तरह वहां के स्टूडेंट्स यहां आएंगे।

डॉ। संजीव शर्मा, एसोसिएट प्राफेसर, फिजिक्स डिपार्टमेंट, सीसीएसयू

inextlive from Meerut News Desk


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