सुसाइड लग रहा आसान डिप्रेशन ले रहा जान

2019-06-13T06:00:52+05:30

- सिटी में बढ़ते जा रहे सुसाइड केसेज

- बाते दो महीने में ही आठ लोगों ने खत्म कर ली अपनी जिंदगी

GORAKHPUR: डिप्रेशन और कम होते धैर्य व सहनशक्ति गोरखपुराइट्स को सुसाइड जैसे आत्मघाती कदम की ओर धकेल रहे हैं। शहर में बढ़ते सुसाइड केसेज तो इसी की गवाही दे रहे हैं। हाल के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। बीते दो साल में शहर के विभिन्न थानों में लगभग हर महीने ही सुसाइड के केस सामने आए हैं। सुसाइड करने वालों में ज्यादातर युवा, किशोर और महिलाएं हैं। बीते दो महीनों की ही बात करें तो आठ लोगों ने मुश्किलों से हार मान खुद की जिंदगी खत्म कर ली।

डिप्रेशन और आवेश बन रहे वजह

मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ। अमित शाही की मानें तो सामाजिक माहौल में बदलाव, माता-पिता की ओर से उम्मीदों का बढ़ता दबाव सुसाइड की मुख्य वजह बन रहा है। आत्महत्या के मामलों में देखा गया है कि सबसे ज्यादा लोगों ने जहर खाने व फांसी लगाकर सुसाइड करने का प्रयास किया है। यह तो वे मामले हैं जो सरकारी आंकड़ों में रजिस्टर्ड हुए हैं। इसके अलावा दर्जनों सुसाइड केस तो सामने ही नहीं आ पाते।

हाल के सुसाइड केस

- राजघाट एरिया में व्यापारी समेत परिवार के पांच मेंबर्स ने किया सुसाइड

- तारामंडल में दरोगा ने गोली मारकर की आत्महत्या

- शाहपुर एरिया में रेलवे अफसर ने गोली मारकर किया सुसाइड

- कैंट के महादेव झांरखंडी में प्रॉपर्टी डीलर ने ले ली खुद की जान

- खोराबार में प्रेमी जोड़े ने फांसी लगाकर किया सुसाइड

- शाहपुर के पादरी बाजार में युवक ने कमरे में फांसी लगाकर किया सुसाइड

2018 में सुसाइड केस - 35-40

जनवरी 2019 में अब तक सुसाइड केस - 10-15

केस 1

साथ जी ना सके तो खत्म कर ली जिंदगी

खोराबार एरिया के कैथवलिया में पेड़ से झूलती लव ब‌र्ड्स की डेड बॉडी मिली। लोगों ने शीशम के पेड़ से लटकती युवक-युवती की डेड बॉडी देख शोर मचाया। पुलिस के पहुंचने के बाद मामला प्रेम प्रसंग का निकला। मृतक धर्मेद्र प्रेमिका पूजा के घर आता-जाता था। करीब तीन साल से दोनों के बीच प्रेम संबंध था। तभी से एक दूसरे के साथ शादी करना चाहते थे। लड़की का परिवार नहीं माना तो दोनों ने आत्महत्या कर ली।

केस 2

पारिवारिक कलह से तंग हो लगा ली फांसी

शाहपुर एरिया में मंगलवार को टेंट कारोबारी के बेटे की कमरे में फंदे से झूलती डेड बॉडी मिली। लोगों ने बताया कि 20 साल का अमृत पढ़ने में काफी होशियार था। 10 वां तक पढ़ाई करने के बाद पिता ने उसे बिजनेस में लगा दिया। किसी बात को लेकर फैमिली में कलह थी। जिसकी वजह से उसने यह कठोर कदम उठाया।

क्या कहते हैं मनोचिकित्सक

सुसाइड की बढ़ती मनोवृत्ति का कारण मानसिक तनाव है। इसके अलावा आजकल लोगों में धैर्य व सहनशक्ति भी कम होती जा रही है। युवा वर्ग इस भागदौड़ एवं प्रतिस्पर्धा की जिंदगी में अपनी आकांक्षाओं को बहुत जल्द पूरा करना चाहता है। इसके लिए वे कोई भी कदम उठाने को तैयार रहते हैं। प्रेम प्रसंग में भी धोखा खाने के बाद आज के युवा वर्ग इस तरह के कदम उठा रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण डिप्रेशन और आवेश है।

- डॉ। अमित शाही, मानसिक रोग विशेषज्ञ

सुसाइड की घटनाएं बढ़ रही हैं। इन मामले को रोकने के लिए स्कूल स्तर पर ाउंसलिंग होनी चाहिए। वहीं परिवार के लोगों को बच्चों की असफलता पर डांटने के बजाय उनको प्रोत्साहित करना चाहिए। इसके अलावा एनजीओ व सामाजिक संगठनों के जरिए विभिन्न एरिया में जागरुकता शिविर लगाकर लोगों को ऐसा करने से रोकने के प्रयास किए जाने चाहिए।

- डॉ। राम शरण, मानसिक रोग विशेषज्ञ

inextlive from Gorakhpur News Desk


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