जज लोया की मौत के मामले में स्वतंत्र जांच होगी या नहीं एक बड़ा सवाल आज SC सुनाएगा फैसला

2018-04-19T11:28:45+05:30

सीबीआई के विशेष जज बीएच लोया की रहस्यमयी मौत के बहुचर्चित मामले में स्वतंत्र जांच होगी या नहीं एक बड़ा सवाल है। इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं। ऐसे में आज सुप्रीम कोर्ट इस मामले में स्वंतत्र जांच होगी या नहीं इस पर अपना फैसला सुनाएगा। बतादें क‍ि मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और जस्टिस ए एम खानविलकर और डी वाई चंद्रचूड वाली एक खंडपीठ ने 16 मार्च को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर केस की सुनवाई कर रहे थे जज लोया
नई दिल्ली (प्रेट्र)। सीबीआई के विशेष जज बीएच की 1 दिसंबर 2014 को कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से नागपुर में मौत हो गई थी। वह वहां अपने मित्र की बेटी की शादी में भाग लेने गए थे। न‍िधन के समय जज लोया हाई प्रोफाइल सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर केस की सुनवाई कर रहे थे। सोहराबुद्दीन केस देश का काफी चर्चि‍त एनकाउंटर केस है। इस मामले में कई पुलिस अधिकारी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का नाम भी शामिल था।
बहन ने उठाए थे मौत पर सवाल बेटे ने कहा क‍ि प‍िता की नेचुरल डेथ
ऐसे में महाराष्ट्र के पत्रकार बी एस लोने और कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने इस मामले में याच‍िका दायर कर निष्पक्ष जांच कराने की की मांग की है। याच‍िका में कहा गया है क‍ि इस मामले में घटनाओं के अनुक्रम को उजागर करने के लिए कि निष्पक्ष जांच बहुत जरूरी है। बतादें क‍ि जज लोया की मौत को लेकर बीते साल नवंबर में उनकी बहन से सवाल उठाए थे। हालांक‍ि इस साल जनवरी में जज के बेटे ने कहा था क‍ि उसके प‍िता की नेचुरल डेथ हुई है।
सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर केस में इन लोगों पर लगा था आरोप
हाई प्रोफाइल सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर केस में कई बड़े नाम शाम‍िल हुए थे। सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर केस में राजस्थान के गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया, राजस्थान के व्यवसायी विमल पाटनी, गुजरात के पूर्व पुलिस प्रमुख पीसी पांडे, एडीजीपी गीता जौहरी व गुजरात के पुलिस अफसर अभय चूडास्मा व एनके अमीन जैसे नामों पर भी आरोप लगे थे। हालांकि‍ मामले से जुड़े इन लोगों को अब तक हुई जांचों में दोषषमुक्त क‍िया जा चुका है।
चार जजों ने कांफ्रेंस में ज‍िन मुद्दों को उठाया था उसमें लोया केस भी था
बतादें क‍ि 12 जनवरी को न्यायमूर्ति लोया की मौत के मामला तब चर्चा में आया जब जस्टिस मदन बी लोकुर, कुरियन जोसेफ, रंजन गोगोई और जस्टिस चेलमेश्वर ने एक प्रेस कांफ्रेंस की थी। इस दौरान इन चारों जजों ने मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उनका आरोप था क‍ि दीपक म‍ि‍श्रा का संचालन गड़बड़ है। जजों ने कई मामलों को भी उठाया थ। इसमें मौत सीबीआई के विशेष जज बीएच का मामाल भी शाम‍िल था।

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