एलयू की नई नीति कई विभागों पर पड़ रही है भारी

2018-09-12T12:02:31+05:30

एलयू में सेमेस्टर एग्जाम के लिए हर विभाग को चार सदस्यों का एक पैनल करना है तैयार

- कहीं एक टीचर तो कहीं गेस्ट फैकल्टी के सहारे कराई जा रही है पढ़ाई

LUCKNOW:

एलयू ने सेमेस्टर एग्जाम के लिए क्वेश्चन पेपर तैयार करने के लिए विभागों को पैनल बनाने का आदेश दिया है। पीजी के लिए चार शिक्षकों का पैनल बनाया जाना है, वहीं यूजी के लिए आठ शिक्षकों का पैनल बनाकर भेजना है। लेकिन एलयू में कई विभाग ऐसे हैं, जहां एक भी शिक्षक नहीं है। पूरा डिपार्टमेंट गेस्ट फैकल्टी के सहारे चल रहा है। वहीं कुछ डिपार्टमेंट में एक ही नियमित शिक्षक है। ऐसे में ये विभाग परेशान हैं कि इन शिक्षकों का पैनल कैसे बनाएं.

गेस्ट फैकेल्टी के सहारे विभाग

एलयू के ज्योर्तिविज्ञान विभाग, होम साइंस विभाग, जियोग्राफी विभाग में एक भी शिक्षक नहीं है। ये गेस्ट फैकल्टी के सहारे चल रहे हैं। वहीं इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, साइंस एंड टेक्नोलॉजी, इंस्टीट्यूट ऑफ विमन स्टडीज, इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म स्टडीज में एक भी शिक्षक नहीं है। ये दूसरे विभागों की विजिटिंग फैकल्टी या गेस्ट फैकल्टी के सहारे चल रहे हैं। वहीं जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन और लाइब्रेरी इंफॉरमेंशन साइंस डिपार्टमेंट में एक ही नियमित शिक्षक हैं। ऐसे में ये सभी चार व आठ शिक्षकों का पैनल कैसे भेजें। विभागों को समझ नहीं आ रहा है.

कॉलेजों की स्थिति खराब

वहीं एलयू से संबद्ध कॉलेजों की स्थिति और खराब है। सबसे बुरी हालत सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों की है। यहां जिन कोर्स की मान्यता है, शिक्षकों का मानक उसके अनुरूप नहीं है। कई कॉलेजों ने तो शिक्षकों का पैनल तक मंजूर नहीं कराया है।

अभी इन विभागों के लिए कुछ तय नहीं हुआ है। ऐसे विभाग परीक्षा विभाग को लिखकर भेजें। इस पर वीसी से चर्चा कर कुछ व्यवस्था की जाएगी।

प्रो एनके पांडेय, प्रवक्ता एलयू

inextlive from Lucknow News Desk


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