भावी इंजीनियर्स ने भरी कल्पना की उड़ान

2019-03-11T06:00:48+05:30

प्रो। वीरभद्र मिश्र मेमोरियल एयरो शो में एक से बढ़ कर एक मॉडल एरोप्लेन का हुआ प्रदर्शन

VARANASI

बीएचयू के राजपूताना हॉस्टल ग्राउंड का नजारा रविवार को एयरपोर्ट सरीखा दिखा। एक उतरा तो दूसरा उड़ने की तैयारी में था। एक से बढ़ कर एक हवाई जहाज आसमान में उड़ने को तैयार थे। जी हां यह एरोप्लेन के मॉडल थे जो आईआईटी बीएचयू के हौसले और सपनों के पंख लगाकर आसमान में उड़ रहे थे। मौका था टेक्नेक्स के तीसरे दिन हुए प्रो। वीरभद्र मिश्र एयर शो का। एयरो मॉडलिंग क्लब की ओर से हुए शो में इस कार्यक्त्रम में 25 से ज्यादा मॉडल देखने को मिले। जिसमें पेट्रोल व विद्युत दोनों ऊर्जा का उपयोग किया गया। जैसे कि ब्लैक-हॉक, ऑक्टाक्वाप्टर, क्वाड कॉप्टर, सेवियर प्लेन, जेस्टर कंट्रोल, 62 सीसी पेट्रोल इंजन प्लेन आदि शामिल थे। ये सारे मॉडल इंडियन एयरफोर्स की मदद को ध्यान में रखते हुए बनाए गए। इसके अलावा हाथ से कंट्रोल करने वाला ड्रोन, ट्राईकॉप्टर, रेसिंग क्वाड ड्रोंस, रेसिंग प्लेन इत्यादि भी देखने को मिले, जो पलक झपकते ही खुले आसमान में अपनी करामात, हावई स्टंट दिखाये और ये पूरी तरह वायरलेस तकनीक पर आधारित थे। आइटीयंस की प्रतिभा देखने के लिए बड़े पैमाने पर भीड़ भी इकट्ठा हुई, जिनके मनोरंजन के लिए क्वाडकॉप्टर ड्रोन की मदद से उनपर फूल बरसाए गए। इसके साथ ड्रोन की मदद से रंग उछालकर मन मोहित कर देने वाला भव्य तिरंगे का प्रदर्शन भी किया गया।

टेक्नेक्स का हुआ समापन

तीन दिवसीय टेक्नो-मैनेजमेंट फेस्ट के दौरान कई रंगारंग कार्यक्त्रमों से भरा रहा। विजेताओं को रोमांचक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। भावी इंजीनियर्स ने प्रसिद्ध जादूगर राम राठी के करतब देखे। राजपूताना ग्राउंड और एनसीसी ग्राउंड में कई आकर्षक खेल मौजूद थे, जिसमें एसबी, सिट डाउन, आर्चरी में बंजी बास्केटबॉल, राजपुताना ग्राउंड में फुटबॉल खेल और एनसीसी ग्राउंड में पेंटबॉल शामिल थे। जुगलर्स इवेंट में भावी इंजीनियर्स ने तरह तरह के करतब देखे। फास्ट पेंटिंग- मैराथन में सबसे लंबे कैरिकेचर ड्राइंग के लिए गिनीज व‌र्ल्ड रिकॉर्ड अवार्ड, हरिओम कुमार सिंह ने 10 मिनट से भी कम समय में महामना मदन मोहन मालवीय जी का एक सुंदर चित्र चित्रित किया।

खास से रूबरू हुए इंजीनियर्स

टेक्नेक्स के अंतिम दिन भावी इंजीनियर्स कई खास शख्सियतों से मुखातिब हुए। उनमें अमूल के वर्तमान एमडी आरएस सोढ़ी और एसिड अटैक सरवाइवर लक्ष्मी अग्रवाल प्रमुख थीं। स्वतंत्रता भवन में हुए आयोजन में आरएस सोढ़ी ने अमूल मॉडल के बारे में बताया, जो 3.6 मिलियन उद्यमियों की सफलता की कहानी को बताता है कि कैसे लोग इसे बड़ा बनाते हैं। बताया कि कैसे हजारों गरीब, भूमिहीन महिलाएं, जिन्होंने गाय से सीधे ग्राहक को दूध की आपूर्ति की ने अमूल को 45000 करोड़ रुपये के फलते-फूलते कंपनी में बदल दिया। एसिड अटैक पीडि़ताओं की मदद कर रही लक्ष्मी अग्रवाल ने अपने साथ हुए हादसे के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि उनके उपर किसी ने एसिड फेंका था उनके हौसले पर नही।

inextlive from Varanasi News Desk


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