पूजा थाली की महंगाई भी आस्था ना रोक पाई

2018-09-12T12:02:02+05:30

- तीज व्रत को लेकर तैयारियां हुई समाप्त, पति की लंबी आयु के लिए आज महिलाएं रखेंगी व्रत

GORAKHPUR: मांग में चुटकी भर सिंदूर, पिया के नाम की मेंहदी और हाथों में कंगन पहने महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए बुधवार को तीज व्रत रखने से पहले शहर में लगे श्रृंगार के बाजार में महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। सिंदूर खरीदा, मेहंदी रचाई, गहने और साडि़यां खरीदीं। हालांकि इस दौरान व्रत से जुड़ी चीजें काफी महंगी बिक रही थीं लेकिन बिक्री में कोई कमी नहीं दिखी.

खूब हुई खरीदारी

सदियों से हरियाली तीज की परंपरा चली आ रही है.पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखने वाली महिलाएं तीन से चार दिन पहले से ही तैयारियां शुरू कर देती हैं। व्रत की तैयारियों को लेकर इस बार भी शहर के बाजार गुलजार रहे। इस दौरान महिलाओं के श्रृंगार के लेटेस्ट कॉस्मेटिक सामानों की जबरदस्त डिमांड रही। तीज के एक दिन पहले गोलघर, असुरन चौराहा, मोहद्दीपुर, कूड़ाघाट, हिंदी बाजार, नखास रोड, अलहदादपुर, बेतियाहाता चौराहा आदि पर व्रत रखने वाली महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। वहीं दुकानदारों ने छोटे- छोटे स्टॉल लगाकर भी सिंदूर, चूड़ी, कंगन, बिंदी व पंडित को दान देने के लिए अतिरिक्त सामानों की खरीदारी की।

श्रृंगार के सामानों की रही डिमांड

तीज व्रत रखने वालीं सुनिता और सविता ने बताया कि तीज व्रत उनका सबसे पसंदीदा त्योहार है। इस व्रत के लिए वह तीन- चार दिन पहले से ही तैयारियां शुरू कर देती हैं। बुधवार को तीज व्रत के लिए भी उन्होंने श्रृंगार के सामानों की खरीदारी की। चूंकि व्रत हर साल रहते हैं इसलिए खरीदारी तो जरूरी है, लेकिन लास्ट इयर के मुकाबले इस बार श्रृंगार के सामान मंहगे थे। चारफाटक रोड स्थित शॉप चलाने वाले रिंकू बताते हैं कि तीज पर्व पर चूंकि डिमांड ज्यादा रहती है इसलिए बाहर से माल मंगवाना पड़ता है। श्रृंगार के सामान के सामान लास्ट इयर के मुकाबले कुछ महंगे जरूर हैं, लेकिन कोशिश होती है कि कम कीमत वाले सामान पब्लिक तक पहुंचाए जाएं।

बॉक्स

प्राचीन काल से चली आ रही परंपरा

पं। नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि हरितालिका तीज का यह प्रसिद्ध व्रत भादो माह के शुक्ल पक्ष के तृतीया को किया जाता है। तृतीया तिथि को किए जाने के कारण स्त्रियों में तीज व्रत के नाम से जाना जाता है। प्राचीन काल से इस पर्व को मनाने की परंपरा है। बुधवार को सूर्योदय के पहले उठकर व्रती महिलाएं भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा करके पूजा अर्चना करेंगी। उसके बाद शिव चालीसा का पाठ कर पूजा- अर्चना करेंगी। शाम के चार बजे के बाद वह शिव की पूजा अर्चना करेंगी।

यूं रहा कॉस्मेटिक आइटम्स का रेट

श्रृंगार का सामान लास्ट इयर रेट इस साल का रेट

बिंदी 5 10

कंगन 25- 300 25- 200

चूड़ी 20- 30 35- 45

चुन्नी 75- 90 80- 120

inextlive from Gorakhpur News Desk


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