ताबीज देकर नौकरी पक्की कर रहे बाबा

2016-06-10T02:12:04+05:30

PATNA तंत्रमंत्र के मामले में आपको सावधान रहने की जरुरत है क्योंकि यह विद्या काफी जटिल है और इसकी सिद्धि आसानी से हर किसी को नहीं मिल जाती राजधानी में ऐसे कई विद्वान हैं लेकिन वह सड़कों पर घूमकर हर समस्या के समाधान का दावा नहीं करते तंत्रमंत्र के सहारे घूमघूम कर लोगों की समस्या का समाधान करने वालों में अधिकतर पाखंडी ही होते हैं वह लोगों की मन की पीड़ा भांप लेते हैं और फिर कमाई करते हैं एक बार जो इनकी जाल में फंसता है वह आसानी से बाहर नहीं निकल पाता वह उन्हें इतना डरा देते हैं कि वह चाहकर भी विरोध नहीं कर पाते हैं आई नेक्स्ट की मुहिम ऐसे बाबा और तांत्रिकों के खिलाफ है जो तंत्रमंत्र का सहारा लेकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं

मुश्किल से मिलेंगे विद्वान  तंत्र-मंत्र के जानकार सड़कों पर घूमते या दुकान लगाकर बैठे नहीं मिलेंगे. क्योंकि लोग उनको तलाशते हुए उनके पास पहुंचते हैं. स्टेशन और बस अड्डों के साथ अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बैठने वाले तो सिर्फ तंत्र मंत्र के नाम पर व्यवसाय करते हैं. ज्योतिष विद्वानों का कहना है कि ऐसे लोगों से कभी पूजा अनुष्ठान या तंत्र-मंत्र की बात न करें जिनका खुद का कोई ठिकाना न हो.
साधना बिना संभव नहीं तंत्र-मंत्र  सूर्य पूजा के अध्यक्ष पण्डित हिमांशु मिश्र का कहना है कि तंत्र मंत्र करी सिद्धि आसान से नहीं मिलती है. बिना साधना के यह संभव नहीं है. पूजा तो कोई भी करा सकता है जिसे कर्मकांड की जानकारी हो और संस्कृत पर पकड़ हो. कम ज्ञज्ञन में ऐसा किया जाना नुकसान पहुंचाता है. कम ज्ञान में सिर्फ पैसा कमाया जा सकता है किसी का इसके सहारे कल्याण नहीं किया जा सकता है. यह पूर्ण रूप से गणित विज्ञान और संस्कृत है. इसके लिए ज्ञान व साधन की आवश्यकता होती है. जो सड़कों के किनारे बैठे रहते हैं वह सिर्फ आपके चेहरे पर झलक रही परेशानी को भांपकर तीर चलाते हैं. चार बात में से एक सही हो जाता है. इस पर लोग कभी कभी विश्वास कर लेते हैं. आजकल तेजी से ऐसी घटनाएं हो रही हैं जिसमें छेड़छाड़ और अन्य घटनाएं हो रही हैं. ऐसे लोग तंत्र मंत्र को बदनाम करने का काम कर रहे हैं. इन पर कार्रवाई के लिए जनता को जागरुक होना पड़ेगा.
केस  मैं तीन साल पहले बेटी की शादी को लेकर काफी परेशान रहा करती थी. हम लोग कहीं भी जाते थे रिश्ता पक्का नहीं हो पाता था. परेशान रहते थे इस बीच किसी ने एक बाबा के बारे में बता दिया. वहां गए तो बाबा ने पहले तो खर्चा नहीं बताया लेकिन बाद में बेटी के भाग्य में पति का सुख नहीं होने की बात कहकर बड़ी अनुष्ठान बताया. इतना पैसा नहीं था कि हम बाबा को दे सकते थे. इससे पूरा परिवार काफी डर गया. फिर सबकुछ ऊपर वाले पर छोड़कर हम पूरे मनोयोग से शादी तलाशने में लग गए. अपना प्रयास ही काम आया और शादी पक्की हुई. आज बेटी भी दो साल ससुराल में परिवार के साथ खुश है. -सुशीला देवी
केस मै बेरोजगार था. एक दिन अचानक मेरी नजर दीवाल पर लगे पोस्टर पर पड़ी जिसमें हर समस्या के समाधान का दावा करते हुए एक तांत्रिक का नंबर लिखा था. परेशान तो समस्या का समाधान जानने के लिए उस नम्बर को डायल कर दिया. आवाज सुनते ही सामने वाले ने कहा कि तुम पैसे को लेकर परेशान हो. तुम्हारा उपाय है मेरे पास. फोन पर ही उसने मेेरे और मेरे परिवार के बारे में जानकारी ली और 2500 रुपए एक बैंक अकाउंट में डालने की बात कही. बेरोजगारी का हवाला दिया तो बात तो एक जार में जंत्र के लिए बात पक्की हो गई. पैसा अकाउंट में भेजने के बाद भी जंत्र नहीं मिला. जब बात करने का प्रयास किया तो नंबर ही बंद मिला.  -दिलीप, प्राइवेट जॉब  
केस उन दिनों मैं बैंक की तैयारी कर रही थी और सफलता को लेकर मन में काफी डर रहता था. आत्म विश्वास में कमी थी इस कारण मैने फोन लगा दिया. फोन पर बात करते ही वह दावा करने लगा कि 100 प्रतिशत वह परीक्षा पास करा देगा. घर वालो ंसे बात की लेकिन वह तैयार नहीं हुए. वह मना करने लगे ऐसे लोगों के चक्कर में पडऩे को, लेकिन मै नहीं मानी और अपनी एक दोस्त के साथ मिलकर पैसा भेज दिया. एक ताबीज मिली. उसे पहन भी लिया लेकिन कोई बदलाव नहीं हुआ. दो साल तक संघर्ष करना पड़ा अंत में मेहनत से ही सफलता मिली. यह बात पांच साल पुरानी है. आज प्राइवेट बैंक में हूं वह भी संघर्ष के बदौलत.   -दीपिका, प्राइवेट बैंक कर्मी
अगर आप भी फंसे हैं तांत्रिक के जाल में तो हमें बताएं. अपना फीडबैक हमें 2द्धड्डह्लह्यड्डश्चश्च करें ९५३२४०४०८० पर

मुश्किल से मिलेंगे विद्वान 

तंत्र-मंत्र के जानकार सड़कों पर घूमते या दुकान लगाकर बैठे नहीं मिलेंगे. क्योंकि लोग उनको तलाशते हुए उनके पास पहुंचते हैं. स्टेशन और बस अड्डों के साथ अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बैठने वाले तो सिर्फ तंत्र मंत्र के नाम पर व्यवसाय करते हैं. ज्योतिष विद्वानों का कहना है कि ऐसे लोगों से कभी पूजा अनुष्ठान या तंत्र-मंत्र की बात न करें जिनका खुद का कोई ठिकाना न हो.

 

साधना बिना संभव नहीं तंत्र-मंत्र 

सूर्य पूजा के अध्यक्ष पण्डित हिमांशु मिश्र का कहना है कि तंत्र मंत्र करी सिद्धि आसान से नहीं मिलती है. बिना साधना के यह संभव नहीं है. पूजा तो कोई भी करा सकता है जिसे कर्मकांड की जानकारी हो और संस्कृत पर पकड़ हो. कम ज्ञज्ञन में ऐसा किया जाना नुकसान पहुंचाता है. कम ज्ञान में सिर्फ पैसा कमाया जा सकता है किसी का इसके सहारे कल्याण नहीं किया जा सकता है. यह पूर्ण रूप से गणित विज्ञान और संस्कृत है. इसके लिए ज्ञान व साधन की आवश्यकता होती है. जो सड़कों के किनारे बैठे रहते हैं वह सिर्फ आपके चेहरे पर झलक रही परेशानी को भांपकर तीर चलाते हैं. चार बात में से एक सही हो जाता है. इस पर लोग कभी कभी विश्वास कर लेते हैं. आजकल तेजी से ऐसी घटनाएं हो रही हैं जिसमें छेड़छाड़ और अन्य घटनाएं हो रही हैं. ऐसे लोग तंत्र मंत्र को बदनाम करने का काम कर रहे हैं. इन पर कार्रवाई के लिए जनता को जागरुक होना पड़ेगा.

 

केस 

मैं तीन साल पहले बेटी की शादी को लेकर काफी परेशान रहा करती थी. हम लोग कहीं भी जाते थे रिश्ता पक्का नहीं हो पाता था. परेशान रहते थे इस बीच किसी ने एक बाबा के बारे में बता दिया. वहां गए तो बाबा ने पहले तो खर्चा नहीं बताया लेकिन बाद में बेटी के भाग्य में पति का सुख नहीं होने की बात कहकर बड़ी अनुष्ठान बताया. इतना पैसा नहीं था कि हम बाबा को दे सकते थे. इससे पूरा परिवार काफी डर गया. फिर सबकुछ ऊपर वाले पर छोड़कर हम पूरे मनोयोग से शादी तलाशने में लग गए. अपना प्रयास ही काम आया और शादी पक्की हुई. आज बेटी भी दो साल ससुराल में परिवार के साथ खुश है.

-सुशीला देवी

 

केस

मै बेरोजगार था. एक दिन अचानक मेरी नजर दीवाल पर लगे पोस्टर पर पड़ी जिसमें हर समस्या के समाधान का दावा करते हुए एक तांत्रिक का नंबर लिखा था. परेशान तो समस्या का समाधान जानने के लिए उस नम्बर को डायल कर दिया. आवाज सुनते ही सामने वाले ने कहा कि तुम पैसे को लेकर परेशान हो. तुम्हारा उपाय है मेरे पास. फोन पर ही उसने मेेरे और मेरे परिवार के बारे में जानकारी ली और 2500 रुपए एक बैंक अकाउंट में डालने की बात कही. बेरोजगारी का हवाला दिया तो बात तो एक जार में जंत्र के लिए बात पक्की हो गई. पैसा अकाउंट में भेजने के बाद भी जंत्र नहीं मिला. जब बात करने का प्रयास किया तो नंबर ही बंद मिला. 

-दिलीप, प्राइवेट जॉब  

 

केस

उन दिनों मैं बैंक की तैयारी कर रही थी और सफलता को लेकर मन में काफी डर रहता था. आत्म विश्वास में कमी थी इस कारण मैने फोन लगा दिया. फोन पर बात करते ही वह दावा करने लगा कि 100 प्रतिशत वह परीक्षा पास करा देगा. घर वालो ंसे बात की लेकिन वह तैयार नहीं हुए. वह मना करने लगे ऐसे लोगों के चक्कर में पडऩे को, लेकिन मै नहीं मानी और अपनी एक दोस्त के साथ मिलकर पैसा भेज दिया. एक ताबीज मिली. उसे पहन भी लिया लेकिन कोई बदलाव नहीं हुआ. दो साल तक संघर्ष करना पड़ा अंत में मेहनत से ही सफलता मिली. यह बात पांच साल पुरानी है. आज प्राइवेट बैंक में हूं वह भी संघर्ष के बदौलत.  

-दीपिका, प्राइवेट बैंक कर्मी

 

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