जानें पाकिस्तानी सेना मुख्यालय के बाहर क्यों लगे ISI मुर्दाबाद के नारे

2018-07-23T02:53:23+05:30

पाकिस्तानी सेना मुख्यालय के बाहर ISI मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। आइये जानें ऐसा क्यों किया गया।

कानपुर। पाकिस्तान में 25 जुलाई को होने वाले चुनाव को लेकर राजनीति तेज हो गई है। सभी राजनीतिक पार्टियां जोरो से अपना प्रचार कर रही हैं। इसी बीच वहां बेहद अलग नजारा देखने को मिला है। दरअसल, रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के समर्थकों ने रावलपिंडी में आर्मी हेडक्वॉर्टर के बाहर देश की खुफिया एजेंसी ISI के खिलाफ जमकर मुर्दाबाद के नारे लगाए। समर्थकों का कहना है कि आम चुनाव फिक्स है और ISI एक खास दल को गलत तरीके से जिताने की कोशिश कर रही है।
ISI नहीं चाहती चुनाव से पहले जेल से बाहर आयें नवाज
बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान में चुनाव के दौरान खुफिया एजेंसी ISI के खिलाफ खुले तौर पर ऐसी नारेबाजी नहीं के बराबर देखने को मिली थी। आर्मी हेडक्वाटर के बाहर समर्थक 'आईएसआई मुर्दाबाद और यह जो दहशतगर्दी है उसके पीछे वर्दी है' जैसे नारे लगा रहे थे। नारेबजी का एक वीडियो भी बनाया गया है, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। गौरतलब है कि शनिवार को इस्लामाबाद हाई कोर्ट के जज शौकल सिद्दीकी ने बार एसोसिएशन को संबोधित करते हुए कहा था कि ISI अलग अलग मामलों में अपने अनुकूल फैसलों के लिए लगातार जजों पर दबाव बना रही है। इसमें नवाज शरीफ का केस भी शामिल है। दरअसल, उनका कहना था कि ISI ऐसा नहीं चाहती कि नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम चुनाव से पहले जेल से बाहर आ जाएं।

#WATCH 'ISI Murdabad' slogans raised outside Pakistan Army Headquarters (GHQ) in Rawalpindi yesterday pic.twitter.com/jdWn0fVTnc

— ANI (@ANI) July 22, 2018

10 साल की सजा सुनाई
बता दें कि एहतिसाब (जवाबदेही) अदालत ने पिछले शुक्रवार को पनामा पेपर्स कांड से जुड़े भ्रष्टाचार के तीन मामलों में से एक में नवाज शरीफ को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई है और इसी मामले में उनकी बेटी मरियम को 7 साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा मरियम के पति मोहम्मद सफदर को भी एक साल की सजा हुई है। तीनों को फिलहाल आदियाला जेल में रखा है, जहां उन्हें 'बी' क्लास की सुविधाएं मिल रही हैं।

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