श्रीलंका आतंकी हमला नहीं रोक पाने के लिए निलंबित पुलिस प्रमुख ने राष्ट्रपति सिरिसेना को ठहराया जिम्मेदार

2019-06-03T12:33:10+05:30

श्रीलंका में हुए आतंकी हमले को रोकने में नाकाम रहने के लिए निलंबित पुलिस प्रमुख ने राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना को जिम्मेदार ठहराया है। इस हमले में 250 से अधिक लोग मारे गए हैं।

कोलंबो (पीटीआई)। श्रीलंका में ईस्टर्न संडे पर हुए आतंकी हमले को रोकने में नाकाम रहने के लिए निलंबित पुलिस प्रमुख ने राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने इस आतंकी हमले को इंटेलिजेंस की विफलता बताई है और बिना किसी वजह के अपनी बर्खास्तगी के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। बता दें कि भारत द्वारा साझा की गई खुफिया जानकारी पर कथित निष्क्रियता के लिए इंस्पेक्टर-जनरल पूजिथ जयसुंदरा को सिरिसेना ने अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया है। भारत ने अपनी रिपोर्ट में इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा श्रीलंका में हमले किये जाने की पहले ही चेतावनी दी थी लेकिन इसके बावजूद अधिकारी 21 अप्रैल को हुए सीरियल ब्लास्ट को रोकने में विफल रहे।
संचार की भारी कमी

पिछले हफ्ते अपनी याचिका में जयसुंदरा ने अदालत को बताया कि खुफिया एजेंसियों और सरकार के सुरक्षा हथियारों के बीच संचार की भारी कमी थी, जो सभी सिरिसेना के अधीन आते हैं और दावा किया कि उन्हें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के बीच चल रही राजनीतिक दरार के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठकों से अलग रखा गया और किसी भी बैठक में शामिल नहीं किया गया। अपने 20 पन्नों की शिकायत में पुलिस प्रमुख ने बताया कि सिरिसेना ने देश की प्रमुख जासूस एजेंसी स्टेट इंटेलिजेंस सर्विस (SIS) के प्रमुख नीलांथा जयवर्धन को राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में सीधे राष्ट्रपति को रिपोर्ट करने के लिए कहा था। जयसुंदरा ने कहा कि हमले के बारे में भारत से खुफिया जानकारी मिलने के बावजूद, एसआईएस प्रमुख ने चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया और इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।

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पुलिस प्रमुख को मिला था पत्र
9 अप्रैल को, जयसुंदरा ने बताया कि उन्हें नेशनल इंटेलिजेंस के प्रमुख सिसीरा मेंडिस का एक पत्र मिला था, जिसमें इस योजनाबद्ध हमले की जानकारी दी गई थी। इसके बाद इस बात की जानकारी देने के लिए तत्कालीन रक्षा मंत्री हेमासिरी फर्नांडो ने उन्हें फोन किया था। बता दें कि फर्नांडो को भी सिरिसेना ने हमलों को नहीं रोक पाने के लिए बर्खास्त कर दिया गया है। पूर्व इंस्पेक्टर जनरल ने कहा कि एसआईएस ने पुलिस विभाग के साथ सुरक्षा चेतावनी की जानकारी साझा नहीं की थी, लेकिन फिर भी उन्होंने जयवर्धन को हमले के खतरे को लेकर अलर्ट किया लेकिन एसआईएस प्रमुख ने उन्हें कोई कार्रवाई करने के लिए नहीं कहा। जयसुंदरा ने कहा कि हमलों के दो दिन बाद सिरिसेना ने उनसे कहा कि वे बमबारी को रोकने में विफलता के लिए अपनी जिम्मेदारी लें और अपने पद से इस्तीफा दें। हालांकि, उन्होंने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद सिरिसेना ने उन्हें बर्खास्त कर दिया।



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