नेपाल से आएंगे दशहतगर्द जारी किया अलर्ट

2019-06-15T06:00:04+05:30

- रमजान के पूर्व भी जताई गई थी संभावना, फिर से चेताया

- 18 जून को अयोध्या मसले पर फैसले को देखते हुए सतर्कता

GORAKHPUR: नेपाल के रास्ते इंडिया में आने वाले आतंकियों के निशाने पर गोरखनाथ मंदिर है। सीएम योगी आदित्यनाथ का क्षेत्र होने की वजह से आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा ने इसे हिस्ट लिस्ट में शामिल कर दिया है। 18 जून को अयोध्या मसले पर फैसला आने पर आतंकी संगठन कोई गड़बड़ी कर सकते हैं। इसको देखते हुए खुफिया अलर्ट जारी किया गया है। कुछ दिन पूर्व सीआईएसएफ की टीम ने गोरखनाथ मंदिर का इंस्पेक्शन करके सुरक्षा व्यवस्था जांची थी। सुरक्षा एजेंसियों में सुगबुगाहट है कि कुछ संदिग्ध नेपाल के रास्ते इंडिया में आ चुके हैं। उनके बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि इस संबंध में पुलिस अधिकारी कोई जानकारी देने से बच रहे हैं। गोरखनाथ मंदिर के साथ-साथ अयोध्या में भी खतरे की आशंका जताई गई है।

18 जून को आ सकता फैसला, सतर्कता में जुटी पुलिस

पुलिस से जुड़े लोगों का कहना है कि आतंकी हमले को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया था। इंटेलीजेंस को सूचना मिली है कि नेपाल के रास्ते घुसे लश्कर ए तैयब्बा के फिदायीन गोरखनाथ मंदिर और अयोध्या को निशाना बना सकते हैं। कहा जा रहा है कि इसके लिए आतंकी संगठन पूरी तैयारी कर चुके हैं। इंडियन गवर्नमेंट की होम मिनिस्टरी को भी इसकी जानकारी दी जा चुकी है। हमले के लिए आतंकी संगठन कुछ लोगों को तैयार करने में जुटा है। नए लोगों को ट्रेंड करक वारदात को अंजाम दिया जा सकता है।

नेपाल आया था मदनी, बढ़ी निगरानी

लश्कर ए तैयब्बा से जुड़े ऑपरेटिव मोहम्मद उमर मदनी के नेपाल में आने की सूचना खुपिफया एजेंसियों को मिली थी। मार्च में कपिलवस्तु सहित अन्य जगहों पर उसके मूवमेंट को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया। हमले के लिए वह कुछ युवकों को नेपाल के रास्ते गोरखपुर में भेज सकता है। कोलकाता, बिहार के दरभंगा सहित कई जगहों की यात्रा कर चुका मदनी अपने काम को अंजाम देने के लिए ऐसे युवाओं की तलाश में जुटा था जो उसके इशारे पर किसी वारदात को अंजाम दे सकें। हालांकि ईद में भी इस तरह का अलर्ट जारी किया गया था। ईद के दिन या उसके आसपास हमले की आशंका जताई गई थी। यह भी कहा जा रहा है कि मदनी गोरखपुर के आसपास एरिया में बेस बनाने में जुटा है। मदनी का जुड़ाव बिहार से होने की वजह से उसके यहां पर सक्रिय होने में मुश्किल नहीं आएगी।

2007 में हुआ था सीरियल बम ब्लास्ट, पकड़े गए कई आतंकी

शहर के भीतर आतंकी साया मंडराने की मुहर वर्ष 2007 में लग चुकी है। 27 मई 2007 को गोलघर में साइकिल पर टिफिन बम रखकर आतंकियों ने सीरियल ब्लास्ट किया था। इस वारदात के बाद नेपाल बॉर्डर पार कर गोरखपुर आ रहे कई संदिग्धों को पुलिस ने अरेस्ट किया। 12 साल के भीतर 20 से अधिक संदिग्धों को सुरक्षा एजेंसियां अरेस्ट कर चुकी हैं। इनमें तमाम का जुड़ाव विभिन्न आतंकी संगठनों, कश्मीर, पाक अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान से रहा है।

वर्जन

गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट मोड में रहती है। समय-समय पर रिव्यू कर इसकी पड़ताल की जाती है। सुरक्षा व्यवस्था में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बुलेटप्रूफ कार जिसे कवच का नाम दिया है उसे भी तैयार कराया गया है। हर तरह की सूचना पर नजर रखी जा रही है।

- डॉ। सुनील गुप्ता, एसएसपी

inextlive from Gorakhpur News Desk


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