टीकाकरण से रोकेंगे टीडी डिप्थीरिया

2019-06-15T06:01:01+05:30

पहली बार 10 -16 साल की उम्र तक लगेगा फ्री टीका

बुधवार और शनिवार को एएनएम लगाएंगी गर्भवतियों को टीका

MEERUT । स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से पहली बार टिटनेस एंड एडल्ट डिप्थीरिया यानी टीडी का टीकाकरण करवाया जा रहा है। जिले में इसका नियमित टीकाकरण शुरू हो गया है। इस टीकाकरण में 10 ये 16 साल के किशोरों और गर्भवती महिलाओं को शामिल किया जाएगा। जिले में बुधवार और शनिवार को एएनएम गर्भवतियों को टीका लगाएंगी।

पहली बार शामिल डिप्थीरिया

एसीएमओ डॉ। विश्वास चौधरी ने बताया कि टीकाकरण सर्विलांस आंकड़ों के अनुसार अब 18 साल की उम्र तक के किशोरों में डिप्थिीरिया रोग पाया जाने लगा है। पहले ये सिर्फ 5 साल तक के बच्चों में ही मिलता था। जिसे रोकने के लिए डेढ़, ढाई और साढ़े तीन साल की उम्र में डीपीटी टीका लगाया जाता था। इसके बाद 18 से 24 महीने बाद रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती थी। तब डिप्थीरिया टॉक्साइड टीकों की बूस्टर डोज दी जाती थी। मगर 70 प्रतिशत लोग बूस्टर डोज नहीं लेते हैं, जिसकी वजह से डिप्थीरिया की बीमारी व्यापक स्तर पर मिलने लगी है।

यह है डिप्थीरिया

कॉरीनेबैक्टीरियम डिप्थीरी नामक बैक्टरिया की वजह से डिप्थीरिया होता है। इसे सामान्य भाषा में गलघोंटू भी कहते हैं। यह रोग सर्दी, खांसी, बुखार से शुरू होता है और सही इलाज न मिलने पर हृदय, किडनी, लीवर आदि पर प्रभाव डाल देता है। कई बार इससे मौत भी हो जाती है। टीकाकरण ही इसका बचाव है।

70000 - गर्भवतियों को टीका लगाया जाएगा।

38 - पीएचसी शामिल हैं।

12 - सीएचसी शामिल हैं।

26 - अर्बन हेल्थ सेंटर्स शामिल हैं।

40 - हजार टीके सेंटर्स पर पहुंए गए हैं।

30 - हजार टीके सीएमओ हेडक्वार्टर में हैं।

हर बुधवार और शनिवार को होगा टीकाकरण।

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टीडी टीके को अब रेग्यूलर टीकाकरण में शमिल किया जा रहा है। जिले में रेग्यूलर अभियान भी शुरू हो गया है। चिंहित किए गए सभी किशोरों और गर्भवतियों को फ्री टीका लगाया जाएगा।

डॉ। राजकुमार, सीएमओ, मेरठ

inextlive from Meerut News Desk


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