तनाव से टूट रहे घर जा रही जान

2018-09-10T12:07:20+05:30

- डब्लूएचओ के डाटा पर गौर करें तो हर 40 सेकेंड में कोई न कोई दे रहा अपनी जान

- फैमिली डिस्प्यूट, वर्क प्रेशर और बढ़ती प्रतिस्पर्धा जान देने की सबसे बड़ी वजह

- फांसी लगाना और जहर खाने से ही सबसे ज्यादा मौतें, यंगस्टर्स में तेजी से बढ़ी सुसाइडल टेंडेंसी

KANPUR: 31 साल के आईपीएस सुरेंद्र दास का घरेलू झगड़े से ऊब कर जान देना एक ऐसी घटना है जो खुदकुशी को लेकर कई सवाल खड़े करती है। खुद डीजीपी ओपी सिंह ने भी माना कि पुलिस कर्मियों पर तनाव काफी ज्यादा है, लेकिन पुलिस अफसरों को इस तरह के तनाव से निपटने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग भी मिलती है। फिर वे कौन से हालात हैं जिनमें कोई जान दे देता है। इंडिया की बात करें तो यहां हर 40 सेकेंड में एक सुसाइड होता है। सुसाइड करने वाले 35 फीसदी से ज्यादा यंगस्टर्स ही होते हैं।

पुलिस वालों की सेहत कटघरे में

आम लोगों से अलग पुलिस कर्मियों को मजबूत और दबावमुक्त रहने की ट्रेनिंग दी जाती है। इसके बाद भी काम के तनाव परिवार से दूरी की वजह से वह तनाव में रहते हैं। कानपुर पुलिस लाइन में बीते साल कई हेल्थ कैंप लगे। जिसमें चेकअप के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को हाई ब्लड प्रेशर व हायपर टेंशन जैसी बीमारी होने की पुि1ष्ट हुई।

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तनाव को डिप्रेशन न बनने दें

मौजूदा दौर में काम के अलावा कई दूसरी चीजों के चलते तनाव होना आम बात हो गई है। यह तनाव कई बार डिप्रेशन में भी बदल जाता है। जिससे सुसाइडल टेंडेंसी डेवपल होती है। शहर के एक वरिष्ठ मानसिक रोग विशेषज्ञ बातचीत में बताते हैं कि कई बार उनके पास पुलिस अफसर भी आते हैं। इनमें डीएसपी, एसआई इंस्पेक्टर्स भी शामिल होते हैं। उसने बातचीत में वह साफ बताते हैं कि काम के बोझ की वजह से वह न तो ठीक से सो पाते हैं और न अपने परिवार को समय दे पाते हैं। कोई फिक्स दिनचर्या नहीं होने का प्रभाव भी उन पर पड़ता है.जिसकी वजह से वह कई बार डिप्रेशन में चले जाते हैं।

सुसाइड करने की अाम वजहें-

मेंटल डिसआर्डर होना, डिप्रेशन व सीजोफ्रेनिया डायग्नोस होना

- सुसाइड अटेप्ट करने के पुराने प्रयास

- नशाखोरी

- फाइनेंशियल क्राइसेस

- जॉब सिक्योरिटी, अनइंप्लाइमेंट

- घरेलू कलह, पति- पत्‍‌नी के बीच झगड़ा

- जानलेवा बीमारियों जैसे कैंसर, एचआईवी का शिकार हो जाना

- पढ़ाई और कंपीटिशन में सक्सेस का दबाव

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एनसीआरबी के डाटा में सुसाइड-

- 15 से 29 साल की उम्र में सबसे ज्यादा सुसाइड करने वालों की संख्या

- हर एक घंटे में एक स्टूडेंट करता है सुसाइड

- 1210 लोगों ने घरेलू प्रॉब्लम्स के चलते उत्तर प्रदेश में जान दी एक साल में

- महिलाओं के मुकाबले यंग एज में भी पुरुषों में सुसाइडल टेंडेंसी ज्यादा

- सुसाइड करने वाले लोगों में 7.9 फीसदी लोग सैलरीड और प्रोफेलशन

- 1046 यंगस्टर्स ने शादी से संबंधित वजहों के चलते किया सुसाइड

- सुसाइड की कुल घटनाओं में सबसे ज्यादा घटनाएं शादीशुदा लोगों ने की

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नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के 2015 के आंकड़े

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inextlive from Kanpur News Desk


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