समय से जमा करें टैक्स मिलेगी छूट

2014-01-28T09:00:00+05:30

AGRA 27 Jan जनता की समय पर टैक्स न जमा करने की आदत से नगर निगम को लाखों का नुकसान हो रह है निगम की जांच में सामने आया कि इस वजह से डिपार्टमेंट को हर साल एक करोड़ से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ा लेकिन अब नगर निगम टैक्स जमा करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन करके इस नुकसान की जल्द से जल्द भरपाई करना चाहता है

मंथली नहीं होता है टैक्स जमा
नगर निगम में हाउस टैक्स, वाटर टैक्स सहित अन्य टैक्स मंथली जमा नहीं हो पा रहा है, जिसका खामियाजा आगराइट्स को भुगतना पड़ रहा था। समय से टैक्स न देने वालों की आरसी तक निकाल दी गई, जिसे लेकर पार्षद व लोगों ने कई बार जल संस्थान की घेराबंदी कर प्रदर्शन किया।

सितंबर तक का टैक्स माफ
नगर निगम ने ऐसे लोगों का सितंबर तक टैक्स माफ करने का निर्णय लिया है जिनका रिकॉर्ड निगम के पास नहीं है।
करोड़ों का हो रहा था नुकसान
सिटी में टैक्स जमा न करने वालों से नगर निगम को हर साल तकरीबन एक करोड़ से अधिक का नुकसान हो रहा था, जिसे लेकर नगर निगम काफी गंभीर दिखाई दे रहा है।
जारी कर दी आरसी
जल संस्थान में टैक्स के नाम पर वसूली का खेल चल रहा है। सिटी के कई वार्डो में बिना किसी रिकॉर्ड के लोगों के पास हजारों रुपए के बिल बनाकर भेज दिए गए। जल संस्थान ने टैक्स जमा न करने वालों के खिलाफ आरसी जारी कर दी, जब इसका विरोध हुआ तो जीएम जल संस्थान मंजू रानी ने संशोधित टैक्स जमा करने के लिए कह दिया।
नियमित टैक्स देने वालों के लिए डिस्काउंट
नगर निगम ने टाइम से टैक्स जमा करने वालों को डिस्काउंट देने की तैयारी की है, निगम के अधिकारियों का मानना है कि ऐसे लोग जो नियमित रूप से टैक्स जमा करते हैं उन्हें दस प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।
टैक्स न देने वालों को किया चिन्हित
जब नगर निगम के घाटे के ?योरे पर नजर डाली गई तो करोड़ों रुपए के टैक्स के न जमा होने की बात सामने आई। इस पर एक्शन लेते हुए नगरायुक्त ने टैक्स न देने वाले लगभग दो हजार संपत्तियों का चिन्हीकरण किया है, जिनसे टैक्स वसूलने की तैयारी की जा रही है।
इन्द्रजीत सिंह आर्य, मेयर
नियमित रूप से टैक्स नगर निगम को नहीं मिल पा रहा था जिससे निगम ने करोड़ों रुपए का नुकसान झेलना पड़ रहा है। अब ऐसी संपत्तियों का पुनरीक्षण कर टैक्स वसूलने की कार्यवाही की जाएगी।
इन्द्र विक्रम सिंह, नगर आयुक्त
टैक्स जमा न करने वाले लगभग डेढ़ हजार संपत्तियों का चिन्हीकरण किया गया है। टैक्स संबंधी अभिलेखों को ऑनलाइन किया जा रहा है, ऑनलाइन प्रक्रिया से संपत्तियों का पुनरीक्षित करने में परेशानी नहीं होगी.



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